झारखंड मानव अधिकार संघ (JHRA) मनोज किशोर,अध्यक्ष ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) भवन में आज ईशम सिंह डीएसपी से उनके कार्यालय में मुलाकात कर जमशेदपुर में हो रही सड़क दुर्घटनाओं और प्रशासनिक लापरवाही का मुद्दा उठाया तथा उनसे इस संबंध में विचार विमर्श भी किया
विचार विमर्श के उपरांत पीयूष गोयल ,राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सचिव को एक लिखित शिकायत पत्र राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग,नई दिल्ली के कार्यालय को प्रेषित किया। प्रमुख बिंदु: अवैध ट्रक पार्किंग: टाटा-टेल्को जैसी कंपनियों के भारी वाहनों की सड़क किनारे पार्किंग से आए दिन हादसे हो रहे हैं, जिसमें हाल ही में मंत्री दीपिका पांडे की पुत्री सहित कई युवाओं की जान गई है

जमशेदपुर- आए दिन शहर में हो रही सड़क दुर्घटनाओं में निर्दोष नागरिकों की जान जा रही है।विगत दिनों दीपिका सिंह पांडेय मंत्री झारखंड सरकार की पुत्री की भी दर्दनाक मौत सड़क दुर्घटना में हो गई है।

ज्ञात हो की मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 एवं भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार) के तहत प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित सड़क और भयमुक्त जीवन जीने का अधिकार प्राप्त है, किंतु जमशेदपुर में इसका खुला उल्लंघन हो रहा है।

झारखंड मानव अधिकार संघ (JHRA) मनोज किशोर,अध्यक्ष
ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) भवन में आज ईशम सिंह डीएसपी से उनके कार्यालय में मुलाकात कर जमशेदपुर में हो रही सड़क दुर्घटनाओं और प्रशासनिक लापरवाही का मुद्दा उठाया तथा उनसे इस संबंध में विचार विमर्श भी किया। विचार विमर्श के उपरांत पीयूष गोयल ,राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सचिव को एक लिखित शिकायत पत्र राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग,नई दिल्ली के कार्यालय को प्रेषित किया।

प्रमुख बिंदु:
अवैध ट्रक पार्किंग: टाटा-टेल्को जैसी कंपनियों के भारी वाहनों की सड़क किनारे पार्किंग से आए दिन हादसे हो रहे हैं, जिसमें हाल ही में मंत्री दीपिका पांडे की पुत्री सहित कई युवाओं की जान गई है।
फुटपाथ पर कब्जा: फुटपाथों पर अतिक्रमण के कारण पैदल यात्री और स्कूली बच्चे जान जोखिम में डालकर मुख्य सड़क पर चलने को मजबूर हैं।
NHAI की लापरवाही: फ्लाईओवर निर्माण के कारण सड़कें खस्ताहाल हैं और उड़ती धूल से लोग गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
मुख्य मांगें:
जिला प्रशासन, टाटा-टेल्को और NHAI अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी हो।
सड़क पर पार्किंग पर रोक लगे और कंपनियों के परिसर के अंदर पार्किंग अनिवार्य हो। सभी बड़े औद्योगिक घराने अपनी पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
प्रमुख मार्गों के फुटपाथों को तुरंत अतिक्रमण मुक्त कराया जाए
जर्जर सड़कों की मरम्मत और नियमित जल-छिड़काव विशेष कर नेशनल हाईवे में सुनिश्चित किया जाए।
दुर्घटना व प्रदूषण पीड़ितों के लिए मुआवजे की व्यवस्था हो



