कांग्रेस नेता रियाजुद्दीन खान ने चीनी की बढ़ती हुई कीमतों पर चिंता व्यक्त की है। जो चीनी₹40 प्रति किलो मिलती थी आज उसकी कीमत बाजार में ₹70 प्रति किलो हो गई है
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों का नतीजा है कि चीनी का दाम आसमान छू रहा है और चीनी गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के पहुंच से बाहर हो गई है। यह सर्वे विदित है कि चीनी गन्ने के रस से बनती है और अधिकांश गन्ने या गन्ने का रस इथेनॉल बनाने में चला जा रहा है जो एथेनॉल पेट्रोल में मिलाया जा रहा है। ज्ञात हो कि 90 लाख मैट्रिक टन गन्ने का रस इथेनॉल बनाने में इस्तेमाल हो रहा है जिससे चीनी बनाने के लिए गन्ने का रस नहीं मिल पा रहा है और नतीजा है कि चीनी का उत्पादन मांग के हिसाब से बाजार में बहुत ही कम आपूर्ति हो रही है

जमशेदपुर- कांग्रेस नेता रियाजुद्दीन खान ने चीनी की बढ़ती हुई कीमतों पर चिंता व्यक्त की है। जो चीनी₹40 प्रति किलो मिलती थी आज उसकी कीमत बाजार में ₹70 प्रति किलो हो गई है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों का नतीजा है कि चीनी का दाम आसमान छू रहा है और चीनी गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के पहुंच से बाहर हो गई है। यह सर्वे विदित है कि चीनी गन्ने के रस से बनती है और अधिकांश गन्ने या गन्ने का रस इथेनॉल बनाने में चला जा रहा है जो एथेनॉल पेट्रोल में मिलाया जा रहा है। ज्ञात हो कि 90 लाख मैट्रिक टन गन्ने का रस इथेनॉल बनाने में इस्तेमाल हो रहा है जिससे चीनी बनाने के लिए गन्ने का रस नहीं मिल पा रहा है और नतीजा है कि चीनी का उत्पादन मांग के हिसाब से बाजार में बहुत ही कम आपूर्ति हो रही है इसी कारण से चीनी महंगी हो गई है। एक तरफ तो गरीब और मध्यम वर्ग चीनी की महंगाई की मार से त्रस्त है दूसरी तरफ इथेनॉल मिला हुआ पेट्रोल जो गाड़ियों में इस्तेमाल हो रहा है उससे गाड़ी का इंजन खराब हो रहा है और जो गाड़ी 15 साल 20 साल आराम से चलनी चाहिए वह 5 साल में ही जवाब दे दे रही है तो जनता पर यह दोहरी मार पड़ रही है।
कांग्रेस नेता रियाजुद्दीन खान ने कहा कि सामने ईद मिलादुन्नबी, तीज, रक्षाबंधन और दुर्गा पूजा एवं दिवाली का त्यौहार है। इन त्योहारों में भारी मात्रा में चीनी की आवश्यकता पड़ती है क्योंकि उसी से मिठाई बनती है यही हाल रहा तो त्यौहार में आम जनता के लिए मिठाई खरीदना दुर्लभ हो जाएगा और त्यौहार में लोग मीठे पकवान से महरूम हो जाएंगे।
उन्होंने सरकार से मांग की कि वह यथाशीघ्र चीनी की वैकल्पिक व्यवस्था करें जिससे चीनी का संकट समाप्त हो सके।



