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पुलिस सख्त, अपराधी मस्त: जनता को मिली चेकिंग से राहत -धर्मेंद्र कुमार

जमशेदपुर की कानून व्यवस्था लंबे समय से सवालों के घेरे में रही है। अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस और पुलिस की कमजोर पकड़ के कारण शहरवासी स्वंय को असुरक्षित महसूस कर रहे थे। लेकिन हाल ही में नए पुलिस कप्तान डॉ. एहतेशाम वकारिब के आगमन के बाद हालात में बदलाव की झलक दिखाई देने लगी है

पुलिस सख्त, अपराधी मस्त: जनता को मिली चेकिंग से राहत
-धर्मेंद्र कुमार

जमशेदपुर- जमशेदपुर की कानून व्यवस्था लंबे समय से सवालों के घेरे में रही है। अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस और पुलिस की कमजोर पकड़ के कारण शहरवासी स्वंय को असुरक्षित महसूस कर रहे थे। लेकिन हाल ही में नए पुलिस कप्तान डॉ. एहतेशाम वकारिब के आगमन के बाद हालात में बदलाव की झलक दिखाई देने लगी है।
डॉ. वकारिब ने पदभार संभालते ही सबसे पहले ट्रैफिक चेकिंग में लगे दर्जनों पुलिस पदाधिकारियों को थानों में पदस्थापित कर दिया। यह कदम कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम साबित हुआ है। अब पुलिस बल केवल हेलमेट चेकिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि अपराध नियंत्रण और गश्ती व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। इसके साथ ही एसएसपी द्वारा देर रात विभिन्न थानों का औचक निरीक्षण कर पुलिस पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं। इससे गश्ती बढ़ी है और पुलिस की मौजूदगी सड़कों पर महसूस की जा रही है।
अपराधियों का दुस्साहस
हालांकि पुलिस की सख्ती दिख रही है अपराधी पकड़े भी जा रहे हैं। लेकिन अपराधियों के हौसले अब भी बुलंद हैं। प्रतिदिन चेन छिनतई और चापड़बाजी जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। इन अपराधों का मूल कारण शहर में तेजी से फैलता नशे का कारोबार है। ये अपराधी पेशेवर नहीं हैं, बल्कि नशे की लत के दबाव में चोरी और छिनतई जैसे अपराध कर रहे हैं। जब तक नशे के कारोबार पर नकेल नहीं कसी जाएगी, तब तक अपराध पर पूर्ण विराम लगाना मुश्किल होगा।
जनता को राहत
पुलिस कप्तान द्वारा लिये गए निर्णयों से आम नागरिकों को सबसे बड़ी राहत हेलमेट चेकिंग से मिली है। पहले हर चौक-चौराहे पर हेलमेट चेकिंग के नाम पर आम लोगों को परेशान किया जाता था, लेकिन अब इसमें कमी हुई है। शहर के लोग राहत की सांस ले रहे हैं और नए पुलिस कप्तान को धन्यवाद भी दे रहे हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पुलिस प्रशासन को शहरवासियों का भरोसा जीतना होगा। आम नागरिकों द्वारा दिए गए सूचना पर त्वरित एवं ठोस कार्रवाई करनी होगी। पूर्व एसपी डॉ अजय कुमार की सफलता का मूलमंत्र यही था। उन्होंने आम लोगों को भरोसा दिलाया की पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए है। लोग सीधे डॉ. अजय कुमार को फोन कर सूचना देते थे और पुलिस उन सूचना के आधार पर ठोस कार्रवाई भी करती थी। यहां तक की लोग थानेदार के खिलाफ की शिकायत करने से नहीं डरते थे, क्योंकि उन्हें विश्वास था कि डॉ. कुमार जरुर कार्रवाई करेंगे।
जमशेदपुर में कानून व्यवस्था सुधार की दिशा में पुलिस कप्तान डॉ. एहतेशाम वकारिब की पहल सराहनीय है। साथ ही उन्हें अपनी कार्यशैली से लोगों का भरोसा दिलाना होगा कि पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए है उन्हें परेशान करने के लिए नहीं। गश्ती बढ़ाना, औचक निरीक्षण करना और ट्रैफिक चेकिंग से पुलिस बल को मुक्त कर अपराध नियंत्रण में लगाना उनके द्वारा सही दिशा में उठाया गया कदम हैं। लेकिन असली चुनौती नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने की है। जब तक इस पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक अपराधियों का दुस्साहस पूरी तरह खत्म नहीं होगा

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