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विद्यार्थियों को समाज की जमीनी सच्चाइयों से जोड़ना शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य- डॉ कविता परमार

नेचर संस्था द्वारा जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय की छात्राओं के लिए विशेष इंटर्नशिप कार्यक्रम का उदघाटन पंचायती राज व्यवस्था, ग्रामीण प्रशासन, स्थानीय संस्कृति एवं सामाजिक अध्ययन पर आधारित व्यावहारिक प्रशिक्षण

विद्यार्थियों को समाज की जमीनी सच्चाइयों से जोड़ना शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य- डॉ कविता परमार

नेचर संस्था द्वारा जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय की छात्राओं के लिए विशेष इंटर्नशिप कार्यक्रम का उदघाटन

पंचायती राज व्यवस्था, ग्रामीण प्रशासन, स्थानीय संस्कृति एवं सामाजिक अध्ययन पर आधारित व्यावहारिक प्रशिक्षण

जमशेदपुर- उच्च शिक्षा को व्यावहारिक अनुभवों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए नेचर (Nature) संस्था एवं अनुग्रह नारायण सिंह शिक्षण एवं सेवा संस्थान बागबेड़ा द्वारा संयुक्त रूप से जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान एवं हिन्दी विषय की छात्राओं के लिए विशेष इंटर्नशिप कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उदघाटन अनुग्रह नारायण सिंह शिक्षण एवं सेवा संस्थान प्रांगण में प्रोफेसर रंजीत प्रसाद, डा अशोक अविचल, डॉ विनीता परमार, डॉ कविता परमार, सी एस पी सिंह, किशोर कुमार प्रसाद, संजय सिंह, कृष्णा पाण्डेय द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। यह इंटर्नशिप प्राध्यापक एवं जिला पार्षद डॉ. कविता परमार के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को केवल पाठ्यपुस्तक आधारित अध्ययन तक सीमित न रखकर उन्हें लोकतांत्रिक संस्थाओं, ग्रामीण प्रशासन, स्थानीय शासन व्यवस्था, जनभागीदारी तथा सामाजिक-सांस्कृतिक वास्तविकताओं से सीधे जोड़ना है।

इंटर्नशिप के दौरान राजनीति विज्ञान की छात्राएं त्रि-स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था—ग्राम पंचायत, पंचायत समिति एवं जिला परिषद—की संरचना, कार्यप्रणाली, विकास योजनाओं, सामाजिक उत्तरदायित्व और स्थानीय प्रशासनिक चुनौतियों का अध्ययन करेंगी। इसके लिए छात्राओं को बागबेड़ा एवं आसपास के पंचायत क्षेत्रों का क्षेत्रीय भ्रमण कराया जाएगा, जहां वे मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, वार्ड प्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूहों तथा ग्रामीण नागरिकों से संवाद स्थापित करेंगी।
साथ ही हिन्दी विषय की छात्राएं कहानी- कविता कार्यशाला, संगोष्ठी पत्रकारिता, रिपोर्ताज लेखन के अलावा, ग्रामीण समाज, स्थानीय संस्कृति, लोकजीवन, जनजातीय परंपराओं, लोककथाओं, लोकगीतों, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरणीय चुनौतियों तथा सामाजिक परिवर्तन से जुड़े विषयों का दस्तावेजीकरण करेंगी। वे क्षेत्रीय अध्ययन, साक्षात्कार, मौखिक इतिहास और जन-अनुभवों के माध्यम से ग्रामीण भारत की वास्तविक तस्वीर को साहित्यिक एवं अकादमिक स्वरूप प्रदान करेंगी।

कार्यक्रम के अंतर्गत अनुग्रह नारायण सिंह शिक्षण एवं सेवा संस्थान में विशेष शैक्षणिक सत्रों का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें शासन, लोक प्रशासन, ग्रामीण विकास, पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास, सामाजिक न्याय, महिला नेतृत्व, लोकतांत्रिक सहभागिता तथा शोध पद्धति जैसे विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यान देंगे।

उदघाटन अवसर पर डॉ. कविता परमार ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य विद्यार्थियों को समाज की जमीनी सच्चाइयों से जोड़ना है। पंचायती राज व्यवस्था भारतीय लोकतंत्र की आधारशिला है और ग्रामीण समाज भारत की आत्मा। ऐसे में छात्राओं को स्थानीय शासन और सामाजिक-सांस्कृतिक संरचनाओं को समझने का अवसर प्रदान करना उन्हें बेहतर नागरिक, शोधकर्ता और भावी नेतृत्वकर्ता बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि यह इंटर्नशिप कार्यक्रम छात्राओं में नेतृत्व क्षमता, संवाद कौशल, शोध अभिरुचि, सामाजिक संवेदनशीलता तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता विकसित करेगा। साथ ही उन्हें ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के समाधान के प्रति व्यावहारिक दृष्टिकोण प्रदान करेगा।
नेचर संस्था के प्रतिनिधियों ने बताया कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की उस भावना के अनुरूप है, जिसमें अनुभवात्मक अधिगम, सामुदायिक सहभागिता और स्थानीय ज्ञान को शिक्षा का अभिन्न अंग बनाने पर बल दिया गया है। प्रोफेसर अशोक अविचल ने नेचर संस्था द्वारा चलाए जा रहे इंटर्नशिप प्रोग्राम को छात्राओं के लिए लाभप्रद अवसर बताया जिसके माध्यम से भविष्य निर्माण में सहायता मिलेगी। प्रोफेसर रंजीत प्रसाद ने सभी छात्राओं को शुभकामकामना देते हुए इंटर्नशिप के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा विषयवार प्रभावशाली व्यक्तियों से संवाद कर अनुभव का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। यह कार्यक्रम दो महीने तक चलेगा। इस बार संस्था द्वारा राजनीति शास्त्र, हिंदी, इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र, मनोविज्ञान, समाजशास्त्र की छात्राओं को प्रशिक्षित किया जाएगा।
उदघाटन सत्र में विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, नेचर संस्था के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित थीं। कार्यक्रम के प्रति छात्राओं में विशेष उत्साह देखने को मिला और उन्होंने इसे अपने शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत विकास के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बताया

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