सीएसआईआर-एनएमएल में 85वां सीएसआईआर स्थापना दिवस समारोह मनाया गया
सीएसआईआर–राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (सीएसआईआर-एनएमएल), जमशेदपुर में आज एनएमएल सभागार में 85वां सीएसआईआर स्थापना दिवस समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। समारोह में हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अनुपम मिश्रा मुख्य अतिथि तथा सीएसआईआर-एनएमएल के भूतपूर्व निदेशक डॉ. इंद्रनील चट्टोराज, विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे समारोह में सीएसआईआर-एनएमएल के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधुरी, कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ. जितेन्द्र कुमार साहू तथा सीएसआईआर-एनएमएल के प्रशासन नियंत्रक जय शंकर शरण सहित संस्थान के सेवानिवृत्त कर्मचारी, वैज्ञानिक एवं आमंत्रित अतिथि उपस्थित थे

सीएसआईआर-एनएमएल में 85वां सीएसआईआर स्थापना दिवस समारोह मनाया गया


जमशेदपुर- सीएसआईआर–राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (सीएसआईआर-एनएमएल), जमशेदपुर में आज एनएमएल सभागार में 85वां सीएसआईआर स्थापना दिवस समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। समारोह में हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अनुपम मिश्रा मुख्य अतिथि तथा सीएसआईआर-एनएमएल के भूतपूर्व निदेशक डॉ. इंद्रनील चट्टोराज, विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे समारोह में सीएसआईआर-एनएमएल के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधुरी, कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ. जितेन्द्र कुमार साहू तथा सीएसआईआर-एनएमएल के प्रशासन नियंत्रक जय शंकर शरण सहित संस्थान के सेवानिवृत्त कर्मचारी, वैज्ञानिक एवं आमंत्रित अतिथि उपस्थित थे।


सीएसआईआर–राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (सीएसआईआर-एनएमएल), जमशेदपुर में आज एनएमएल सभागार में 85वां सीएसआईआर स्थापना दिवस समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। समारोह में हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अनुपम मिश्रा मुख्य अतिथि तथा सीएसआईआर-एनएमएल के भूतपूर्व निदेशक डॉ. इंद्रनील चट्टोराज, विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे समारोह में सीएसआईआर-एनएमएल के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधुरी, कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ. जितेन्द्र कुमार साहू तथा सीएसआईआर-एनएमएल के प्रशासन नियंत्रक जय शंकर शरण सहित संस्थान के सेवानिवृत्त कर्मचारी, वैज्ञानिक एवं आमंत्रित अतिथि उपस्थित थे।


कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसके पश्चात राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ प्रस्तुत किया गया।
सीएसआईआर-एनएमएल के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधुरी ने सभी गणमान्य अतिथियों, एनएमएल के सेवानिवृत्त कर्मचारियों, वैज्ञानिकों एवं आमंत्रित अतिथियों का स्वागत किया।


अपने स्वागत संबोधन में डॉ. संदीप घोष चौधुरी ने कहा कि आज हम एक राष्ट्रीय संस्था, वैज्ञानिक विरासत और उस विचारधारा का उत्सव मना रहे हैं, जिसने भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता की यात्रा को दिशा प्रदान की है। उन्होंने कहा कि आज हम सीएसआईआर के 85 गौरवशाली वर्षों का उत्सव मना रहे हैं। 85 वर्ष पूर्व जब आधुनिक वैज्ञानिक भारत की नींव रखी जा रही थी, तब यह स्पष्ट दृष्टि थी कि भारत में ज्ञान सृजन, प्रौद्योगिकी विकास तथा विज्ञान को राष्ट्रीय परिवर्तन के साधन के रूप में उपयोग करने की क्षमता विकसित की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि इस दूरदृष्टि के केंद्र में एक महान वैज्ञानिक एवं संस्थान निर्माता डॉ. शांति स्वरूप भटनागर, सीएसआईआर के संस्थापक महानिदेशक, का महत्वपूर्ण योगदान रहा। डॉ. भटनागर यह समझते थे कि विज्ञान केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं रह सकता; अंततः उसे जनजीवन से जुड़ना तथा राष्ट्र को सशक्त बनाना चाहिए।

डॉ. चौधुरी ने कहा कि एनएमएल की स्थापना भी एक राष्ट्रीय उद्देश्य के साथ की गई थी—भारत में धातु, खनिज एवं पदार्थों के क्षेत्र में क्षमताओं का विकास करना, जो औद्योगिक एवं आर्थिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। दशकों से एनएमएल के वैज्ञानिकों एवं अभियंताओं की पीढ़ियों ने विज्ञान और अनुप्रयोग, प्रयोगशाला और उद्योग तथा ज्ञान और प्रौद्योगिकी के बीच सेतु का कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि आज जब हम डॉ. शांति स्वरूप भटनागर को स्मरण कर रहे हैं, तो हमें केवल एक महान वैज्ञानिक के रूप में ही नहीं, बल्कि एक संस्थान निर्माता और राष्ट्र निर्माता के रूप में भी उनका स्मरण करना चाहिए। उनकी पीढ़ी ने उभरते हुए भारत के वैज्ञानिक बुनियादी ढांचे का निर्माण किया था और वर्तमान पीढ़ी की जिम्मेदारी है कि वह आने वाले दशकों के लिए भारत को वैज्ञानिक नेतृत्व प्रदान करने की दिशा में कार्य करे।
डॉ. इंद्रनील चट्टोराज ने आत्मनिर्भर भारत के लिए वैज्ञानिक नवाचार पर जोर दिया। समारोह के विशिष्ट अतिथि एवं पूर्व निदेशक, सीएसआईआर-एनएमएल, डॉ. इंद्रनील चट्टोराज ने सीएसआईआर की स्थापना एवं भारत के वैज्ञानिक विकास की यात्रा पर प्रकाश डाला तथा डॉ. शांति स्वरूप भटनागर के महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित किया।
उन्होंने आत्मनिर्भर भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में सीएसआईआर एवं एनएमएल की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने स्वदेशी वैज्ञानिक नवाचार और तकनीकी आत्मनिर्भरता को राष्ट्र के दीर्घकालिक विकास के लिए आवश्यक बताया।
डॉ. इंद्रनील चट्टोराज ने क्रिटिकल मिनरल्स, उन्नत पदार्थ, सतत विनिर्माण, पुनर्चक्रण तथा औद्योगिक स्तर की प्रौद्योगिकियों के विकास पर विशेष बल दिया। उन्होंने अंतर्विषयी अनुसंधान, उद्योग के साथ सहयोग तथा प्रयोगशाला में विकसित नवाचारों को व्यावहारिक एवं औद्योगिक अनुप्रयोगों में परिवर्तित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने वैज्ञानिकों, उद्योग जगत, नीति निर्माताओं एवं अनुसंधान संस्थानों से सामूहिक रूप से कार्य करते हुए तकनीकी आत्मनिर्भरता, आर्थिक प्रतिस्पर्धात्मकता तथा सतत राष्ट्रीय विकास में योगदान देने का आह्वान किया।
अनुपम मिश्रा ने कार्यस्थल सुरक्षा एवं औद्योगिक अनुसंधान में सहयोग पर जोर दिया। समारोह के मुख्य अतिथि एवं हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अनुपम मिश्रा ने स्थापना दिवस व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने कार्यस्थल पर सुरक्षा, कर्मचारी कल्याण, जवाबदेही तथा वैज्ञानिक उत्कृष्टता की संस्कृति को संस्थागत विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने अनुसंधान एवं औद्योगिक अनुप्रयोगों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए संस्थानों एवं उद्योगों के बीच सहयोग की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
श्री मिश्रा ने मानव संसाधन प्रबंधन के संदर्भ में दो महत्वपूर्ण सिद्धांतों का उल्लेख किया—24–48 सिद्धांत तथा 2–3/20–25 सिद्धांत। उन्होंने कहा कि नेतृत्व की भूमिका निभाने वाले अधिकारियों को आरामदायक कार्यालय वातावरण में कार्य करते समय कठिन परिस्थितियों में कार्यरत कर्मचारियों की चुनौतियों को समझना चाहिए। साथ ही, कुछ वर्षों के लिए नेतृत्वकारी पद पर कार्य करने वाले अधिकारियों को नीतियां बनाते समय उन कर्मचारियों के दीर्घकालिक हितों को ध्यान में रखना चाहिए, जो अगले 20–25 वर्षों तक संस्था में कार्य कर सकते हैं।
उन्होंने निरंतर सीखने, ज्ञान के आदान-प्रदान, दीर्घकालिक योजना, सशक्त नेतृत्व, नवाचार तथा व्यावहारिक क्रियान्वयन को संस्थागत विकास के लिए आवश्यक बताया और विकसित भारत 2047 के निर्माण में वैज्ञानिक एवं औद्योगिक संस्थानों की भूमिका को रेखांकित किया।
प्रतियोगिताओं एवं मेधावी विद्यार्थियों को सम्मान
85वें सीएसआईआर स्थापना दिवस के अवसर पर कर्मचारियों के आश्रित बच्चों के लिए निबंध, प्रश्नोत्तरी एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि श्री अनुपम मिश्रा ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं एवं उपविजेताओं, मेधावी विद्यार्थियों तथा सीएसआईआर में 25 वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले कर्मचारियों को पुरस्कार एवं सम्मान प्रदान किए।
इसके अलावा, 30 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को भी समारोह के दौरान सम्मानित किया गया।
मेधावी छात्र पुरस्कार
वर्ष 2025 में आयोजित वरिष्ठ माध्यमिक परीक्षा (कक्षा 12वीं) में न्यूनतम तीन विज्ञान विषयों में 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को ₹6,000/- का एकमुश्त नकद पुरस्कार प्रदान किया गया।
मेधावी छात्र पुरस्कार प्राप्त करने वाले विद्यार्थी:
• श्री सोहम वर्मा
• सुश्री मान्या गुप्ता
• सुश्री तान्या सना रुंडा
• श्री आदर्श कुमार उपाध्याय
• श्री सिद्धांत दाश
सुश्री तान्या सना रुंडा ने कंप्यूटर साइंस में 100 प्रतिशत अंक प्राप्त किए।
*प्रतियोगिता पुरस्कार*
*प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता:*
विजेता: सुश्री वातिका साह एवं श्री अबनिंद्र जेना
उपविजेता: डॉ. ए.के. साहू एवं श्री नदीम परवेज
निबंध प्रतियोगिता – विभिन्न वर्ग:
प्रथम पुरस्कार:
• श्री आकाश पांडेय
• श्री अरिंदम सेन
• सुश्री अनोखी
• सुश्री नव्या श्रीवास्तव
द्वितीय पुरस्कार:
• सुश्री श्रुति प्रिया
• श्री निशांत कुमार तिवारी
• सुश्री प्रियांशी साउ
• सुश्री रीमा कुमारी मुडी
तृतीय पुरस्कार:
• सुश्री प्राची कुमारी
• श्री दुर्गेश कुमार
• श्री सक्षम शर्मा
*चित्रकला प्रतियोगिता – विभिन्न वर्ग:*
• सुश्री चेतल बल्ला
• श्री विरांश
• सुश्री जेस्विथा
• सुश्री स्निग्धा बागुई
• श्री कश्यप कार्तिकेय
• श्री मुनीष
• सुश्री अनोखी
• सुश्री प्रणवी गुगुलोथ
• सुश्री सारन्या बेहरा
• सुश्री सारबानी बेहरा
• सुश्री प्रियांशी साउ
• सुश्री सिंधुजा साहू
कार्यक्रम के अंत में सीएसआईआर-एनएमएल के प्रशासन नियंत्रक जय शंकर शरण ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
समारोह ने सीएसआईआर की 85 वर्षों की वैज्ञानिक एवं तकनीकी यात्रा को स्मरण करते हुए स्वदेशी अनुसंधान, नवाचार, औद्योगिक सहयोग और तकनीकी आत्मनिर्भरता के माध्यम से विकसित भारत 2047 के निर्माण के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।




