अभिनव कला संगम डालमियानगर अध्यक्ष कमलेश पहूचे गीता थिएटर के अभ्यास कक्ष, हिन्दी सिनेमा अभिनेता हंगल जी के रंगमंचीय जीवन और संघर्ष से रूबरू हुए गीता थिएटर के युवा कलाकार
डालमियानगर अभिनव कला संगम राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव के अध्यक्ष एवं हिन्दुस्तान समाचार-पत्र के पत्रकार श्री कमलेश जी अपने जमशेदपुर प्रवास के दौरान गीता थिएटर जमशेदपुर के अभ्यास कक्ष पहुँचे। इस दौरान उन्होंने पहले डालमियानगर राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव 2026 के लिए गीता थिएटर को आमंत्रित किया और नाट्य ट्रस्ट के युवा कलाकारों से रंगमंच, अभिनय और कला के विभिन्न पहलुओं पर प्रेरणादायी संवाद किया

अभिनव कला संगम डालमियानगर अध्यक्ष कमलेश पहूचे गीता थिएटर के अभ्यास कक्ष, हिन्दी सिनेमा अभिनेता हंगल जी के रंगमंचीय जीवन और संघर्ष से रूबरू हुए गीता थिएटर के युवा कलाकार

जमशेदपुर- डालमियानगर अभिनव कला संगम राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव के अध्यक्ष एवं हिन्दुस्तान समाचार-पत्र के पत्रकार श्री कमलेश जी अपने जमशेदपुर प्रवास के दौरान गीता थिएटर जमशेदपुर के अभ्यास कक्ष पहुँचे। इस दौरान उन्होंने पहले डालमियानगर राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव 2026 के लिए गीता थिएटर को आमंत्रित किया और नाट्य ट्रस्ट के युवा कलाकारों से रंगमंच, अभिनय और कला के विभिन्न पहलुओं पर प्रेरणादायी संवाद किया।
कार्यक्रम के दौरान श्री कमलेश ने हिन्दी सिनेमा के सुप्रसिद्ध अभिनेता, रंगमंच कलाकार एवं स्वतंत्रता सेनानी अवतार किशन हंगल के रंगमंचीय जीवन, संघर्ष और कला के प्रति उनके समर्पण से युवा कलाकारों को परिचित कराया। उन्होंने बताया कि 26 अगस्त 2012 को हंगल जी का निधन हुआ था। भारतीय कला एवं सिनेमा में उनके अमूल्य योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें वर्ष 2006 में पद्म भूषण से सम्मानित किया था।
श्री कमलेश ने युवा कलाकारों को बताया कि अवतार किशन हंगल ने रंगमंच से अपने अभिनय जीवन की मजबूत शुरुआत की और बाद में हिन्दी सिनेमा में भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। शोले, नमक हराम, आईना, शौकीन, अवतार, बावर्ची और परिचय जैसी फिल्मों में उनके यादगार अभिनय ने उन्हें दर्शकों के बीच विशेष पहचान दिलाई।
उन्होंने कहा कि एक कलाकार के लिए केवल प्रसिद्धि हासिल करना ही लक्ष्य नहीं होना चाहिए, बल्कि निरंतर अभ्यास, अनुशासन, संघर्ष और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझना भी आवश्यक है। रंगमंच समाज को जागरूक करने और सकारात्मक बदलाव लाने का एक प्रभावी माध्यम है।
इस अवसर पर युवा कलाकारों को रंगमंच के प्रति समर्पित रहने, नियमित अभ्यास करने तथा अपनी कला के माध्यम से सामाजिक सरोकारों को मजबूत करने के लिए प्रेरित किया गया।
गीता थिएटर के कलाकारों ने श्री कमलेश का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अनुभवी रंगकर्मियों और कला से जुड़े व्यक्तित्वों के साथ इस तरह का संवाद युवा कलाकारों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे अनुभव उन्हें अपनी कला को बेहतर बनाने के साथ-साथ रंगमंच के प्रति और अधिक समर्पित होने की प्रेरणा देते हैं।
वहीं गीता थिएटर की अध्यक्ष श्रीमती गीता कुमारी ने बताया कि गीता थिएटर वर्तमान में टाटा स्टील के लिए डेगु और मेरा युवा भारत के लिए नशा मुक्ति जागरूकता अभियान जिला में चला रहा है और 02 सितंबर 2026 को टाटानगर रेलवे स्टेशन से गिरिडीह नाट्य महोत्सव के लिए 15 लोगों की टीम प्रस्थान करेगी।
अभ्यास कक्ष में गीता थिएटर की अध्यक्ष श्रीमती गीता कुमारी, सचिव प्रेम दीक्षित, उपाध्यक्ष धनसिह और युवा कलाकार के गंगा, अन्नत, ममता, सुरज, तमन्ना, करण, आकाश, देवू सरदार, राजु नायक, और हेमंत सुन्डी उपस्थित रहे।


