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स्वातंत्र्योत्तर काल में हिन्दी साहित्य में राष्ट्रीय भाव विषय पर साहित्यिक परिचर्चा के साथ तुलसी जयंती समारोह का शुभारंभ

सिंहभूम जिला हिन्दी साहित्य सम्मेलन/तुलसी भवन संस्थान द्वारा डेढ माह से ज्यादा चलने वाले 'तुलसी जयंती समारोह' के अन्तर्गत रविवार,28 जून को अपराह्न 4 बजे से संस्थान के मानस सभागार में साहित्यकारों के लिए 'साहित्यिक परिचर्चा' कार्यक्रम आयोजित की गई। जिसके अन्तर्गत "स्वातंत्र्योत्तर काल में हिन्दी साहित्य में राष्ट्रीय भाव" विषय पर साहित्यकारों ने अपने विचार व्यक्त किये

स्वातंत्र्योत्तर काल में हिन्दी साहित्य में राष्ट्रीय भाव विषय पर साहित्यिक परिचर्चा के साथ तुलसी जयंती समारोह का शुभारंभ

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जमशेदपुर- सिंहभूम जिला हिन्दी साहित्य सम्मेलन/तुलसी भवन संस्थान द्वारा डेढ माह से ज्यादा चलने वाले 'तुलसी जयंती समारोह' के अन्तर्गत रविवार,28 जून को अपराह्न 4 बजे से संस्थान के मानस सभागार में साहित्यकारों के लिए 'साहित्यिक परिचर्चा' कार्यक्रम आयोजित की गई। जिसके अन्तर्गत "स्वातंत्र्योत्तर काल में हिन्दी साहित्य में राष्ट्रीय भाव" विषय पर साहित्यकारों ने अपने विचार व्यक्त किये। यह आयोजन साहित्यकारों के बीच एक स्वस्थ प्रतियोगिता के रुप में सम्पन्न की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के उपाध्यक्ष राम नन्दन प्रसाद तथा संचालन प्रसन्न वदन मेहता ने किया । इस अवसर पर अतिथि सह निर्णायक द्वय के रूप में पटना से पधारे अखिल भारतीय भोजपुरी साहित्य सम्मेलन के कार्यकारी अध्यक्ष भगवती प्रसाद द्विवेदी तथा राॅची विश्वविद्यालय के पूर्व हिन्दी विभागाध्यक्ष डाॅo जंग बहादुर पाण्डेय उपस्थित रहे । कार्यक्रम के आरंभ में स्वागत वक्तव्य संस्थान के मानद महासचिव डॉo प्रसेनजित तिवारी तथा विषय परिवेश साहित्य समिति की मार्गदर्शिका डाॅo रागिनी भूषण ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ अजय ओझा ने दिया।
कार्यक्रम का आरंभ मां सरस्वती तथा गोस्वामी तुलसीदास के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलन एवं पुष्पार्पण कर किया गया। तत्पश्चात् कार्यक्रम में उपासना सिन्हा के सरस्वती वंदना के बाद परिचर्चा का दौर आरम्भ हुआ । जिसमें भाग लेने वाले साहित्यकारों में सर्वश्री यमुना तिवारी 'व्यथित', वसंत जमशेदपुरी, डाॅo अरुण कुमार शर्मा,रीना गुप्ता, जोबा मुर्मू, ब्रजेंद्रनाथ मिश्र, अजय प्रजापति, डाॅo वीणा पाण्डेय भारती, माधवी उपाध्याय, अशोक पाठक स्नेही, डाॅo अजय कुमार ओझा, उपासना सिन्हा, सूरज सिंह राजपूत, पूनम महानन्द, राजेन्द्र शाह राज, नीलिमा पाण्डेय, शकुंतला शर्मा, प्रणति शरण पिंकी, धर्म चन्द्र पोद्दार, मनीष सिंह वंदन, डाॅo सुनीता बेदी, डॉo नरेंद्र कुमार सिंह, प्रेमलता कुमारी , डाॅo अनिता निधि, रीति झा, माधुरी मिश्रा एवं अन्य कई साहित्यकार प्रमुख रहे ।

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