केरला पब्लिक स्कूल में डाक विभाग ने चलाया विशेष जागरूकता अभियान, 104 शिक्षकों को दी गई बचत व डाक जीवन बीमा (PLI) की जानकारी
डाक विभाग (सिंहभूम मंडल) द्वारा आज केरला पब्लिक स्कूल (KPS), बर्मामाइन्स में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम (Awareness Programme) का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों एवं आम नागरिकों के बीच डाक विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, विशेष रूप से बचत योजनाओं और 'डाक जीवन बीमा' (Postal Life Insurance - PLI) के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। सेमिनार में विद्यालय के कुल 104 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया

केरला पब्लिक स्कूल में डाक विभाग ने चलाया विशेष जागरूकता अभियान, 104 शिक्षकों को दी गई बचत व डाक जीवन बीमा (PLI) की जानकारी

जमशेदपुर – डाक विभाग (सिंहभूम मंडल) द्वारा आज केरला पब्लिक स्कूल (KPS), बर्मामाइन्स में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम (Awareness Programme) का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों एवं आम नागरिकों के बीच डाक विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, विशेष रूप से बचत योजनाओं और ‘डाक जीवन बीमा’ (Postal Life Insurance – PLI) के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। सेमिनार में विद्यालय के कुल 104 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया।

शिक्षकों को विस्तार से बताई गई डाक विभाग की विशेषताएं
कार्यक्रम के दौरान डाक विभाग के अधिकारियों ने ऑडियो-विजुअल प्रेजेंटेशन के माध्यम से डाक जीवन बीमा (PLI) और ग्रामीण डाक जीवन बीमा (RPLI) की बारीकियों को साझा किया। उन्होंने बताया कि डाक विभाग का बीमा उत्पाद किस प्रकार अन्य बीमा कंपनियों की तुलना में अधिक लाभकारी और सुरक्षित है:
कम प्रीमियम और अधिक बोनस (Low Premium & High Bonus): अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि डाक विभाग में कोई एजेंट कमीशन नहीं होता, न ही बड़े विज्ञापनों पर भारी खर्च किया जाता है। साथ ही 1.70 लाख से अधिक डाकघरों के मौजूदा स्टाफ व नेटवर्क का उपयोग होने से प्रबंधन लागत बेहद कम आती है। यही कारण है कि यह बचत सीधे ग्राहकों को उच्च बोनस (लगभग 52 रुपये प्रति हजार तक) के रूप में लौटाई जाती है।
ऐतिहासिक और भरोसेमंद पृष्ठभूमि: डाक जीवन बीमा 1 फरवरी 1884 से प्रारंभ हुई देश की सबसे पुरानी बीमा योजनाओं में से एक है। 1894 में महिलाओं को बीमा कवरेज देने वाला यह देश का पहला संस्थान बना तथा 1995 से ग्रामीण क्षेत्रों (RPLI) में भी इसका विस्तार किया गया।
कर छूट व ऑनलाइन सुविधाएं: आयकर की धारा 80C के तहत छूट, पूरे देश में किसी भी डाकघर में पॉलिसी का फ्री ट्रांसफर, ऑनलाइन प्रीमियम भुगतान और एडवांस प्रीमियम पर छूट जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। वर्तमान में यह सुविधा सरकारी कर्मचारियों के अलावा निजी संस्थानों के योग्य व डिग्री धारक कर्मचारियों के लिए भी उपलब्ध है।
’हर घर डाकघर’ की ओर बढ़ता कदम
संवाददाताओं से बातचीत में डाक विभाग के अधिकारी ने कहा कि आज देश भर में 1.70 लाख से अधिक डाकघरों का नेटवर्क है और औसतन हर 3 किलोमीटर के दायरे में डाकघर की सुविधा मौजूद है। शिक्षकों के माध्यम से यह जानकारी विद्यार्थियों और उनके परिवारों तक आसानी से पहुंच सकती है। उन्होंने बताया कि स्कूल स्तर पर यह उनका पहला ऐसा कार्यक्रम था और आने वाले समय में सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस सहित शहर के अन्य सभी सरकारी व निजी स्कूलों, कॉलेजों तथा प्रमुख संस्थानों में भी ऐसे जागरूकता सत्र आयोजित किए जाएंगे।


