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पोटका विधायक संजीव सरदार और घाटशिला विधायक सोमेश सोरेन ने यूसिल विस्थापित समितियों और परिवारों के साथ उपायुक्त से की मुलाकात

यूसीआईएल के तुरामडीह, नरवा, जादूगोड़ा, बांदूहुड़ांग और बागजामदा माइंस के विस्थापितों के साथ माझी बाबा भी रहे मौजूद

पोटका विधायक संजीव सरदार और घाटशिला विधायक सोमेश सोरेन ने यूसिल विस्थापित समितियों और परिवारों के साथ उपायुक्त से की मुलाकात

यूसीआईएल के तुरामडीह, नरवा, जादूगोड़ा, बांदूहुड़ांग और बागजामदा माइंस के विस्थापितों के साथ माझी बाबा भी रहे मौजूद

https://youtube.com/@pramodkumarjha8189?si=A-TkCeUstjvpL30G

जमशेदपुर- पोटका विधायक संजीव सरदार एवं घाटशिला विधायक सोमेश सोरेन ने यूसीआईएल के तुरामडीह, नरवा, जादूगोड़ा, बांदूहुड़ांग एवं बागजामदा माइंस क्षेत्र के माझी बाबा ऐंव विस्थापित समितियों और विस्थापित परिवारों के सदस्यों के साथ जमशेदपुर उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर उपायुक्त राजीव रंजन से मुलाकात की। इस दौरान विस्थापित एवं प्रभावित परिवारों की विभिन्न समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर उपायुक्त के साथ विस्तारपूर्वक वार्ता की गई।

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रोजगार, पुनर्वास और मूलभूत सुविधाओं पर दिया जोर

विधायकों एवं प्रतिनिधिमंडल ने मांग रखी कि विस्थापित परिवारों को रोजगार के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, कौशल विकास एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। तुरामडीह एवं अन्य परियोजनाओं से प्रभावित परिवारों के लंबित मामलों का समयबद्ध समाधान करने तथा विस्थापितों के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई।

सीएम से हुई मुलाकात के बाद मुख्य सचिव को भेजनी थी रिपोर्ट, डीसी को जल्द भेजने का निर्देश

विधायक संजीव सरदार के साथ पूर्व में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से हुई मुलाकात का भी इस दौरान संदर्भ दिया गया। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव एवं उपायुक्त से पूरे मामले की रिपोर्ट मंगाकर विस्थापितों की समस्याओं का समाधान करने का निर्देश दिया था।

जमीन गई, लेकिन नौकरी नहीं मिली—सबसे बड़ा मुद्दा

बैठक में विस्थापित परिवारों की सबसे प्रमुख समस्या रोजगार और नौकरी को लेकर उठाई गई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि बड़ी संख्या में ऐसे परिवार हैं, जिन्होंने यूसीआईएल की परियोजनाओं के लिए अपनी जमीन दी और विस्थापित हुए, लेकिन आज तक उन्हें नौकरी नहीं मिली। वहीं, कई ऐसे विस्थापित भी हैं जिनकी नौकरी के दौरान मृत्यु हो गई, लेकिन उनके आश्रितों को अब तक नौकरी नहीं दी गई। इसके अलावा कई कर्मचारी नौकरी से सेवानिवृत्त हो गए, लेकिन उनके आश्रितों को रोजगार नहीं मिला, जबकि उनकी जमीन परियोजना के लिए चली गई। प्रतिनिधिमंडल ने इन सभी मामलों की जांच कर पात्र विस्थापित परिवारों एवं उनके आश्रितों को नियमानुसार रोजगार दिलाने की मांग की।

विस्थापितों के अधिकारों की अनदेखी नहीं होने देंगे’ – संजीव सरदार

विधायक संजीव सरदार ने कहा कि जिन परिवारों ने विकास परियोजनाओं के लिए अपनी जमीन दी है, उनके साथ न्याय होना चाहिए। जमीन देने के बाद यदि विस्थापित परिवारों को रोजगार और उनके आश्रितों को नियमानुसार नौकरी का लाभ नहीं मिलता है, तो यह गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब इस मामले में सकारात्मक और ठोस कार्रवाई की उम्मीद है। विस्थापित परिवारों के अधिकारों और उनकी जायज मांगों को लेकर सरकार एवं प्रशासन के समक्ष लगातार आवाज उठाई जाएगी।

बैठक में विस्थापितों को रोजगार में प्राथमिकता देने, लंबित नौकरी के मामलों का शीघ्र निष्पादन करने, प्रभावित परिवारों के आश्रितों को नियमानुसार रोजगार उपलब्ध कराने तथा पूर्व में लिए गए निर्णयों को लागू करने सहित अन्य मांगें भी रखी गईं। प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त से पूरे मामले में आवश्यक कार्रवाई करते हुए विस्थापित परिवारों को जल्द राहत दिलाने का आग्रह किया।

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