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डॉ. रितेश कुमार के संरक्षण में पेसमेकर लगने के बाद रामप्रवेश प्रसाद स्वस्थ होकर लौटे घर

चिरौंधी बोडिया स्थित वनाचल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में हृदय रोग से पीड़ित रामप्रवेश प्रसाद का सफलतापूर्वक उपचार किया गया। अस्पताल के चिकित्सक डॉ. रितेश कुमार के संरक्षण, कुशल चिकित्सा व्यवस्था तथा अस्पताल कर्मियों की समर्पित सेवा से मरीज तेजी से स्वस्थ होकर घर लौट सके

डॉ. रितेश कुमार के संरक्षण में पेसमेकर लगने के बाद रामप्रवेश प्रसाद स्वस्थ होकर लौटे घर

चिरौंधी बोडिया स्थित वनाचल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में हृदय रोग से पीड़ित रामप्रवेश प्रसाद का सफलतापूर्वक उपचार किया गया। अस्पताल के चिकित्सक डॉ. रितेश कुमार के संरक्षण, कुशल चिकित्सा व्यवस्था तथा अस्पताल कर्मियों की समर्पित सेवा से मरीज तेजी से स्वस्थ होकर घर लौट सके।

जानकारी के अनुसार, हृदय की धड़कन अनियमित होने के कारण रामप्रवेश प्रसाद को पेसमेकर लगाया गया था। उपचार के बाद उनकी स्वास्थ्य स्थिति अब पूरी तरह स्थिर है और वे स्वयं को बेहतर महसूस कर रहे हैं।

रामप्रवेश प्रसाद ने अस्पताल प्रबंधन, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें यहां परिवार जैसा सहयोग और स्नेह मिला। उन्होंने कहा, “पेसमेकर लगने के बाद मुझे नया जीवन मिला है। डॉक्टरों और अस्पताल के सभी सदस्यों का व्यवहार बेहद विनम्र और सहयोगात्मक रहा।

बालमुकुंद प्रसाद मरीज के छोटे भाई जयपुर ब्रांच मैनेजर स्टेट बैंक आँफ इंडिया बहन संध्या सिन्हा दामाद बिरेश प्रसाद बेटे नवीन प्रवीन छोटू बेटी निकिता ने भी अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं, चिकित्सकीय देखभाल और मानवीय संवेदनाओं की सराहना करते हुए कहा कि यहां मरीजों का इलाज केवल दवाओं से ही नहीं, बल्कि आत्मीय व्यवहार और समर्पित सेवा भाव से भी किया जाता है।

उन्होंने कहा कि बना चल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर मानवता और सेवा की मिसाल प्रस्तुत कर रहा है। डॉ. रितेश कुमार के कुशल नेतृत्व और सकारात्मक व्यवहार के कारण मरीज शीघ्र स्वस्थ होकर घर लौट रहे हैं।

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