17 एवं 18 अगस्त को चैंबर भवन में सजेगा मानसून ट्रेड फेयर
महिला उद्यमिता एवं हस्तकरघा उद्योग को मिलेगा नया आयाम

17 एवं 18 अगस्त को चैंबर भवन में सजेगा मानसून ट्रेड फेयर
महिला उद्यमिता एवं हस्तकरघा उद्योग को मिलेगा नया आयाम
जमशेदपुरए – महिला उद्यमिता को प्रोत्साहन देने तथा हस्तकरघा एवं कुटीर उद्योग से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त एवं स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा आगामी 17 एवं 18 अगस्तए 2026 को चैंबर भवनए बिष्टुपुर में ष्मानसून ट्रेड फेयर.2026 का आयोजन किया जाएगा।
सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा यह आयोजन प्रत्येक वर्ष दो बार किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को अपनी प्रतिभाए कौशल एवं उद्यमशीलता का प्रदर्शन करने के लिए एक सशक्त मंच उपलब्ध कराना हैए ताकि वे अपने उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें। यह आयोजन केवल एक व्यापारिक मेला नहींए बल्कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का एक जनआंदोलन बन चुका हैए जिसने अनेक महिला उद्यमियों को आत्मनिर्भरता की नई पहचान दिलाई है।
इस वर्ष आयोजित होने वाले मानसून ट्रेड फेयर में शहर एवं आसपास की महिला उद्यमी अपने हस्तनिर्मित एवं आकर्षक उत्पादों का प्रदर्शन करेंगी। मेले में विभिन्न प्रकार की राखियांए कुर्तियांए साड़ियांए फैशन ज्वेलरीए चादरेंए हस्तनिर्मित मोमबत्तियांए गृह सज्जा की आकर्षक सामग्रीए हस्तशिल्प उत्पादए गिफ्ट आइटम तथा दैनिक उपयोग की अनेक उपयोगी वस्तुएं उपलब्ध रहेंगी। इसके अतिरिक्त कई महिला उद्यमी अपने नवाचार एवं रचनात्मक उत्पादों को भी प्रदर्शित करेंगी जिससे स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन मिलेगा।
इस अवसर पर सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष मानव केडिया ने कहा कि चैंबर का उद्देश्य केवल व्यापार को बढ़ावा देना नहींए बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना भी है। उन्होंने कहा कि महिला उद्यमिता किसी भी विकसित अर्थव्यवस्था की आधारशिला होती है और चैंबर लगातार ऐसे मंच उपलब्ध करा रहा हैए जहां महिलाएं अपने हुनर को व्यवसाय का रूप देकर आत्मनिर्भर बन सकें।
उपाध्यक्ष ;ट्रेड एंड कॉमर्सद्ध अनिल मोदी ने कहा कि मानसून ट्रेड फेयर महिलाओं के लिए अपने उत्पादों को सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने का एक उत्कृष्ट अवसर है। इस आयोजन के माध्यम से स्थानीय हस्तकरघाए हस्तशिल्प एवं कुटीर उद्योग को नई पहचान मिलेगी तथा श्वोकल फॉर लोकलश् और श्आत्मनिर्भर भारतश् के संकल्प को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में मेले में पहुंचकर महिला उद्यमियों का उत्साहवर्धन करें और स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दें।


