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योग दिवस एवं फादर्स डे का अनूठा संगम: ब्रह्माकुमारीज़ में स्वास्थ्य, संस्कार और परिवार का संदेश

सोनारी स्थित ब्रह्माकुमारीज़ के यूनिवर्सल पीस पैलेस में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस एवं फादर्स डे का एक अनूठा और प्रेरणादायी संगम देखने को मिला। इस विशेष अवसर पर सैकड़ों भाई-बहनों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर स्वास्थ्य, परिवार और आध्यात्मिक मूल्यों को समर्पित इस आयोजन को यादगार बना दिया

योग दिवस एवं फादर्स डे का अनूठा संगम: ब्रह्माकुमारीज़ में स्वास्थ्य, संस्कार और परिवार का संदेश

जमशेदपुर- सोनारी स्थित ब्रह्माकुमारीज़ के यूनिवर्सल पीस पैलेस में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस एवं फादर्स डे का एक अनूठा और प्रेरणादायी संगम देखने को मिला। इस विशेष अवसर पर सैकड़ों भाई-बहनों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर स्वास्थ्य, परिवार और आध्यात्मिक मूल्यों को समर्पित इस आयोजन को यादगार बना दिया।


कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक योगाभ्यास से हुई, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासनों, प्राणायाम तथा स्वास्थ्यवर्धक अभ्यासों को सीखा और प्रतिदिन योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। उल्लेखनीय है कि ब्रह्माकुमारीज़ यूनिवर्सल पीस पैलेस, सोनारी में प्रतिदिन प्रातःकाल भाई अरविंद जी के मार्गदर्शन में बड़ी संख्या में भाई-बहन नियमित योगाभ्यास करते हैं। इससे अनेक लोगों को स्वास्थ्य लाभ के साथ-साथ अनुशासित एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा मिल रही है। इस अवसर पर टाटा स्पोर्ट्स अकादमी में वर्षों तक योग प्रशिक्षण दे चुके प्रख्यात योग प्रशिक्षक भाई अरविंद जी ने योग के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा दैनिक जीवन में अपनाए जा सकने वाले अनेक महत्वपूर्ण योग टिप्स साझा किए। उन्होंने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और तनावमुक्त जीवन जीने की कला है।

इसके पश्चात फादर्स डे के उपलक्ष्य में उपस्थित सभी पिताओं को मंच पर आमंत्रित किया गया, जहां उन्होंने केक काटकर इस विशेष दिवस को मनाया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि जिस प्रकार हम सभी परमपिता परमात्मा को अपना सर्वोच्च पिता मानते हैं, जो हर पल प्रेम, सुरक्षा, सहयोग और सही दिशा प्रदान करते हैं, उसी प्रकार एक सांसारिक पिता भी परिवार में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और अक्सर अनदेखी भूमिका निभाता है। वह अपने परिवार की खुशियों, सुरक्षा और भविष्य के लिए निरंतर प्रयास करता है, अनेक जिम्मेदारियां निभाता है तथा स्वयं के सुखों का त्याग कर परिवार के सपनों को साकार करने में जुटा रहता है। आज के समय में जहां पिता के योगदान पर अपेक्षाकृत कम चर्चा होती है, वहीं इस अवसर पर उनके मौन त्याग, समर्पण और संघर्ष को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। उपस्थित सभी ने पिता के इस अमूल्य योगदान के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की।

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि योग दिवस स्वास्थ्य, एकता और प्रेम का प्रतीक है, जबकि फादर्स डे परिवार की शक्ति, जिम्मेदारी और त्याग का सम्मान करने का अवसर है। दोनों दिवसों का यह अनूठा संगम यह संदेश देता है कि स्वस्थ शरीर, शांत मन और संस्कारवान परिवार ही एक श्रेष्ठ समाज की आधारशिला हैं। यदि परिवार का प्रत्येक सदस्य स्वस्थ, मूल्यनिष्ठ और आध्यात्मिक दृष्टिकोण वाला होगा तो समाज और राष्ट्र भी सशक्त बनेगा।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों एवं युवाओं द्वारा गीत, नृत्य एवं लघु नाटिका की भावपूर्ण प्रस्तुतियां दी गईं। प्रस्तुतियों के माध्यम से पिता के त्याग, समर्पण और परिवार के प्रति उनके मौन योगदान को दर्शाया गया। 

अंत में सभी ने परमपिता परमात्मा को अपना सर्वोच्च पिता मानते हुए उनके प्रेम, करुणा, धैर्य और जिम्मेदारी जैसे गुणों को अपने जीवन में धारण करने तथा योग, पारिवारिक मूल्यों और आध्यात्मिक जीवनशैली को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन विश्व शांति, परिवारों की खुशहाली एवं समस्त मानवता के कल्याण की मंगलकामनाओं के साथ हुआ

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