वरिष्ठ समाजसेवी एवं प्रमुख उद्योगपति स्वर्गीय गुरदयाल सिंह भाटिया की तीसरी पुण्यतिथि बिष्टुपुर गुरुद्वारा मे आज दोपहर 12:30 बजे
शहर के वरिष्ठ समाजसेवी एवं प्रमुख उद्योगपति स्व गुरदयाल सिंह भाटिया की तीसरी पुण्यतिथि पर उनके पुत्र दयाल बिल्डर्स के चेयरमैन सुरेंद्र पाल सिंह टीटू साहब सिंह परिवार द्वारा गुरुद्वारा साहिब बिष्टुपुर में दोपहर 12:30 बजे भव्य धार्मिक समागम का आयोजन किया गया है ज्ञातव्य है कि स्व गुरदयाल सिंह जहां शहर के प्रमुख उद्योगपति है वहीं जमशेदपुर के सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले एक स्तंभ थे

वरिष्ठ समाजसेवी एवं प्रमुख उद्योगपति स्वर्गीय गुरदयाल सिंह भाटिया की तीसरी पुण्यतिथि बिष्टुपुर गुरुद्वारा मे आज दोपहर 12:30 बजे
जमशेदपुर – शहर के वरिष्ठ समाजसेवी एवं प्रमुख उद्योगपति स्व गुरदयाल सिंह भाटिया की तीसरी पुण्यतिथि पर उनके पुत्र दयाल बिल्डर्स के चेयरमैन सुरेंद्र पाल सिंह टीटू साहब सिंह परिवार द्वारा गुरुद्वारा साहिब बिष्टुपुर में दोपहर 12:30 बजे भव्य धार्मिक समागम का आयोजन किया गया है
ज्ञातव्य है कि स्व गुरदयाल सिंह जहां शहर के प्रमुख उद्योगपति है वहीं जमशेदपुर के सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले एक स्तंभ थे
सरदार गुरदयाल सिंह सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के संरक्षक स्टेशन रोड गुरुद्वारा, गौरी शंकर रोड गुरुद्वारा एवं जुगसलाई थाना शांति समिति के अध्यक्ष, सेंट्रल शांति समिति के सदस्य एवं कई अन्य संस्थाओं के प्रमुख पदों पर समाज हित में बहुत ही अच्छा कार्य किया उनके द्वारा समाज हित में किए गए उल्लेखनीय कार्यों में 1984 के दंगों में सभी संप्रदाय के लोगों में आपसी सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाने में उल्लेखनीय सहयोग रहा गौरी शंकर रोड गुरुद्वारा में जीआरडी इंग्लिश स्कूल की शुरुआती समय में इनका भरपूर सहयोग के चलते आज जीआरडी इंग्लिश स्कूल में सभी संप्रदाय के बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं समाज में कभी-कभी विपरीत परिस्थितियों में समाज की एकजुटता के लिए इनका उल्लेखनीय सहयोग रहा इनका अपना व्यक्तित्व ऐसा था कि किसी भी समस्या से उत्पन्न विवाद को निपटाने के लिए अगर यह शामिल हो गए तो तय था कि इस समस्या का समाधान निश्चित रूप से हो जाएगा समय-समय पर सिख समाज की हर गतिविधियों में, रामनवमी अखाड़ा मोहर्रम अखाड़ा में बढ़-चढ़कर सहयोग रहता था जब बाबरी मस्जिद को शहीद किया गया था उस समय जुगसलाई का वातावरण तनाव पूर्ण हो गया था परंतु स्वर्गीय गुरदयाल सिंह के प्रयासों से सब कुछ शांतिपूर्वक तरीके से सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखा


