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बौखला गई है मनुवादी भाजपा, मोदी सरकार का पतन जल्द होगा- सुधीर कुमार पप्पू

समाजवादी चिंतक एवं वरीय अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने कहा है कि देशभर में शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन अब जन आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। उनके अनुसार इसी व्यापक जनाक्रोश के कारण मोदी सरकार गंभीर राजनीतिक संकट से गुजर रही है और उसका पतन अब दूर नहीं है

बौखला गई है मनुवादी भाजपा, मोदी सरकार का पतन जल्द होगा- सुधीर कुमार पप्पू

जमशेदपुर- समाजवादी चिंतक एवं वरीय अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने कहा है कि देशभर में शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन अब जन आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। उनके अनुसार इसी व्यापक जनाक्रोश के कारण मोदी सरकार गंभीर राजनीतिक संकट से गुजर रही है और उसका पतन अब दूर नहीं है।

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं करना चाहती। इसी के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर पटना, लखनऊ तथा देश के विभिन्न राज्यों में लगातार छात्र आंदोलन जारी है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल भी संसद के भीतर सरकार को इन मुद्दों पर घेर रहे हैं, लेकिन शिक्षा, बेरोजगारी और महंगाई जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर समुचित चर्चा नहीं हो रही है।

सुधीर कुमार पप्पू ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ कथित पुलिसिया अत्याचार के विरोध में देशभर के छात्र और विपक्षी दल गृह मंत्री अमित शाह से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उनके अनुसार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार बैकफुट पर आ गई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी और उसके वैचारिक संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ छात्र आंदोलन की सफलता से बौखला गए हैं। उनके अनुसार दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन के बाद भाजपा और आरएसएस इस जनसमर्थन को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं और इसी कारण विरोधी आवाजों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि भारत की बेटी नेहा वोरा ने छात्रों की आवाज़ को राष्ट्रीय स्तर पर बुलंद किया, जो बड़े-बड़े विपक्षी दल भी नहीं कर पाए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि जब नेहा वोरा झारखंड की राजधानी रांची में छात्रों के अधिकार, पेपर लीक तथा परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ आंदोलन में शामिल हुईं, तब उन पर कथित रूप से स्याही फेंककर लोकतांत्रिक विरोध को दबाने का प्रयास किया गया।

सुधीर कुमार पप्पू ने आरोप लगाया कि स्याही फेंकने की घटना न केवल एक महिला के सम्मान पर हमला है, बल्कि झारखंड की अस्मिता और लोकतांत्रिक मूल्यों का भी अपमान है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने इस प्रकार की घटना को अंजाम दिया है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक नारों का प्रयोग किसी भी प्रकार की हिंसक या असंसदीय हरकत को उचित नहीं ठहरा सकता।

उन्होंने कहा कि नेहा वोरा पर हुआ हमला केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि उन हजारों छात्रों की आवाज़ पर हमला है जो शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पारदर्शी परीक्षाओं और अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि इस प्रकार की घटनाओं से छात्र आंदोलन दबने वाला नहीं है।

सुधीर कुमार पप्पू ने कहा कि केंद्र सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है और जनता में असंतोष लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने अयोध्या राम मंदिर में कथित चोरी की घटनाओं तथा अन्य विवादों का उल्लेख करते हुए सरकार और संबंधित संगठनों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा के भीतर भी सरकार के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ रही है और विभिन्न चुनावी परिणाम जनता के बदलते मूड का संकेत दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यदि गृह मंत्री अमित शाह को इस्तीफा देना पड़ता है, तो इसका सीधा राजनीतिक प्रभाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भी पड़ेगा। उनके अनुसार अब देश की जनता बदलाव चाहती है और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज़ बुलंद कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्र, युवा और आम जनता की समस्याओं का समाधान करना चाहिए, अन्यथा जनता लोकतांत्रिक माध्यमों से अपना निर्णय सुनाएगी।

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