सीएसआईआर–राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (सीएसआईआर-एनएमएल), जमशेदपुर द्वारा जिग्यासा कार्यक्रम के अंतर्गत तारापोर स्कूल, एग्रीको, जमशेदपुर के कक्षा XI एवं XII के विद्यार्थियों के लिए एक दिवसीय छात्र भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया
इस कार्यक्रम में कुल 79 विद्यार्थियों (41 छात्राएँ एवं 38 छात्र) तथा 4 शिक्षकगण शामिल हुए, जिनमें चंचल शर्मा एवं पामेला वर्मा प्रमुख रूप से उपस्थित थीं। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जागरूकता को बढ़ावा देना तथा उन्हें विशेष रूप से खनिज, धातु एवं सामग्री विज्ञान के क्षेत्र में वैज्ञानिक अनुसंधान एवं नवाचार से परिचित कराना था

जमशेदपुर- सीएसआईआर–राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (सीएसआईआर-एनएमएल), जमशेदपुर द्वारा जिग्यासा कार्यक्रम के अंतर्गत तारापोर स्कूल, एग्रीको, जमशेदपुर के कक्षा XI एवं XII के विद्यार्थियों के लिए एक दिवसीय छात्र भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस कार्यक्रम में कुल 79 विद्यार्थियों (41 छात्राएँ एवं 38 छात्र) तथा 4 शिक्षकगण शामिल हुए, जिनमें चंचल शर्मा एवं पामेला वर्मा प्रमुख रूप से उपस्थित थीं। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जागरूकता को बढ़ावा देना तथा उन्हें विशेष रूप से खनिज, धातु एवं सामग्री विज्ञान के क्षेत्र में वैज्ञानिक अनुसंधान एवं नवाचार से परिचित कराना था।
कार्यक्रम का शुभारम्भ डॉ. एस. शिवप्रसाद, वरिष्ठतम मुख्य वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष, एमटीई प्रभाग, के उदघाटन संबोधन से हुआ। उन्होंने विद्यार्थियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने, जिज्ञासु बने रहने तथा निरंतर नए विचारों की खोज करने के लिए प्रेरित किया। प्रतिभागियों का स्वागत डॉ. के. गोपाला कृष्णा, वैज्ञानिक-जी एवं अध्यक्ष, आईएमडीसी द्वारा किया गया। उन्होंने विभिन्न धात्विक सामग्रियों के अनुप्रयोगों पर एक ज्ञानवर्धक व्याख्यान प्रस्तुत किया तथा दशकों के दौरान उनके विकास और तकनीकी प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने आधुनिक अभियांत्रिकी, उद्योग एवं दैनिक जीवन के निर्माण में धातुओं एवं मिश्र धातुओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।
इसके पश्चात डॉ. अनिमेष जाना, वैज्ञानिक-ई, ने सीएसआईआर तथा देशभर में स्थित उसकी प्रयोगशालाओं के नेटवर्क पर एक जानकारीपूर्ण प्रस्तुति दी। उन्होंने विद्यार्थियों को विभिन्न सीएसआईआर प्रयोगशालाओं, विशेष रूप से सीएसआईआर-एनएमएल में संचालित विविध अनुसंधान गतिविधियों से अवगत कराया तथा विज्ञान एवं नवाचार में रुचि रखने वाले युवा विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी।
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण विद्यार्थियों का वैज्ञानिकों के साथ संवाद तथा सीएसआईआर-एनएमएल की विभिन्न प्रयोगशालाओं के भ्रमण के माध्यम से अनुसंधान वातावरण का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करना रहा। कार्यक्रम का समापन “स्वच्छता ही सेवा 2026” विषय पर श्री जय शंकर शरण, नियंत्रक प्रशासन (सीओए), सीएसआईआर-एनएमएल द्वारा दिए गए लोकप्रिय व्याख्यान के साथ हुआ। व्याख्यान के उपरांत एक विज्ञान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने वैज्ञानिकों के साथ संवाद स्थापित करने तथा कक्षा-कक्ष से परे वैज्ञानिक अनुसंधान का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करने के अवसर की सराहना की। यह कार्यक्रम युवा प्रतिभागियों को विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित करने में सफल रहा।



