नागामंदिर बेल्डीह से निकली भव्य रथयात्रा, जय जगन्नाथ के जयघोष से भक्तिमय हुआ माहौल लगाया गया मेला
नागामंदिर बेल्डीह के माँ वैष्णो देवी ट्रस्ट के तत्वाधान में भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और माता सुभद्रा की भव्य रथयात्रा श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ निकाली गई । रथयात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और “जय जगन्नाथ” के गगनभेदी जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब गया । नागा मंदिर के ट्रस्टी शशि तिवारी ने कहा कि रथयात्रा में स्टेट बार कौंसिल के वाईस प्रेसिडेंट राजेश कुमार शुक्ला तथा बड़ी संख्या में भक्तों और पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान की विधिवत पूजा-अर्चना की

नागामंदिर बेल्डीह से निकली भव्य रथयात्रा, जय जगन्नाथ के जयघोष से भक्तिमय हुआ माहौल लगाया गया मेला


जमशेदपुर – नागामंदिर बेल्डीह के माँ वैष्णो देवी ट्रस्ट के तत्वाधान में भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और माता सुभद्रा की भव्य रथयात्रा श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ निकाली गई । रथयात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और “जय जगन्नाथ” के गगनभेदी जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब गया


नागा मंदिर के ट्रस्टी शशि तिवारी ने कहा कि रथयात्रा में स्टेट बार कौंसिल के वाईस प्रेसिडेंट राजेश कुमार शुक्ला तथा बड़ी संख्या में भक्तों और पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान की विधिवत पूजा-अर्चना की


इसके बाद भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा के विग्रहों को आकर्षक ढंग से सुसज्जित रथ पर विराजमान कराया गया । श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और पूरे उत्साह एवं गाजे बाजे के साथ रथ को खींचते हुए मंदिर के बाहर बाहर चारों तरफ भ्रमण कराया


रथयात्रा के दौरान हरिनाम संकीर्तन, भजन-कीर्तन और भक्तिमय नृत्य से पूरा वातावरण गूंज उठा । शशि तिवारी ने बताया कि भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु के स्नान पूर्णिमा महोत्सव (29 जून) के बाद, महाप्रभु ‘अनसर’ (विश्राम) अवधि में चले जाते हैं
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स्नान के उपरांत मूर्तियों को पुनः मंदिर मे स्थित उनके बेदी पर रख पाट बंद कर दिया जाता है और 15 दिनों तक बंद रहता है । यानी ज्येष्ठ पूर्णिमा से आषाढ़ के अमावस्या तक महाप्रभु का दर्शन वर्जित रहता है । ये माना जाता है कि भगवान् अस्वस्थ हो जाते हैं
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इन 15 दिनों तक उन्हें औषधि जैसे तुलसी एवं काढ़ा दिया जाता है। वहीं नेत्र उत्सव (नेत्रोत्सव/नबजौबन दर्शन) जो एक दिन पूर्व 15 जुलाई 2026 (बुधवार) को धूमधाम से मनाया गया। यह महत्वपूर्ण उत्सव जगन्नाथ रथ यात्रा से ठीक एक दिन पहले आयोजित किया जाता है । नेत्र उत्सव के दिन ही भगवान पुनः अपने भक्तों को दिव्य दर्शन देते हैं।
नेत्र उत्सव के बाद दूसरे दिन गुरुवार 16 जुलाई को तीनो विग्रहो को सुशोभित रथ पर रख नागा मंदिर बेल्डीह का पाचं बार परिक्रमा कराया गया और इसी दिन रात्रि के समय बेल्डीह तुलसी मंदीर मे जो मौसी बाड़ी है , वहां पहुंचाया जाता है। वापसी यात्रा (घूरती रथ ) आठ दिनों के बाद यानी शुक्रवार 24 जुलाई 2026 को होगी।
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रथ यात्रा मेला में बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल हुए और श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया । इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार जमशेदपुर द्वारा स्टॉल लगाकर लोगों को विधिक जानकारी भी दिया गया। इस दौरान अधिकार मित्र (PLV) ने लोगों को डालसा के कार्य और उद्देश्य के बारे में बताया तथा विभिन्न कानूनों से संबंधित पंपलेट भी बांटे। कार्यक्रम को सफल बनाने में नागा मंदिर बेल्डीह के समस्त परिवार और भक्तगण तथा बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु गण की अहम भूमिका रही



