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यासिका ड्रिम हाईट सतबोहनी घीराजगंज स्थित ज्योतिष शिक्षण संस्थान कि विशेषता यह है कि यहाँ ज्योतिष, हस्तरेखा, और वास्तु के विषय में छात्रों को जो भी पढाया जाता है वह सब विज्ञान पर आधारित सुत्रों को अनुसरण करते हुए पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है

भारत वर्ष में किसी भी संस्था या कोई भी विश्वविद्यालय में नहीं पढ़ाया जाता है। यह अपने आप में एक अनुठा उदाहरएण है। विशेषतः वास्तुशास्त्र का पाठ्यक्रम ज्योतिष और विज्ञान आधारित होने के कारण पुरे भारतवर्ष में इसे एक अलग दर्जा प्राप्त है। यह संस्था से जो भी प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है वह झारखण्ड सरकार के साथ संस्था के सार्वजनिक दस्तावेज के अनुछेद 5 ख के माध्यम से निबंधित है

सरायकेला खरसावां आदित्यपुर- यासिका ड्रिम हाईट सतबोहनी घीराजगंज स्थित ज्योतिष शिक्षण संस्थान कि विशेषता यह है कि यहाँ ज्योतिष, हस्तरेखा, और वास्तु के विषय में छात्रों को जो भी पढाया जाता है वह सब विज्ञान पर आधारित सुत्रों को अनुसरण करते हुए पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है


जो भारत वर्ष में किसी भी संस्था या कोई भी विश्वविद्यालय में नहीं पढ़ाया जाता है। यह अपने आप में एक अनुठा उदाहरएण है। विशेषतः वास्तुशास्त्र का पाठ्यक्रम ज्योतिष और विज्ञान आधारित होने के कारण पुरे भारतवर्ष में इसे एक अलग दर्जा प्राप्त है। यह संस्था से जो भी प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है वह झारखण्ड सरकार के साथ संस्था के सार्वजनिक दस्तावेज के अनुछेद 5 ख के माध्यम से निबंधित है।

यह वार्षिक साधारण सभा में कार्यकारिणी समिति में कुछ विशेष परिवर्तन किए गए है। प्रो एस के शास्त्री को कुलपति के पद के लिए चयनित किया गया है। प्रों जे वी मुरलीकृष्णा को निर्देशक के पद के लिए बंगला देश चुना गया है। साथ ही साथ प्रो अभिजीत चक्रवर्ती को सभापति पद के लिए चयनित किया गया है। डॉ राजेश भारती को साधारण सचिव के लिये चयनित किया गया है।

संस्था के छात्रा-छात्राओ के ज्योतिष विधा के साथ-साथ आध्यात्मिक उन्नति के लिये आध्यत्मिक ज्योतिष का पढाई का कोर्स शुरू किया गया ताकि हमारे यहाँ से ज्योतिष में उत्तीर्ण होने के बाइ छात्रों में व्यक्ति का ज्योतिषिक उन्नति के साथ साथ आध्यात्मिक उन्नति का दिशा भी तय कर सके। वर्तमान समय का जरूरतों को पुरा करने के लिये यह अपना सहयोग दे सके यही इसका मुख्य उद्देश्य है। इस साल सन् 2026 में संस्थान की ओर से आध्यात्मिक ज्योतिष को कोर्स को भी शमिल किया गया

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