एफटीएस युवा जमशेदपुर द्वारा बुधवार को चांडिल संच के विद्यालय ग्राम – काटिया में वन यात्रा का आयोजन किया गया। यात्रा का उद्देश्य ग्रामीणों से संवाद, एकल विद्यालय की कार्यप्रणाली की जानकारी एवं बच्चों की शैक्षणिक प्रगति को समझना रहा
ग्राम पहुंचने पर टीम का ग्रामीणों द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया। इसके पश्चात दीप प्रज्वलन कर माँ सरस्वती एवं भारत माता की पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। टीम ने ग्रामीणों के साथ परिचयात्मक संवाद किया तथा विद्यालय के संचालन से संबंधित जानकारी प्राप्त की। विद्यालय सप्ताह में छह दिन संचालित होता है तथा प्रतिदिन औसतन 20 से 25 बच्चों की उपस्थिति रहती है। कक्षाएं लगभग ढाई घंटे संचालित होती हैं। आचार्या द्वारा अभियान से प्राप्त निर्देशों एवं निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार बच्चों को शिक्षा देने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है

जमशेदपुर- एफटीएस युवा जमशेदपुर द्वारा बुधवार को चांडिल संच के विद्यालय ग्राम – काटिया में वन यात्रा का आयोजन किया गया। यात्रा का उद्देश्य ग्रामीणों से संवाद, एकल विद्यालय की कार्यप्रणाली की जानकारी एवं बच्चों की शैक्षणिक प्रगति को समझना रहा

ग्राम पहुंचने पर टीम का ग्रामीणों द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया। इसके पश्चात दीप प्रज्वलन कर माँ सरस्वती एवं भारत माता की पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। टीम ने ग्रामीणों के साथ परिचयात्मक संवाद किया तथा विद्यालय के संचालन से संबंधित जानकारी प्राप्त की।
https://youtube.com/@pramodkumarjha8189?si=gSiaIFVCRP_z2wkG
विद्यालय सप्ताह में छह दिन संचालित होता है तथा प्रतिदिन औसतन 20 से 25 बच्चों की उपस्थिति रहती है। कक्षाएं लगभग ढाई घंटे संचालित होती हैं। आचार्या द्वारा अभियान से प्राप्त निर्देशों एवं निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार बच्चों को शिक्षा देने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।
https://youtube.com/@pramodkumarjha8189?si=BtAO1R0tCq1HcW0A
वन यात्रा के दौरान टीम ने विभिन्न आयु वर्ग के बच्चों के साथ संवाद किया और उनके पाठ्यक्रम से संबंधित प्रश्न पूछे। साथ ही बच्चों को शिक्षक दिवस के महत्व के बारे में भी बताया गया। बच्चों में सीखने की उत्सुकता एवं सहभागिता देखकर टीम को प्रसन्नता हुई।
इस दौरान हिमांशु सोरेन ने विशेष रूप से सभी का ध्यान आकर्षित किया। हिमांशु ने पूरे सत्र में सक्रियता से भाग लेते हुए प्रश्नों के उत्तर आत्मविश्वास एवं तत्परता से दिए। उसमें पढ़ाई के प्रति विशेष रुचि एवं सीखने की लगन देखने को मिली। ऐसे प्रतिभाशाली एवं शिक्षा के प्रति समर्पित बच्चों को विशेष प्रोत्साहन एवं सहयोग देने की आवश्यकता है।
इसके पश्चात बच्चों के साथ भजन सत्र आयोजित किया गया। बच्चों ने अपने पारंपरिक जनजातीय गीतों पर उत्साहपूर्वक नृत्य किया। साथ ही बच्चों के साथ मनोरंजक खेल गतिविधि भी आयोजित की गई। बच्चों के लिए खाद्य सामग्री एवं जलपान भी साथ ले जाया गया।
वन यात्रा में प्रियंका साबू, रिया अग्रवाल, पायल मूंका एवं पूनम अग्रवाल की सहभागिता रही।
यह वन यात्रा बच्चों एवं ग्रामीणों के साथ शिक्षा, संस्कृति, संवाद और आत्मीय जुड़ाव का एक सुंदर एवं सार्थक अनुभव रही।


