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ऑटो वैन में क्षमता से अधिक स्कूली बच्चों को बैठाने पर जिला प्रशासन सख्ती करे – अप्पू तिवारी

स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस-प्रशासन को गंभीरता से कदम उठाने की जरूरत है। शहर में स्कूली बच्चों को ऑटो, टेम्पो और वैन में क्षमता से अधिक बैठाकर ले जाने का सिलसिला लगातार जारी है, जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। ताजा घटना गोलमुरी-एग्रिको मुख्य मार्ग पर आरक्षी मध्य विद्यालय के समीप की है, जहां स्कूली बच्चों से भरी एक टेम्पो पलट गई। हादसे में कई बच्चे घायल हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायल बच्चों को समुचित इलाज के लिए निजी अस्पताल पहुंचाया। स्थानीय लोगों की तत्परता से बच्चों को समय पर उपचार मिल सका, लेकिन यह सवाल अब भी खड़ा है कि आखिर प्रशासन कब जागेगा?

ऑटो वैन में क्षमता से अधिक स्कूली बच्चों को बैठाने पर जिला प्रशासन सख्ती करे – अप्पू तिवारी

जमशेदपुर- स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस-प्रशासन को गंभीरता से कदम उठाने की जरूरत है। शहर में स्कूली बच्चों को ऑटो, टेम्पो और वैन में क्षमता से अधिक बैठाकर ले जाने का सिलसिला लगातार जारी है, जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।

ताजा घटना गोलमुरी-एग्रिको मुख्य मार्ग पर आरक्षी मध्य विद्यालय के समीप की है, जहां स्कूली बच्चों से भरी एक टेम्पो पलट गई। हादसे में कई बच्चे घायल हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायल बच्चों को समुचित इलाज के लिए निजी अस्पताल पहुंचाया। स्थानीय लोगों की तत्परता से बच्चों को समय पर उपचार मिल सका, लेकिन यह सवाल अब भी खड़ा है कि आखिर प्रशासन कब जागेगा?

आजसू पार्टी के जिला प्रवक्ता अप्पू तिवारी ने कहा कि स्कूली बच्चों को सुरक्षित स्कूल पहुंचाना अभिभावकों और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी है। यदि ऑटो और वैन चालक नियमों की अनदेखी कर क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि केवल हादसे के बाद जांच या कार्रवाई करने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। जिला प्रशासन को स्कूल खुलने और छुट्टी होने के समय प्रमुख मार्गों तथा स्कूलों के आसपास विशेष ट्रैफिक जांच अभियान चलाना चाहिए। स्कूली वाहनों की फिटनेस, परमिट, चालक का लाइसेंस, वाहन की निर्धारित क्षमता और सुरक्षा मानकों की नियमित जांच जरूरी है।

अप्पू तिवारी ने कहा कि “बच्चे किसी वाहन की संख्या नहीं, बल्कि परिवारों की उम्मीद और समाज का भविष्य हैं। कुछ रुपये अधिक कमाने के लिए उनकी जिंदगी को जोखिम में डालना किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।”

उन्होंने जिला प्रशासन और जिला पुलिस से मांग की कि शहर के सभी स्कूलों के आसपास स्कूली वाहनों की विशेष जांच कराई जाए तथा क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने वाले वाहन चालकों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। साथ ही स्कूल प्रबंधन को भी अपने विद्यार्थियों के परिवहन की व्यवस्था की जिम्मेदारी तय करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रशासन को हादसे का इंतजार करने के बजाय हादसा होने से पहले सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना होगा। यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आज का यह हादसा कल किसी बड़े हादसे का रूप ले सकता है।

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