सिंहभूम चेंबर की टैक्स क्लिनिक में जीएसटी एवं आयकर से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर हुई विस्तृत चर्चा
सिंहभूम चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के टैक्स एंड फाइनेंस विंग द्वारा शनिवार को चेंबर भवनए बिष्टुपुर स्थित कॉन्फ्रेंस रूम में आयोजित टैक्स क्लिनिक में व्यापारियों एवं कर पेशेवरों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत विचार.विमर्श किया गया। बैठक की अध्यक्षता चेंबर के उपाध्यक्ष टैक्स एंड फाइनेंस राजीव अग्रवाल ने की। बैठक का संचालन टैक्स एंड फाइनेंस विंग के सचिव अधिवक्ता अंशुल रिंगासिया ने कियाए जबकि सीए जगदीश खंडेलवाल सह.अध्यक्ष के रूप में उपस्थित रहे

सिंहभूम चेंबर की टैक्स क्लिनिक में जीएसटी एवं आयकर से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर हुई विस्तृत चर्चा
जमशेदपुर- सिंहभूम चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के टैक्स एंड फाइनेंस विंग द्वारा शनिवार को चेंबर भवनए बिष्टुपुर स्थित कॉन्फ्रेंस रूम में आयोजित टैक्स क्लिनिक में व्यापारियों एवं कर पेशेवरों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत विचार.विमर्श किया गया।
बैठक की अध्यक्षता चेंबर के उपाध्यक्ष टैक्स एंड फाइनेंस राजीव अग्रवाल ने की। बैठक का संचालन टैक्स एंड फाइनेंस विंग के सचिव अधिवक्ता अंशुल रिंगासिया ने कियाए जबकि सीए जगदीश खंडेलवाल सह.अध्यक्ष के रूप में उपस्थित रहे।
बैठक में उपस्थित सदस्यों ने जीएसटी एवं आयकर कानूनों के व्यावहारिक क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं एवं उनके समाधान हेतु अपने सुझाव रखे। चर्चा के दौरान निम्नलिखित प्रमुख बिंदु सामने आएकृ
जीएसटी से संबंधित प्रमुख सुझाव
बिना किसी कर चोरी अथवा फर्जीवाड़े के केवल तकनीकी अथवा मामूली त्रुटियों के आधार पर जारी किए जा रहे नोटिसों पर पुनर्विचार किए जाने की आवश्यकता व्यक्त की गई
बैठक में सदस्यों ने यह गंभीर मुद्दा उठाया कि राज्य कर विभाग द्वारा जीएसटी अधिनियम की धारा 61 के अंतर्गत जारी करते समय अधिनियम एवं नियमों में निर्धारित स्क्रूटिनी की सीमाओं से परे जाकर अत्यधिक एवं असंगत दस्तावेजों की मांग की जा रही है।
आयकर से संबंधित प्रमुख सुझाव
आयकर नियमए विशेषकर रूल 46 के उप.नियम ;8द्ध के अनुपालन में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों पर चर्चा करते हुए इसे सरल बनाने एवं इस संबंध में वित्त मंत्री तथा केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के समक्ष प्रतिनिधित्व भेजने का निर्णय लिया गया
आयुक्त अपील के समक्ष 5 से 7 वर्षों से लंबित अपीलों तथा सुनवाई की तिथि नहीं मिलने की समस्या पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। सदस्यों ने बताया कि लंबित अपीलों के बावजूद विभाग द्वारा रिफंड समायोजित किए जा रहे हैं जिससे करदाताओं को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
पार्टनरशिप फार्म पर लागू संबंधी प्रावधानों की समीक्षा करने तथा अनावश्यक अनुपालन बोझ को कम करने का सुझाव दिया गया।
विवाद से विश्वास योजना के अंतर्गत आवेदन करने के उपरांत भी विभाग द्वारा फॉर्म.4 एवं फॉर्म.5 समय पर जारी नहीं किए जाने की समस्या भी बैठक में प्रमुखता से उठाई गई।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि इन सभी महत्वपूर्ण मुद्दों का विस्तृत संकलन तैयार कर संबंधित मंत्रालयों एवं विभागों के समक्ष सिंहभूम चेंबर की ओर से प्रभावी प्रतिनिधित्व भेजा जाएगा ताकि व्यापार एवं उद्योग जगत को राहत मिल सके तथा कर प्रणाली को अधिक सरलए पारदर्शी एवं करदाता हितैषी बनाया जा सके।
बैठक में चेंबर के ट्रेजर सीए अनिल अग्रवाल अधिवक्ता राजेश कुमार अग्रवाल अधिवक्ता सतीश कुमार सिंह अधिवक्ता अशोक कुमार शर्मा आर के अग्रवाल, पी के बर्मन एवं एम भट्टाचार्य सहित अन्य सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए अपने बहुमूल्य सुझाव प्रस्तुत किए।
अंत में उपाध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि चेंबर भविष्य में भी ऐसे टैक्स क्लिनिक आयोजित करता रहेगाए ताकि व्यापारियों एवं कर विशेषज्ञों के समक्ष आने वाली व्यावहारिक समस्याओं का समाधान संवाद एवं प्रतिनिधित्व के माध्यम से कराया जा सके।



