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तारों की कलाई सूनी न रहे सिंहभूम डाक विभाग की अनूठी और भावुक पहल

स्मार्टफोन और डिजिटल संदेशों के इस आधुनिक दौर में भी, भाई की कलाई पर बहन के हाथों से बंधी रेशम की डोर और अक्षत-चंदन की खुशबू का कोई विकल्प नहीं हो सकता। रक्षाबंधन के इसी पावन अहसास को जिंदा रखने और भाई-बहन के निश्छल प्रेम को सहेजने के लिए सिंहभूम मंडल के डाक विभाग ने एक बेहद संवेदनशील और अनूठी पहल की है। विभाग का संकल्प है कि दूरी चाहे जितनी भी हो, किसी भी भाई की कलाई सूनी नहीं रहेगी और बहनों का प्यार उन तक जरूर पहुँचेगा

तारों की कलाई सूनी न रहे सिंहभूम डाक विभाग की अनूठी और भावुक पहल

जमशेदपुर- स्मार्टफोन और डिजिटल संदेशों के इस आधुनिक दौर में भी, भाई की कलाई पर बहन के हाथों से बंधी रेशम की डोर और अक्षत-चंदन की खुशबू का कोई विकल्प नहीं हो सकता। रक्षाबंधन के इसी पावन अहसास को जिंदा रखने और भाई-बहन के निश्छल प्रेम को सहेजने के लिए सिंहभूम मंडल के डाक विभाग ने एक बेहद संवेदनशील और अनूठी पहल की है। विभाग का संकल्प है कि दूरी चाहे जितनी भी हो, किसी भी भाई की कलाई सूनी नहीं रहेगी और बहनों का प्यार उन तक जरूर पहुँचेगा।
इस भावुक अभियान की शुरुआत करते हुए वरिष्ठ डाक अधीक्षक (सिंहभूम मंडल) उदयभान सिंह ने बेहद मार्मिक शब्दों में कहा कि भाई-बहन का यह प्रेम सिर्फ एक धागा नहीं बल्कि अटूट विश्वास है। आइए इस बार इस पावन पर्व को डाक विभाग के साथ मिलकर मनाएं और अपनों के चेहरे पर वो पुरानी, मासूम मुस्कान वापस लाएं।
बारिश की बूंदें भी नहीं डिगा पाएंगी बहनों का प्यार
अक्सर सावन के इस मौसम में बहनों को डर रहता है कि कहीं उनकी भेजी हुई राखी बारिश में भीगकर खराब न हो जाए। बहनों की इस चिंता को डाक विभाग ने पूरी संवेदनशीलता से समझा है। इसके लिए विशेष वॉटरप्रूफ लिफाफे तैयार किए गए हैं, जो सिंहभूम मंडल के 2 प्रधान डाकघरों, 71 उप डाकघरों और 654 शाखा डाकघरों में उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
विशेष काउंटर की व्यवस्था: त्योहार के दिनों में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए डाकघरों में विशेष काउंटर खोले जाएंगे, ताकि किसी भी बहन को कतार में परेशान न होना पड़े।
सुरक्षित डिलीवरी टीम: इन राखियों को मंजिल तक तय समय पर सुरक्षित पहुंचाने के लिए विभाग एक विशेष टीम के रूप में पूरी मुस्तैदी से काम करेगा और सभी राखियों को ‘स्पीड पोस्ट’ के जरिए भेजा जाएगा।

मासूम हाथों से सजेगा भाई का प्यार: स्कूलों में अनोखी प्रतियोगिता
इस पर्व को बच्चों के दिलों में और गहराई से उतारने के लिए डाक विभाग सिंहभूम के स्कूलों में एक बेहद खूबसूरत ‘राखी बनाओ और भेजो’ प्रतियोगिता का आयोजन करने जा रहा है। इसका उद्देश्य बच्चों को अपनी संस्कृति और रिश्तों की गर्माहट से जोड़ना है।
खुद बनाएंगी राखी: इस प्रतियोगिता में बहनें अपने नन्हे हाथों से, अपनी कल्पना और पूरे प्यार से अपने भाई के लिए खुद राखी तैयार करेंगी और उसे लिफाफे में सहेजकर भेजेंगी।
हौसला बढ़ाएगा डाक विभाग: बच्चों के इस खूबसूरत प्रयास और उनके हुनर को सराहने के लिए हर स्कूल से सर्वश्रेष्ठ राखी बनाने वाले 10 बच्चों को प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। इसके अलावा, पूरे सिंहभूम मंडल से सबसे बेहतरीन 10 बच्चों का चयन कर उन्हें विशेष महा-पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
विशेष उपहार (स्कूल से ही स्पीड पोस्ट): बहनों की सुविधा के लिए डाक विभाग की ओर से एक विशेष उपहार दिया जा रहा है—अब बहनों को डाकघर जाने की भी जरूरत नहीं होगी, स्कूल से ही सीधे स्पीड पोस्ट भेजने की पूरी व्यवस्था डाक विभाग स्वयं करेगा।
सिर्फ ₹70 में सरहदों पार पहुंचेगा स्नेह का संदेश
इस पूरी भावुक प्रतियोगिता और डाक सेवा का हिस्सा बनने के लिए कुल शुल्क मात्र ₹70 रखा गया है, ताकि हर तबके का बच्चा इसमें शामिल हो सके।
स्नेह और सेवा का पारदर्शी विवरण: सेवा का माध्यम विवरण राशि
सुरक्षा की गारंटीवॉटरप्रूफ लिफाफा₹ 10
दूरी मिटाने का जरियास्पीड पोस्ट चार्ज₹ 55
प्रबंधनविविध व्यवस्था शुल्क₹ 05
कुल समर्पण राशि भाई तक प्यार पहुँचाने का कुल खर्च₹ 70 एक भावुक अपील: डाकघर सिर्फ चिट्ठियां या पार्सल नहीं बांटता, यह सदियों से खुशियां और अपनों का अहसास बांटता आया है। आइए, इस रक्षाबंधन पर अपने बच्चों को हाथ से बनी राखी और डाक के इस पारंपरिक सफर का अहसास कराएं, जो तकनीक के दौर में कहीं पीछे छूटता जा रहा है। अपने बच्चों को इस सुंदर पहल का हिस्सा जरूर बनाएं!

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