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एनटीएचए के कैडेट प्रेमचंद सोय और टूर्नामेंट के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी आशीष तानी पूर्ति ने भारत को मेंस अंडर 18 एशिया कप का स्वर्ण पदक दिलाया

जापान के काकामिगाहारा में आयोजित मेंस अंडर 18 एशिया कप 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद, जमशेदपुर स्थित नवल टाटा हॉकी अकादमी (एनटीएचए) भारतीय हॉकी के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न मना रही है। एनटीएचए के दो प्रमुख कैडेट आशीष तानी पूर्ति और प्रेमचंद सोय ने भारतीय अंडर 18 राष्ट्रीय टीम को स्वर्ण पदक दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई। भारत ने फाइनल मुकाबले में मेज़बान जापान को 4–1 से हराकर शानदार अंदाज़ में खिताब अपने नाम किया

एनटीएचए के कैडेट प्रेमचंद सोय और टूर्नामेंट के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी आशीष तानी पूर्ति ने भारत को मेंस अंडर 18 एशिया कप का स्वर्ण पदक दिलाया

जापान के काकामिगाहारा में आयोजित मेंस अंडर 18 एशिया कप 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद, जमशेदपुर स्थित नवल टाटा हॉकी अकादमी (एनटीएचए) भारतीय हॉकी के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न मना रही है। एनटीएचए के दो प्रमुख कैडेट आशीष तानी पूर्ति और प्रेमचंद सोय ने भारतीय अंडर 18 राष्ट्रीय टीम को स्वर्ण पदक दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई। भारत ने फाइनल मुकाबले में मेज़बान जापान को 4–1 से हराकर शानदार अंदाज़ में खिताब अपने नाम किया।

इस टूर्नामेंट ने राष्ट्रीय टीम के लिए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को तैयार करने वाले प्रमुख केंद्र के रूप में एनटीएचए की प्रतिष्ठा को और मजबूत किया। अकादमी के कैडेट्स ने भारत के अपराजित रहते हुए खिताब जीतने के अभियान में प्रत्यक्ष और महत्वपूर्ण योगदान दिया।

जापान में आयोजित इस चुनौतीपूर्ण और प्रतिस्पर्धी टूर्नामेंट के दौरान, जमशेदपुर स्थित एनटीएचए में मिले उच्चस्तरीय प्रशिक्षण, सामरिक कौशल और शारीरिक क्षमता का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला।

टूर्नामेंट के सबसे बड़े स्टार के रूप में उभरते हुए आशीष ने आधुनिक डिफेंसिव ड्रैग-फ्लिकिंग का शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 13 गोल के साथ एशिया कप के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी के रूप में टूर्नामेंट का समापन किया। खास बात यह रही कि दबाव वाले अहम मुकाबलों में उन्होंने अपने खेल का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। सेमीफाइनल और जापान के खिलाफ फाइनल दोनों में लगातार हैट्रिक लगाकर उन्होंने भारत की जीत में निर्णायक भूमिका निभाई। फाइनल में उन्होंने दूसरे, 28वें और 34वें मिनट में गोल दागे। उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें फाइनल का प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया।

भारतीय मिडफील्ड के प्रमुख खिलाड़ी के रूप में प्रेमचंद ने अपनी शानदार समझ, तेज़ खेल और बेहतरीन नियंत्रण से भारत के खेल की रफ्तार तय की। उन्होंने विपक्षी टीमों की रक्षा पंक्ति को तोड़ते हुए लगातार फॉरवर्ड खिलाड़ियों के लिए मौके बनाए। चीनी ताइपे के खिलाफ उनका महत्वपूर्ण फील्ड गोल भी भारत की सफलता में अहम रहा। उनके प्रदर्शन ने पूरे टूर्नामेंट में एशियाई टीमों पर भारत की बढ़त बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर अपनी खुशी व्यक्त करते हुए एनटीएचए के प्रोजेक्ट डायरेक्टर गुरमीत सिंह राव ने कहा: “नवल टाटा हॉकी अकादमी और पूरे झारखंड के लिए यह बेहद गर्व का क्षण है। अशीष और प्रेमचंद को सिर्फ भारतीय टीम का हिस्सा ही नहीं, बल्कि एशियाई स्तर के फाइनल जैसे बड़े मुकाबले का रुख तय करते देखना हमारी अकादमी की सोच और प्रशिक्षण व्यवस्था की सबसे बड़ी सफलता है। जब हमने इन खिलाड़ियों का चयन किया था, तभी हमें उनके असाधारण प्रतिभाशाली होने का विश्वास था। आज उन्हें सुनियोजित और पेशेवर प्रशिक्षण के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय मंच पर टूर्नामेंट के शीर्ष स्कोरर और बेहतरीन मिडफील्ड खिलाड़ी के रूप में उभरते देखना बेहद संतोष और गर्व की बात है। उन्होंने साबित कर दिया है कि हमारी उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्रणाली विश्वस्तरीय खिलाड़ी तैयार कर रही है।

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