Uncategorized

दिमागी नक्सल बोलकर मोदी ने फजीहत करवा ली – सुधीर कुमार पप्पू

स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर दिल्ली के लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं, छात्रों और बुद्धिजीवियों को कथित रूप से “दिमागी नक्सली” कहकर संबोधित किया, जिससे उनकी विचारधारा पर सवाल उठ रहे हैं। उनके इस बयान की देश-विदेश में आलोचना हो रही है। मोदी के इस बयान से ऐसा प्रतीत होता है कि उन्हें सरकार से सवाल करने वाले और अपनी स्वतंत्र राय रखने वाले पढ़े-लिखे युवाओं से परेशानी है

दिमागी नक्सल बोलकर मोदी ने फजीहत करवा ली – सुधीर कुमार पप्पू

जमशेदपुर- स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर दिल्ली के लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं, छात्रों और बुद्धिजीवियों को कथित रूप से “दिमागी नक्सली” कहकर संबोधित किया, जिससे उनकी विचारधारा पर सवाल उठ रहे हैं। उनके इस बयान की देश-विदेश में आलोचना हो रही है। मोदी के इस बयान से ऐसा प्रतीत होता है कि उन्हें सरकार से सवाल करने वाले और अपनी स्वतंत्र राय रखने वाले पढ़े-लिखे युवाओं से परेशानी है।

उन्होंने आगे कहा कि आज देश के युवा डॉक्टर, इंजीनियर और वैज्ञानिक बनने के साथ-साथ अपने अधिकारों और बेहतर व्यवस्था के लिए भी आवाज उठा रहे हैं। पढ़े-लिखे और जागरूक युवाओं की बढ़ती सक्रियता से भाजपा सरकार के सामने चुनौती उत्पन्न हो रही है। सबसे संतोष की बात यह है कि देश के छात्र, युवा और उनके अभिभावक जागरूक हो रहे हैं और सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं।

देशभर में व्यवस्था में सुधार और विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर आंदोलन हो रहे हैं। छात्र-युवाओं के साथ अब स्कूली बच्चे भी शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर सड़क पर उतर रहे हैं। “कॉकरोच जनता पार्टी” द्वारा चलाए जा रहे “स्कूल ठीक करो” अभियान ने भी सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। आने वाले समय में इन जनआंदोलनों का राजनीतिक प्रभाव देखने को मिलेगा।

समाजवादी चिंतक एवं अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने देशभर में चल रहे आंदोलनों को लेकर जारी अपने बयान में उक्त बातें कहीं। उन्होंने आगे कहा कि स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर प्रधानमंत्री को देशवासियों के बीच सकारात्मक और प्रेरणादायक संदेश देना चाहिए था। इसके बजाय “दिमागी नक्सली” जैसे शब्दों का प्रयोग कर उन्होंने अपनी असुरक्षा और राजनीतिक चिंता को उजागर किया है।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रति देश के एक बड़े वर्ग में असंतोष और नाराजगी है। आने वाले महीनों में सरकार को जनता के आक्रोश का सामना करना पड़ सकता है।

उन्होंने पश्चिम बंगाल में स्कूल की स्थिति में सुधार की मांग को लेकर हुए कथित विवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि एक व्यक्ति की कथित पिटाई से हुई मौत की घटना अत्यंत निंदनीय है। ऐसी घटनाओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

सुधीर कुमार पप्पू ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार कई मोर्चों पर विफल रही है और जनता में असंतोष बढ़ रहा है। उनका दावा है कि जेन-जी और जेन-अल्फा सहित देश के युवा वर्ग में सरकार की नीतियों को लेकर असंतोष बढ़ रहा है। इसके कारण भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राजनीतिक रूप से दबाव में हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Click to listen highlighted text!
error: Content is protected !!