रामधारी सिंह ‘दिनकर’ एवं प्रताप नारायण मिश्र जयंती समारोह के अन्तर्गत नाट्य पुस्तक ‘जिज्ञासा’ लोकार्पित
सिंहभूम जिला हिन्दी साहित्य सम्मेलन/तुलसी भवन द्वारा संस्थान के प्रयाग कक्ष में मासिक "कथा मंजरी" सह रामधारी सिंह दिनकर एवं प्रताप नारायण मिश्र जयंती समारोह आयोजित की गई । इस अवसर पर श्री संदीप सिंह 'गौतम' कृत नाट्य पुस्तक 'जिज्ञासा ' का लोकार्पण भी सम्पन्न हुआ । कार्यक्रम की अध्यक्षता तुलसी भवन के अध्यक्ष श्री सुभाष चन्द्र मुनका तथा संचालन साहित्य समिति की मार्गदर्शिका नीलिमा पाण्डेय ने की

रामधारी सिंह ‘दिनकर’ एवं प्रताप नारायण मिश्र जयंती समारोह के अन्तर्गत नाट्य पुस्तक ‘जिज्ञासा’ लोकार्पित

जमशेदपुर- सिंहभूम जिला हिन्दी साहित्य सम्मेलन/तुलसी भवन द्वारा संस्थान के प्रयाग कक्ष में मासिक “कथा मंजरी” सह रामधारी सिंह दिनकर एवं प्रताप नारायण मिश्र जयंती समारोह आयोजित की गई । इस अवसर पर श्री संदीप सिंह ‘गौतम’ कृत नाट्य पुस्तक ‘जिज्ञासा ‘ का लोकार्पण भी सम्पन्न हुआ ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता तुलसी भवन के अध्यक्ष श्री सुभाष चन्द्र मुनका तथा संचालन साहित्य समिति की मार्गदर्शिका नीलिमा पाण्डेय ने की

दीप प्रज्वलन के साथ समारोह की शुरुआत हुई । सरस्वती वंदना शकुंतला शर्मा ने प्रस्तुत किया । स्वागत वक्तव्य तुलसी भवन के मानद महासचिव डॉ प्रसेनजित तिवारी ने दिया
तदनुपरान्त का रामधारी सिंह दिनकर एवं प्रताप नारायण मिश्र संक्षिप्त साहित्यिक जीवन परिचय क्रमश : कैलाश नाथशर्मा ‘गाजीपुरी’ एवं वसंत जमशेदपुरी ने प्रस्तुत किया
कार्यक्रम के दुसरे सत्र में मंचासीन अतिथियों द्वारा नगर के युवा नाटककार संदीप सिंह ‘गौतम कृत नाट्य पुस्तक ‘जिज्ञासा ‘ का लोकार्पण किया गया । लोकार्पित पुस्तक पर पाठकीय प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रतिभा प्रसाद ‘कुमकम’ ने नाटक एवं नाटककार दोनों की भूरि – भूरि प्रशंसा की। तत्पश्चात मनीष सिंह’वंदन ने नाटककार मनीष सिंह ‘गौतम’ का विस्तृत साहित्यिक परिचय प्रस्तुत किया । इसके बाद तुलसी भवन द्वारा लेखक को पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह एवं श्रीफल प्रदान कर सम्मानित किया गया ।
कार्यक्रम के अंतिम सत्र में ‘कथा मंजरी’ के अन्तर्गत विभिन्न विषयों को स्पर्श करती हुई कुल 14 कहानियों का पाठ किया गया, जिसकी समीक्षात्मक टिप्पणी कथा पाठ के उपरान्त श्री यमुना तिवारी ‘व्यथित’ ने अपने धन्यवाद ज्ञापन के दौरान की । जो इस प्रकार है —
क्रम कथाकार कहानी
1) श्रीमती माधवी उपाध्याय निश्छल स्नेह
2) श्रीमती ममता कर्ण ‘मनस्वी’ मानदंड
3) डॉ अरुण कुमार शर्मा कहीं यह वो हाथ तो नहीं
4) डॉ उदय प्रताप हयात रोंएवाला
5) श्री सुरेश चन्द्र झा साजन हैं उस पार
6) श्रीमती नीता सागर चौधरी मेरी पहचान
7) श्रीमती प्रतिभा प्रसाद ‘कुमकुम’ मानदंड
8) श्रीमती मंजु कुमारी कर्ज
8) श्रीमती शकुंतला शर्मा बहु बनी बेटी
9) श्रीमती वीणा कुमारी ‘नंदिनी’ अक्ल बड़ा या दौलत
10) वसंत जमशेदपुरी मेंहदी
11) श्रीमती सुधा गोयल एक कॉल की दूरी
12) श्रीमती रीना गुप्ता ‘श्रुति’ पुण्यतिथि
13) श्रीमती प्रेमलता ठाकुर ज्योति
14) श्रीमती वंदना केसर भारती पिता सा स्नेह
इस अवसर पर मुख्य रुप से तुलसी भवन साहित्य समिति की मार्गदर्शिका डॉ रागिनी भूषण, सचिव डॉ अजय कुमार ओझा, सुरेश चन्द्र झा, नीता सागर चौधरी, प्रतिमा प्रसाद कुमकुम, शकुंतला शर्मा, वीणा कुमारी ‘नंदिनी’, मंजु कुमारी, विजय लक्ष्मी ‘वेदना’, माधवी उपाध्याय, प्रेमलता ठाकुर, ममता कर्ण ‘मनस्वी’, दिव्येन्दु त्रिपाठी, डॉ. अरुण कुमार शर्मा, हरभजन सिंह ‘रहबर’, अजय कुमार गुप्ता, केशव राय, मनीष सिंह ‘वंदन’, मनीष कुमार पाठक, संदीप सिंह ‘गौतम’, कैलाश नाथ शर्मा ‘गाजीपुरी’, डॉ. उदय प्रताप हयात, यमुना तिवारी ‘व्यथित’, वसंत जमशेदपुरी, वन्दना केशव भारती, बलविंदर सिंह, प्रदीप कुमार मिश्र, जितेश तिवारी, रीना गुप्ता श्रुति, रीति झा, सुधा गोयल सहित अनेक साहित्यकारों की उपस्थिति रही




