श्रृंगार रस के कवयित्री अंकिता सिन्हा की गजलों और कविताओं से गूँजा कुश भवन का प्रेक्षागृह दर्शक हुए मंत्रमुग्ध
साकची स्थित कुशभवन के प्रेक्षागृह में कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन हुआ। इस कवि सम्मेलन में विश्व विख्यात कवयित्री अंकिता सिन्हा के अलावा कई स्थानीय कवियों ने अपनी अपनी कविताएं पढ़ीं। अंकिता सिन्हा ने नारी सम्मान, बेटी बचाओ, दहेज हत्या, सर्व-धर्म सम्भाव के साथ शृंगार रस की कविताएं सुनाकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया

श्रृंगार रस के कवयित्री अंकिता सिन्हा की गजलों और कविताओं से गूँजा कुश भवन का प्रेक्षागृह दर्शक हुए मंत्रमुग्ध

जमशेदपुर – साकची स्थित कुशभवन के प्रेक्षागृह में कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन हुआ। इस कवि सम्मेलन में विश्व विख्यात कवयित्री अंकिता सिन्हा के अलावा कई स्थानीय कवियों ने अपनी अपनी कविताएं पढ़ीं। अंकिता सिन्हा ने नारी सम्मान, बेटी बचाओ, दहेज हत्या, सर्व-धर्म सम्भाव के साथ शृंगार रस की कविताएं सुनाकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया

उनकी कविताएं सुनकर पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। कोल्हान विश्व विद्यालय के हिदी के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. लक्ष्मण प्रसाद ने अपने विद्यालय में पहली काव्य रचना की रोचक कहानी सुनाई और समाज की बुराइयों को लक्षित भाव के साथ अपने अंदाज में कई कविताएं प्रस्तुत की ।

मंच पर विराजमान कवि जवाहर लाल ने भी अपनी स्वरचित रचना “सृष्टि का शृंगार कैसा” प्रस्तुत कर दर्शकों से खूब तालियां बटोरी । कवि सम्मेलन का संचालन अधिवक्ता संजय कुमार (नोटरी) ने बेहतर ढंग से की। इस दौरान उन्होंने बीच बीच में चुटीले अंदाज मे कुछ शेर भी कहते रहे और दर्शकों को एक सूत्र में बांधने का काम किया । अंत मे धन्यवाद ज्ञापन कुशवाहा संघ के अध्यक्ष शिव कुमार भक्त ने किया। इससे पहले मुख्य अतिथि कवयित्री अंकिता सिन्हा एवं डॉ. लक्ष्मण प्रसाद को पुष्प गुच्छ के साथ अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया।
कवि सम्मेलन में कुशवाहा संघ के अध्यक्ष शिव कुमार भक्त, सचिव रामकुमार सिंह, डॉ. लक्ष्मण प्रसाद, जवाहर लाल सिंह, अतुल आनंद, संजय कुमार, ममता देवी, त्रियोगी नारायण सिंह, ए के सिंह, बिनोद सिन्हा, अनूप कुमार सिंह, रामानंद भक्त, अजित प्रसाद, रमेश सिंह, राजकुमार सिंह, किशोरी सिंह , नागेन्द्र कुशवाहा के अलावा काफी संख्या मे समाज के लोग उपस्थित थे।

