सरकार को एसटी एससी के साथ ओबीसी की प्राथमिकताएं पर सर्वोच्च चिंतन जरूरी कई नियुक्तियों में भागेदारी शून्य चिंताजनक स्थिति – राणा
झारखंड देश का पहला राज्य जहां सबसे ज्यादा ओबीसी आबादी 60-65 फीसदी बावजूद अब तक 27 % आरक्षण लागू नहीं होना तनावपूर्ण विषय - कैलाश यादव एसटी एससी ओबीसी को पूर्ण रूप से सरकारी छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिलने से छात्रों के उच्च शिक्षा प्राप्ति पर असर संभव

सरकार को एसटी एससी के साथ ओबीसी की प्राथमिकताएं पर सर्वोच्च चिंतन जरूरी कई नियुक्तियों में भागेदारी शून्य चिंताजनक स्थिति – राणा
झारखंड देश का पहला राज्य जहां सबसे ज्यादा ओबीसी आबादी 60-65 फीसदी बावजूद अब तक 27 % आरक्षण लागू नहीं होना तनावपूर्ण विषय – कैलाश यादव
एसटी एससी ओबीसी को पूर्ण रूप से सरकारी छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिलने से छात्रों के उच्च शिक्षा प्राप्ति पर असर संभव
रांची- आज झारखंड प्रदेश राजद के वरिष्ठ नेता पूर्व प्रदेश अध्यक्ष पूर्व विधायक गौतम सागर राणा के साथ राजद प्रवक्ता कैलाश यादव सहित अन्य नेताओं की औपचारिक बैठक विधायक अतिथि आवास में सम्पन्न हुई
इस दौरान चर्चा करते हुए राजद के वरिष्ठ नेता पूर्व विधायक गौतम सागर राणा ने कहा कि राज्य निर्माण को 26 वर्ष हो गए लेकिन एसटी एससी ओबीसी वर्ग की विकास की पहिया अभी भी ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों की प्राथमिकताएं से बहुत दूर है ! जबकि राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में महागठबंधन सरकार राज्य को तेजी से विकास के मार्ग पर प्रशस्त किया है
युवा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की काबिलियत पर कोई सवाल नहीं है इनके नेतृत्व में लगभग 7 वर्षों के शासनकाल में कृषि क्षेत्र स्कूली शिक्षा सड़क बिजली पानी की स्थिति काफी बेहतर है विधि व्यवस्था भी संतोषजनक है और शासन प्रशासन का तालमेल समन्वय रूप से अच्छा कार्य कर रही है जबकि विपक्षी दल खासकर बीजेपी सरकार के विकासशील योजनाओं पर बेवजह बदनाम करने की असफल कोशिश करते रही है
श्री राणा ने कहा कि हेमंत सरकार को युवाओं के शिक्षा व्यवस्था में लाभ देने के साथ भविष्य के समुचित विकास पर और गंभीर होने की जरूरत है और सभी प्राथमिकताओं में विशेषकर नियुक्तियों पर काम करने की आवश्यकता है
चर्चा के दौरान राजद प्रवक्ता कैलाश यादव ने कहा कि झारखंड राज्य देश का पहला राज्य है जहां ओबीसी की आबादी लगभग 60-65 फीसदी है लेकिन राज्य निर्माण के 26 वर्षो बाद भी ओबीसी को 27 प्रतिशत और अनुसूचित जाति को 14 प्रतिशत आरक्षण का लाभ नहीं मिला जिस कारण लगभग 25 लाख युवाओं का भविष्य बेकार हो गया
विदित है वर्ष 15 नवंबर 2000 को राज्य निर्माण के वक्त झारखंड में संवैधानिक तौर पर एसटी एससी ओबीसी को 50 फीसदी आरक्षण लागू था लेकिन राज्य के प्रथम व तत्कालीन मुख्यमंत्री भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में जेडीयू आजसू सहयोगी एनडीए सरकार ने आरक्षण में संशोधन के तहत एसटी को 7.5 से बढ़ाकर 26 एवं एससी 14 से घटाकर 10 तथा ओबीसी को 27 से घटाकर 14 फीसदी कटौती कर तय कर दिया था
ज्ञातव्य है कि वर्तमान में झामुमो कांग्रेस राजद तीनों दल महागठबंधन में शामिल होकर हेमंत सोरेन के नेतृत्व में दूसरे टर्म सरकार चल रही है ! लेकिन राज्य में ओबीसी को 14 से 27 एवं अनुसूचित जाति को 10 से 14 फीसदी आरक्षण का पूर्ण लाभ नहीं मिला क्यों संवैधानिक तौर पर लागू नहीं हुआ
श्री यादव ने कहा कि राजद का बुनियाद अतिपिछड़े दलित अल्पसंख्यक आदिवासी समाज सहित दबे कुचले वंचित वर्गों का हितैषी रहा है ! राजद सुप्रीमो लालू प्र यादव सामाजिक न्याय के प्रणेता एवं सदभावना के प्रतीक रहे हैं इनका विचारधारा और नीतियों को बिहार झारखंड सहित देशभर के जन जन के लोगों ने स्वीकार्य किया है
राजद के लोगों में चिंता है कि हेमंत सरकार में आरक्षण व्यवस्था को मजबूती से लागू कर तमाम लोगों को लाभ पहुंचाने का काम करें
श्री यादव ने कहा कि विदेशों में पढ़ने वाले राज्य के एसटी एससी ओबीसी के छात्रों को पूर्ण रूप से छात्रवृत्ति नहीं मिलने से छात्रों के शिक्षा पर असर पड़ेगा इस विषय पर केंद्र एवं राज्य के बीच विवाद नहीं होनी चाहिए केंद्र सरकार को छात्रवृत्ति देने पर अविलंब फैसला लेनी चाहिए
चर्चा के दौरान आबिद अली प्रणय कु बबलू ललन यादव बलदेव सिंह मेहरा चंद्रशेखर भगत पवन उपाध्याय सहित अन्य कई लोग मौजूद थे



