नरभेराम टीवीएस की करतूत,काम छोड़ने वाले कर्मी को 45 दिन बाद भी ड्यूज और फूल एंड फाइनल सेटलमेंट नहीं मिला, मामला चीफ लेबर कमिश्नर तक पहुंचा
साकची स्थित नरभेराम टीवीएस शोरूम की मनमानी से वहां बैक ऑफिस में कार्यरत कर्मचारी प्रीतम कुमार सिन्हा मार्च 2023 से कार्यरत थे लेकिन उन्होंने किसी कारणवश 8 जून 2026 से कंपनी से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने के पहले कंपनी को पहले ही सूचित कर दिया था कि वह 8 जून से काम नहीं करेगा और कंपनी से मौखिक और लिखित मेल के माध्यम से मई 2026 का वेतन और फूल और फाइनल सेटलमेंट देने का आग्रह किया था। इसके बावजूद तकरीबन नियमानुसार 45 दिन तक किसी कर्मचारी का फाइनल सेटलमेंट नहीं रोका जाना चाहिए लेकिन कंपनी ने उनका फूल और फाइनल सेटलमेंट रोक रखा है

नरभेराम टीवीएस की करतूत,काम छोड़ने वाले कर्मी को 45 दिन बाद भी ड्यूज और फूल एंड फाइनल सेटलमेंट नहीं मिला, मामला चीफ लेबर कमिश्नर तक पहुंचा

जमशेदपुर- साकची स्थित नरभेराम टीवीएस शोरूम की मनमानी से वहां बैक ऑफिस में कार्यरत कर्मचारी प्रीतम कुमार सिन्हा मार्च 2023 से कार्यरत थे लेकिन उन्होंने किसी कारणवश 8 जून 2026 से कंपनी से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने के पहले कंपनी को पहले ही सूचित कर दिया था कि वह 8 जून से काम नहीं करेगा और कंपनी से मौखिक और लिखित मेल के माध्यम से मई 2026 का वेतन और फूल और फाइनल सेटलमेंट देने का आग्रह किया था। इसके बावजूद तकरीबन नियमानुसार 45 दिन तक किसी कर्मचारी का फाइनल सेटलमेंट नहीं रोका जाना चाहिए लेकिन कंपनी ने उनका फूल और फाइनल सेटलमेंट रोक रखा है। जिसके कारण कर्मचारी आर्थिक तंगी झेलने को विवश हैं बार-बार मेल, व्हाट्सएप और दूरभाष के माध्यम से कंपनी के ह्यूमन रिसोर्सेज मैनेजर संगीता मंडल से बकाया भुगतान करने का आग्रह किया लेकिन कंपनी की ओर से इन्हें ना कोई उचित आश्वासन मिला ना ही कोई जवाब मिला।
जिसके बाद पीड़ित कर्मचारी प्रीतम कुमार सिन्हा ने इस आशय की शिकायत डिप्टी चीफ लेबर कमिश्नर झारखण्ड को केंद्रीयकृत लोक शिकायत निवारण और निगरानी पोर्टल के माध्यम से किया है।
इधर इस संदर्भ में जब कंपनी के हुमन रिसोर्स मैनेजर संगीता मंडल से बात की गई तो उनका कहना था कि चीफ लेबर कमिश्नर से नोटिस आएगा तो उसका जवाब हम दे देंगे।
परसुडीह थाना क्षेत्र मखदुमपुर मुंशी मोहल्ला निवासी प्रीतम कुमार सिन्हा ने बातचीत मे यह बताया कि काम छोड़ने का कारण यह है की कंपनी मे आने का पंचिंग टाइम फिक्स रहता था पर छुट्टी होने का पंचिंग टाइम फिक्स नहीं था, उसके एवज़ मे कंपनी के द्वारा कोई ओवरटाइम नहीं दिया जाता था












