टाटानगर में लंबित तीसरे लाइन का कार्य शीघ्र शुरू हो- मानव केडिया
सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SCCI) के अध्यक्ष मानव केडिया ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से टाटानगर रेलवे स्टेशन से संबंधित लंबे समय से लंबित तीसरे लाइन के कार्य को शीघ्र गति देने तथा आवश्यक NI (Non-Interlocking) कार्य के लिए मेगा ब्लॉक लेने का आग्रह किया है इस संबंध में रेल मंत्री को भेजे गए पत्र में SCCI ने South Eastern Railway के मेगा ब्लॉक संबंधी Memorandum No. OPT.48/50/CKP/PB/1 दिनांक 30.04.2026 तथा Railway Board के Message No. DTP/2026/04/34 दिनांक 30.04.2026 का भी संदर्भ दिया है

टाटानगर में लंबित तीसरे लाइन का कार्य शीघ्र शुरू हो- मानव केडिया
जमशेदपुर- सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SCCI) के अध्यक्ष मानव केडिया ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से टाटानगर रेलवे स्टेशन से संबंधित लंबे समय से लंबित तीसरे लाइन के कार्य को शीघ्र गति देने तथा आवश्यक NI (Non-Interlocking) कार्य के लिए मेगा ब्लॉक लेने का आग्रह किया है
इस संबंध में रेल मंत्री को भेजे गए पत्र में SCCI ने South Eastern Railway के मेगा ब्लॉक संबंधी Memorandum No. OPT.48/50/CKP/PB/1 दिनांक 30.04.2026 तथा Railway Board के Message No. DTP/2026/04/34 दिनांक 30.04.2026 का भी संदर्भ दिया है।
चैम्बर अध्यक्ष मानव केडिया ने कहा कि टाटानगर रेलवे की तीसरे लाइन का कार्य अत्यंत धीमी गति से आगे बढ़ रहा है हमें आश्वस्त किया गया था कि अप्रैल 2026 के बाद टाटानगर रेलवे क्षेत्र में तीसरे लाइन के कार्य के लिए मेगा ब्लॉक लिया जाएगा। लेकिन वर्तमान में राउरकेला रूट पर पांचवे लाइन के कार्य के लिए NI/मेगा ब्लॉक लिया जा रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि टाटानगर में लंबित तीसरे लाइन के लिए मेगा ब्लॉक क्यों नहीं लिया जा रहा है?
उन्होंने कहा कि रेलवे अधिकारियों द्वारा स्वयं यह बताया गया है कि टाटानगर में मेगा ब्लॉक के कारण होने वाले repercussions राउरकेला की तुलना में कहीं अधिक होंगे। यदि टाटानगर पर प्रभाव इतना व्यापक है, तो रेलवे को इसकी योजना पहले से बनाकर आवश्यक कार्य को उसी अवधि में पूरा करने का प्रयास करना चाहिए, ताकि भविष्य में बार-बार ट्रेनों का परिचालन प्रभावित न हो।
SCCI ने मांग की है कि राउरकेला की ओर चल रहे NI कार्य के साथ टाटानगर की तीसरे लाइन का NI कार्य भी तकनीकी रूप से संभव होने पर समानांतर अथवा समन्वित रूप से कराया जाए। इससे एक ही अवधि में अधिकतम आधारभूत संरचना कार्य पूरे किए जा सकेंगे और भविष्य में बार-बार ट्रेनों के रद्दीकरण, डायवर्जन, शॉर्ट टर्मिनेशन एवं री-शेड्यूलिंग से यात्रियों को होने वाली परेशानी कम होगी।
मानव केडिया ने कहा कि टाटानगर केवल जमशेदपुर ही नहीं, बल्कि पूरे कोल्हान क्षेत्र तथा एक बड़े औद्योगिक एवं यात्री क्षेत्र की जीवनरेखा है। बड़ी संख्या में यात्री, कर्मचारी, विद्यार्थी, व्यवसायी और उद्योग रेलवे कनेक्टिविटी पर निर्भर हैं। ऐसे में बार-बार ट्रेनों के रद्द होने अथवा डायवर्ट होने का सबसे अधिक असर टाटानगर से यात्रा करने वाले यात्रियों पर पड़ता है।
उन्होंने कहा कि तीसरे लाइन का शीघ्र निर्माण लाइन क्षमता बढ़ाने, ट्रेनों की समयबद्धता सुधारने, यात्री गाड़ियों के सुचारू परिचालन तथा क्षेत्र के औद्योगिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।
SCCI ने रेल मंत्री से मांग की है कि टाटानगर की तीसरे लाइन की वर्तमान स्थिति की उच्चस्तरीय समीक्षा कर NI कार्यक्रम शीघ्र जारी किया जाए, राउरकेला के NI कार्य के साथ समन्वय स्थापित किया जाए तथा कार्य को निश्चित एवं समयबद्ध अवधि में पूरा किया जाए।



