सिदगोड़ा मे निजी जमीन पर अतिक्रमण हटाने के नाम पर टाटा स्टील ने प्रशासन के सहयोग से किया गुंडागर्दी कोर्ट के आदेश का सरेआम उड़ी धज्जियां न्यायालय का भी किया गया अवमानना – प्रभाकर राव पूरी
जमीन मालिक प्रभाकर राव पूरी और अरुण सिंह ने संयुक्त रूप से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि सिदगोड़ा में हमारे जमीन पर प्लाट न.2762(p) व 2763(p) पर पूर्व मे ही एस डी ओ कोर्ट व डी. सी. द्वारा जांचोपरान्त हमारे पक्ष मे आदेश सुनाया गया है, एवं उक्त जमीन पर मालिकाना हक के लिए जिला न्यायलय जमशेदपुर मे सिविल जज सीनियर डिवीज़न- 8 में पूर्व से ही टाइटल सूट न. 111/2011 फ़ाइल है | अतः जिला प्रशासन व टिस्को कम्पनी द्वारा किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता

सिदगोड़ा मे निजी जमीन पर अतिक्रमण हटाने के नाम पर टाटा स्टील ने प्रशासन के सहयोग से किया गुंडागर्दी कोर्ट के आदेश का सरेआम उड़ी धज्जियां न्यायालय का भी किया गया अवमानना – प्रभाकर राव पूरी

जमीन मालिक प्रभाकर राव पूरी और अरुण सिंह ने संयुक्त रूप से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि सिदगोड़ा में हमारे जमीन पर प्लाट न.2762(p) व 2763(p) पर पूर्व मे ही एस डी ओ कोर्ट व डी. सी. द्वारा जांचोपरान्त हमारे पक्ष मे आदेश सुनाया गया है, एवं उक्त जमीन पर मालिकाना हक के लिए जिला न्यायलय जमशेदपुर मे सिविल जज सीनियर डिवीज़न- 8 में पूर्व से ही टाइटल सूट न. 111/2011 फ़ाइल है | अतः जिला प्रशासन व टिस्को कम्पनी द्वारा किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता

बावजूद इसके मेरा जमीन जो सिदगोडा स्ट्रैट माइल रोड पर जे एन ए सी के वार्ड न. 11 के खाता न. 52 के अंतर्गत प्लाट न. 2762 (p) व 2763(p) पर स्थित है इसमें एस डी ओ ने पता नहीं कौन सी मजबूरी मे पूर्व मे दिए गए अपने ही आदेश को पलटते हुए (जिसमें टाटा स्टील के लैंड डिपार्टमेंट ने 19 फ़रवरी सन 2009 में ही अपर आयुक्त को प्रेषित पत्र और 21 फ़रवरी 2009 को एस डी ओ को प्रेषित प्रतिवेदन दिया था इसमें जांचोपरान्त एसडीओ और डी सी का आदेश मेरे पक्ष मे आ चूका था) दोनों के प्रतियाँ संलग्न है

पुनः अतिक्रमण हटाने के नाम पर एसडीओ आदेश जारी किये जिसमे प्लाट न 2762(p) व 2763(p) पर हुए अतिक्रमण हटाने का आदेश जारी किए लेकिन अतिक्रमण हटाने जो टीम आयी थी उसने बदले कि भावना से सिर्फ प्लाट न. 2763 पर ही अपना सारा भड़ास निकाला व तोड़फोड़ किया 2762 व अन्य पर अभी भी कोई कार्यवाही नहीं हुई वहां बड़ी बड़ी बिल्डिंस बानी हुई है नित्य नया निर्माण प्रगति पर है, तो प्रशासन द्वारा एक आंख मे काजल एक आंख में सुरमा प्रतीत होता है

ज्ञातव्य हो कि टाटा स्टील लिमिटेड के द्वारा उक्त वर्णित पत्र उक्त प्लाट न. मे अनुमंडल दण्डाधिकारी, धालभुम जमशेदपुर न्यायालय में मिस केस संख्या 48/2009 धारा 144 सीआरपीसी के तहत दोनों पक्षों के विरुद्ध निषेधाज्ञा लागु कर सिदगोडा थाना को इसका अनुपालन करने हेतु निर्देशित किया था

वर्तमाम परिपेक्ष मे एसडीएम कोर्ट द्वारा विविध वाद संख्या 48/2009 मे पारित आदेश दिनांक 27/4/2009 अनुसार मेरे (द्वितीय पक्ष )विरोद्ध उल्लेखित प्लाटो पर जारी निषेधाज्ञा को हटा दिया गया है

मिस केस संख्या 48/2009 में सीआरपीसी 144 के अंतर्गत कार्यवाही कि पूर्ण संचिका व आदेश कि छायाप्रति संलग्न है

आपको यहाँ बताते चलें कि अनुमंडल पदाधिकारी के द्वारा मुझे उक्त प्लाट पर कब्ज़ाधारी मानते हुए जो मेरे पक्ष मे आदेश पारित किये उसी के आधार पर उक्त जमीन के मालिकाना हक के लिए मेरे द्वारा भविष्य मे पुनः विवाद से बचने के लिए जिला न्यायलय में सिविल जज सीनियर डिवीज़न के न्यालय में टाइटल सूट न. 111/ 2011 दायर किया जा चूका है जो वर्तमान मे विचाराधीन है और आगामी 20 अगस्त को सुनवाई सुनिश्चित है इसके बावजूद भी माननीय कोर्ट का अवमानना करते हुए टाटा कॉम्पनी के गुंडे पुलिस प्रशासन के सहयोग से जबरन 40 वर्षो से बने आसियाने को तोड़ दिया
आपको बताते चले कि टाटा स्टील का उक्त जमीन पर कोई दवा ही नहीं बनता चुकी एसडीओ न्यायालय का फैसला टाटा कंपनी के विरुद्ध और हमारे पक्ष मे है तथा टाटा स्टील लीज दिसम्बर 2025 में ही समाप्त हो चूका है अभीतक नवीनीकरण नहीं हुआ
टाटा कंपनी और जिला प्रशासन के इस अवैध कार्य को हमलोग हाईकोर्ट में चुनौती देंगे
टाटा स्टील के खिलाफ बनेगी 86 बस्ती मालिकाना हक संघर्ष समिति, हक के लिए होगा जनआंदोलन
अधिवक्ता रवि प्रकाश सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि पुरे 86 बस्ती को लीज मुक्त करना है, लीज के आड़ में जो टाटा स्टील अपना मनमानी चला रही है और गरीब जनता को सता रही है इसके खिलाफ हमलोग संघर्ष करेंगे और टाटा स्टील का जो सरकार से लीज नवीनीकरण लंबित है उसे स्थायी रूप से निरस्त करवाएंगे
टाटा स्टील 86 बस्ती कि मालिक नहीं है जमींदारी प्रथा कबकी समाप्त हो चुकी है टाटा स्टील इसे आम जनता पर लागू न करे
टाटा स्टील के इस रवैये के खिलाफ जनमानस को एकत्रित कर जोरदार आंदोलन करेंगे, टाटा स्टील का चालाकी देखिये ये अपने लिए लोन ले सकती है लेकिन इनके बेहूदा नियम के चलते कम्पनी क्षेत्र में रह रहे आम जनता को पंगु बना दिया गया है उन्हें किसी भी प्रकार का कोई लोन नहीं मिलता है
शहर के विधायकों और सांसद से करबद्ध प्रार्थना है कि उक्त मामले मे हमारा साथ दें नहीं तो जैसे zen – ज़िन्दगी ने अपना अलग रुख अख्तियार किया है ठीक वैसे ही 86 बस्ती कि जनता भी टाटा स्टील के दादागिरी के खिलाफ अपना अलग रुख अपनायेगी और सड़कों पर उतरेगी

