टाटा स्टील के TA 91 सितम्बर बैच का 35वां वार्षिकोत्सव यूनाइटेड क्लब जमशेदपुर में यादों का जश्न
टाटा स्टील के TA 91 सितम्बर बैच का 35वां वार्षिकोत्सव शनिवार को यूनाइटेड क्लब, जमशेदपुर में धूमधाम से सम्पन्न हुआ कार्यक्रम में बैच के करीब 75 साथी एक साथ जुटे और 35 वर्ष पुराने स्वर्णिम दिनों की यादों को ताजा करते हुए रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया

टाटा स्टील के TA 91 सितम्बर बैच का 35वां वार्षिकोत्सव यूनाइटेड क्लब जमशेदपुर में यादों का जश्न

जमशेदपुर- टाटा स्टील के TA 91 सितम्बर बैच का 35वां वार्षिकोत्सव शनिवार को यूनाइटेड क्लब, जमशेदपुर में धूमधाम से सम्पन्न हुआ
कार्यक्रम में बैच के करीब 75 साथी एक साथ जुटे और 35 वर्ष पुराने स्वर्णिम दिनों की यादों को ताजा करते हुए रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया
समारोह का शुभारम्भ केक कटिंग के साथ हुआ। इस अवसर पर सेफ्टी विभाग के चीफ अगम कुमार, योगेंदर सिंह, डॉ अरविंद तिवारी, विशाल भारती, रत्नेश कुमार, संजय महंती, उत्तम भट्टचार्य, योगेंद्र पाण्डेय, अरविन्द पाण्डेय, राजेश कुमार, धनु कुमार सिंह सहित सभी साथियों ने एक साथ केक काटकर कार्यक्रम का विधिवत उदघाटन किया
35 वर्षों की यात्रा: यादों का सफर
35 वर्ष पूर्व जब ये युवा टाटा स्टील के TA 91 सितम्बर बैच के रूप में एक साथ जुड़े थे, तब शायद किसी ने सोचा नहीं था कि तीन दशक से अधिक समय बाद भी यह साथ इतना ही मजबूत रहेगा। समारोह में वक्ताओं ने उन दिनों को याद किया जब बैच के सदस्य पहली बार जमशेदपुर आए थे, प्रशिक्षण के दिनों की कठोर मेहनत और आपसी सहयोग की भावना, जिससे न केवल एक पेशेवर टीम बनी बल्कि जीवन भर का अटूट बंधन भी स्थापित हुआ।
कार्यक्रम में पुरानी यादों के बीच हमारे पूज्यनीय इंस्ट्रक्टरर गुरुदेव श्री के सत्यनारायण की उपस्थिति समारोह में चार चाँद लगा दी माईनस और दूसरे लोकेशन से आए बहुत सारे साथियों नें अपने आवाज में गाने गए सब लोग आर के सिंह, संजय महंती, उत्तम भट्टचार्य, योगेंद्र पाण्डेय और ओम प्रकाश जी के गीत पर खुब झूमें , ठुमके लगाई गई, जिसमें बैच के प्रारंभिक दिनों की झलकियां देखकर सभी भावुक हो गए। कई साथियों ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि कैसे उस समय के कठिन प्रशिक्षण और अनुशासन ने उन्हें जीवन की हर चुनौती का सामना करने की क्षमता दी।
रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम
समारोह में संगीत, नृत्य और हास्य प्रस्तुतियों से समा बंधा रहा। साथियों ने स्वयं गीत गाए, पुराने फिल्मी गानों पर थिरके और मजेदार किस्सों से सभी को हंसाया। बैच के कुछ सदस्यों ने उन दिनों के मज़ेदार वाकये सुनाए, जिन्हें सुनकर हॉल तालियों से गूंज उठा।
साथियों का संदेश
समारोह को संबोधित करते हुए वरिष्ठ सदस्यों ने कहा कि यह मिलन केवल एक समारोह नहीं, बल्कि उस भावना का प्रतीक है जो टाटा स्टील परिवार को एक सूत्र में बांधती है। उन्होंने कहा कि 35 वर्षों बाद भी जब हम एक-दूसरे से मिलते हैं, तो लगता है मानो कल ही मिले हों। यही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है।
सेफ्टी विभाग के चीफ श्री अगम कुमार ने कहा कि टाटा स्टील ने हमें केवल रोजगार नहीं दिया, बल्कि एक परिवार दिया। आज जब हम 35 वर्ष बाद एक साथ हैं, तो हमें गर्व है कि हम इस महान संस्थान का हिस्सा रहे हैं।
डॉ अरविंद तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि “ज्वालित लोहे के लव के ऊपर हरित बाग का दर्शन हैं उस गुलशन के हम एक फूल हैं कर रहें आपका वन्दन हैं” समय कितना भी बीत जाए, साथियों के बीच का प्रेम और सम्मान कभी कम नहीं होता। यह वार्षिकोत्सव हमें अपने उन दिनों की याद दिलाता है, जब हम सबने एक साथ सपने देखे थे और उन्हें साकार करने के लिए कड़ी मेहनत की थी।
भावुक क्षण
कार्यक्रम के दौरान उन साथियों को भी याद किया गया जो अब इस दुनिया में नहीं हैं। उनके लिए एक मिनट का मौन रखा गया और उनकी याद में श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
समापन
समारोह का समापन भोज के साथ हुआ, जिसमें सभी साथियों ने एक साथ भोजन किया और एक-दूसरे से भविष्य में भी इसी तरह मिलते रहने का वादा किया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक साथ समूह चित्र लिया, जो इस यादगार शाम की स्थायी याद के रूप में रहेगा।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में सभी साथियों का योगदान रहा उपस्थित सभी ने आयोजकों की सराहना की और अगले वर्ष फिर से इसी उत्साह के साथ मिलने का संकल्प लिया


