कोल्हान विश्वविद्यालय में “विकसित भारत के लिए शिक्षा : राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020” विषय पर आमंत्रित व्याख्यान आयोजित
कोल्हान विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में "विकसित भारत के लिए शिक्षा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020" विषय पर एक आमंत्रित व्याख्यान का आयोजन विश्वविद्यालय के गैलरी-8, शैक्षणिक भवन-सी में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रो. (डॉ.) रंजीत प्रसाद, सेवानिवृत्त प्रोफेसर एवं पूर्व विभागाध्यक्ष, धातुकर्म एवं पदार्थ अभियांत्रिकी विभाग, एनआईटी जमशेदपुर थे। वर्तमान में वे कोल्हान विश्वविद्यालय के सिंडिकेट सदस्य (राज्यपाल नामित), पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF&CC) की पर्यावरण मूल्यांकन समिति के विशेषज्ञ सदस्य तथा शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के अंतर्गत तकनीकी शिक्षा के राष्ट्रीय संयुक्त समन्वयक के रूप में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं

कोल्हान विश्वविद्यालय में “विकसित भारत के लिए शिक्षा : राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020” विषय पर आमंत्रित व्याख्यान आयोजित

चाईबासा- कोल्हान विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में “विकसित भारत के लिए शिक्षा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020” विषय पर एक आमंत्रित व्याख्यान का आयोजन विश्वविद्यालय के गैलरी-8, शैक्षणिक भवन-सी में किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रो. (डॉ.) रंजीत प्रसाद, सेवानिवृत्त प्रोफेसर एवं पूर्व विभागाध्यक्ष, धातुकर्म एवं पदार्थ अभियांत्रिकी विभाग, एनआईटी जमशेदपुर थे। वर्तमान में वे कोल्हान विश्वविद्यालय के सिंडिकेट सदस्य (राज्यपाल नामित), पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF&CC) की पर्यावरण मूल्यांकन समिति के विशेषज्ञ सदस्य तथा शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के अंतर्गत तकनीकी शिक्षा के राष्ट्रीय संयुक्त समन्वयक के रूप में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं।
अपने व्याख्यान में प्रो. (डॉ.) रंजीत प्रसाद ने विकसित भारत के निर्माण में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा, पर्यावरणीय चेतना एवं डिजिटल साक्षरता को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 विद्यार्थियों के समग्र विकास, चरित्र निर्माण तथा भारतीय संस्कृति एवं मूल्यों से जुड़े रहते हुए वैश्विक चुनौतियों का सामना करने में सक्षम नागरिक तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
अपने शुभकामना संदेश में कुलपति प्रो. (डॉ.) अंजिला गुप्ता ने कार्यक्रम की सफलता के लिए अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित कीं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 भारतीय शिक्षा व्यवस्था को अधिक समावेशी, बहुआयामी, गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारोन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों से शिक्षा में नवाचार, अनुसंधान, भारतीय ज्ञान परंपरा, नैतिक मूल्यों तथा सामाजिक उत्तरदायित्व को आत्मसात करते हुए विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आहवान किया तथा विश्वास व्यक्त किया कि कोल्हान विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए निरंतर प्रतिबद्ध रहेगा।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के डीन, विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण, शोधार्थी एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों सहित 75 से अधिक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। व्याख्यान के दौरान संवैधानिक कर्तव्यों, पर्यावरण संरक्षण तथा आधुनिक शिक्षा में भारतीय पारंपरिक ज्ञान की प्रासंगिकता पर सार्थक चर्चा हुई।
यह आयोजन भारतीय शिक्षा दिवस–2026 के अंतर्गत आयोजित गतिविधियों से भी जुड़ा रहा, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों में सांस्कृतिक चेतना, प्रश्नोत्तरी, पोस्टर प्रतियोगिता तथा जिम्मेदार नागरिकता के प्रति जागरूकता विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. नितीश कुमार महतो एवं डॉ. सोमनाथ कर, सदस्य, आईक्यूएसी द्वारा किया गया। अंत में डॉ. सोमनाथ कर ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता दोहराई।
अपने प्रेरक संदेश में प्रो. (डॉ.) रंजीत प्रसाद ने कहा, “मूल्यों, संस्कृति और उत्तरदायित्व से युक्त शिक्षा ही विकसित भारत की सशक्त नींव है


