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जुलाई में आरटीआई, सितंबर में प्रथम अपील, फिर भी साइकिल वितरण पर विभाग मौन

जन विकास मंच के अध्यक्ष सौरभ विष्णु एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी ने स्पष्ट किया है कि जमशेदपुर एवं पोटका प्रखंड में साइकिल वितरण योजना में हो रहे विलंब का मुद्दा नया नहीं है और न ही यह वर्तमान में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य से उपजा है। यह मुद्दा जुलाई माह से ही सूचना का अधिकार अधिनियम के माध्यम से उठाया जा रहा है — तब से लेकर आज तक संबंधित विभाग द्वारा न तो कोई सूचना उपलब्ध कराई गई है और न ही प्रथम अपील का कोई जवाब दिया गया है

जुलाई में आरटीआई, सितंबर में प्रथम अपील, फिर भी साइकिल वितरण पर विभाग मौन

जमशेदपुर- जन विकास मंच के अध्यक्ष सौरभ विष्णु एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी ने स्पष्ट किया है कि जमशेदपुर एवं पोटका प्रखंड में साइकिल वितरण योजना में हो रहे विलंब का मुद्दा नया नहीं है और न ही यह वर्तमान में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य से उपजा है। यह मुद्दा जुलाई माह से ही सूचना का अधिकार अधिनियम के माध्यम से उठाया जा रहा है — तब से लेकर आज तक संबंधित विभाग द्वारा न तो कोई सूचना उपलब्ध कराई गई है और न ही प्रथम अपील का कोई जवाब दिया गया है।

दर्ज तथ्यों का समयक्रम
28 जुलाई, 2026 को प्रकाशित समाचार रिपोर्ट के अनुसार जमशेदपुर एवं पोटका प्रखंड में कुल 13,500 साइकिलों का वितरण किया जाना था, जबकि उस समय तक मात्र 2,600 साइकिलें ही वितरित हो पाई थीं। इसके तत्काल बाद, 31 जुलाई, 2026 को सौरभ विष्णु ने स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, झारखंड सरकार को सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत औपचारिक आवेदन देकर साइकिल खरीद के टेंडर, आपूर्तिकर्ता कंपनी, प्रति-साइकिल दर, कुल अनुबंध राशि, वितरण के वास्तविक आंकड़े, तथा खुले में रखी साइकिलों के जंग लगने की जांच रिपोर्ट मांगी थी।

यह आवेदन विभाग को 4 अगस्त, 2026 को प्राप्त हुआ। सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 6(3) के तहत निर्धारित पांच दिवसीय अंतरण-सीमा (9 अगस्त) के एक दिन बाद, अर्थात 10 अगस्त को, आवेदन माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को अंतरित किया गया। धारा 7(1) के तहत निर्धारित 30 दिनों की सांविधिक अवधि, अर्थात 3 सितंबर, 2026 तक, कोई सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई। इस स्थिति को “सूचना देने से इनकार” (Deemed Refusal) मानते हुए सौरभ विष्णु ने अवधि समाप्त होने के तत्काल बाद धारा 19(1) के तहत प्रथम अपील दाखिल की, जिसका आज तक कोई उत्तर प्राप्त नहीं हुआ है।

हाल की रिपोर्टों में एसआईआर को कारण बताया जाना
हाल में प्रकाशित रिपोर्टों में पूर्वी सिंहभूम जिले में वित्तीय वर्ष 2026-27 के 13,748 साइकिलों के लक्ष्य में हो रहे विलंब का कारण अधिकारियों का एसआईआर कार्य में व्यस्त होना तथा जिला कल्याण पदाधिकारी एवं आईटीडीए परियोजना निदेशक के पद रिक्त होना बताया गया है। सौरभ विष्णु ने कहा कि यह व्याख्या तथ्यों से मेल नहीं खाती — उनका आरटीआई आवेदन 31 जुलाई को, तथा प्रथम अपील सितंबर की शुरुआत में, अर्थात एसआईआर के इस विलंब के लिए चर्चा में आने से पूर्व ही दाखिल की जा चुकी थी। विभाग तब भी अपनी स्वयं की सांविधिक समय-सीमाओं का पालन करने में विफल रहा था।
सौरभ विष्णु का कहना है

“यह मामला जुलाई से ही दर्ज है — पहले टेंडर और वितरण को लेकर सवाल थे, अब उसी विभाग की चुप्पी को एक नए कारण की आड़ में समझाया जा रहा है। जब तक हजारों विद्यार्थी साइकिल की प्रतीक्षा कर रहे हैं, तब तक कारण बदलते रहने से समस्या हल नहीं होती। हमारा अनुरोध केवल इतना है कि जो सूचना कानूनन मिलनी चाहिए थी, वह अब बिना और विलंब के उपलब्ध कराई जाए।”

आगे क्या
जन विकास मंच ने जिला स्तर पर एक नया आरटीआई आवेदन दाखिल किया है, जिसमें रिक्त पदों की अवधि, एसआईआर ड्यूटी आवंटन के आदेश की प्रति, तथा जमशेदपुर पश्चिम/मानगो क्षेत्र के विद्यालयवार वितरण आंकड़े मांगे गए हैं। यह मामला तब तक बंद नहीं माना जाएगा जब तक संबंधित विभाग प्रथम अपील पर उत्तर नहीं देते तथा साइकिल वितरण पूर्ण नहीं हो जाता।

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