झारखंड राज्यसभा चुनाव में एनडीए ने नामांकन के अंतिम दिन खोले पत्ते, निर्दलीय परिमल नथवानी को समर्थन का घोषणा
झारखण्ड की दो राज्यसभा सीटों के लिए चल रहे द्विवार्षिक चुनाव में आखिरी दिन सियासी तस्वीर और साफ हो गई। लंबे समय से उम्मीदवारों को लेकर जारी अटकलों के बीच एनडीए ने आखिरकार अपना रुख स्पष्ट करते हुए पूर्व राज्यसभा सांसद और उद्योगपति परिमल नथवानी को समर्थन देने का घोषणा कर दिया। नथवानी ने सोमवार को निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया

झारखंड राज्यसभा चुनाव में एनडीए ने नामांकन के अंतिम दिन खोले पत्ते, निर्दलीय परिमल नथवानी को समर्थन का घोषणा
रांची- झारखण्ड की दो राज्यसभा सीटों के लिए चल रहे द्विवार्षिक चुनाव में आखिरी दिन सियासी तस्वीर और साफ हो गई। लंबे समय से उम्मीदवारों को लेकर जारी अटकलों के बीच एनडीए ने आखिरकार अपना रुख स्पष्ट करते हुए पूर्व राज्यसभा सांसद और उद्योगपति परिमल नथवानी को समर्थन देने का घोषणा कर दिया। नथवानी ने सोमवार को निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया।
नामांकन से पहले नथवानी ने राजधानी रांची में भाजपा और सहयोगी दलों के विधायकों से मुलाकात की। इस दौरान राज्यसभा चुनाव को लेकर रणनीति और समर्थन पर चर्चा हुई संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने अपनी जीत को लेकर पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि झारखंड से उनका पुराना जुड़ाव रहा है और राज्य के विकास के लिए किए गए उनके कार्यों को विधायक जरूर ध्यान में रखेंगे।
नथवानी इससे पहले भी झारखंड का प्रतिनिधित्व करते हुए दो बार राज्यसभा पहुंच चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि अपने पिछले कार्यकाल में उन्होंने राज्य के विकास और विभिन्न जनहित के मुद्दों पर प्रभावी भूमिका निभाई थी। इसी अनुभव और कार्यों के आधार पर उन्हें विधायकों का समर्थन मिलने की उम्मीद है।
वहीं भाजपा विधायक दल के नेता और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि पार्टी के पास अपने दम पर सीट जीतने के लिए पर्याप्त संख्या बल नहीं था। ऐसे में राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए नथवानी को समर्थन देने का निर्णय लिया गया। उन्होंने नथवानी को अनुभवी और भरोसेमंद उम्मीदवार बताते हुए कहा कि झारखंड पहले भी उनके कामकाज को देख चुका है।
दूसरी तरफ सत्तारूढ़ गठबंधन ने इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। झामुमो नेता और मंत्री सुदिव्य कुमार ने आरोप लगाया कि भाजपा राज्यसभा चुनाव के बहाने विधायकों की खरीद-फरोख्त की राजनीति करना चाहती है। वहीं कांग्रेस के झारखंड प्रभारी के. राजू ने भी भाजपा पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
गौरतलब है कि राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने का सोमवार अंतिम दिन था। कांग्रेस ने प्रणव झा को मैदान में उतारा है, जबकि झारखंड मुक्ति मोर्चा ने बैजनाथ राम को उम्मीदवार बनाया है। ऐसे में अब राज्यसभा चुनाव को लेकर झारखंड की सियासत और दिलचस्प होती नजर आ रही है




