नवनियुक्त झारखंड प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के लिए सिविल डिफेंस व आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण आयोजित
अनुमंडल पदाधिकारी धालभूम, जमशेदपुर अरनव मिश्रा (IAS) के आहवान पर आज अनुमंडल पदाधिकारी कार्यालय में नवनियुक्त झारखंड प्रशासनिक सेवा (JAS) के प्रशिक्षु पदाधिकारियों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। प्रातः 11:30 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक चले इस सत्र का मुख्य विषय 'सिविल डिफेंस, आपदा प्रबंधन एवं बचाव' था

नवनियुक्त झारखंड प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के लिए सिविल डिफेंस व आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण आयोजित
जमशेदपुर – अनुमंडल पदाधिकारी धालभूम, जमशेदपुर अरनव मिश्रा (IAS) के आहवान पर आज अनुमंडल पदाधिकारी कार्यालय में नवनियुक्त झारखंड प्रशासनिक सेवा (JAS) के प्रशिक्षु पदाधिकारियों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। प्रातः 11:30 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक चले इस सत्र का मुख्य विषय ‘सिविल डिफेंस, आपदा प्रबंधन एवं बचाव’ था। इस महत्वपूर्ण सत्र में नागरिक सुरक्षा (सिविल डिफेंस), जमशेदपुर की ओर से चीफ वार्डन सह मास्टर ट्रेनर अरुण कुमार तथा डिवीजनल वार्डन सह मास्टर ट्रेनर कमलकांत सिन्ह ने उपस्थित अधिकारियों को प्रशिक्षित किया।
प्रशिक्षण के दौरान निम्न मुख्य बिंदुओं पर गहन जानकारी दी गई। :
1.नागरिक सुरक्षा का महत्व: अधिकारियों को नागरिक सुरक्षा के इतिहास और आधुनिक भारत में सिविल डिफेंस की उपयोगिता एवं कार्यपद्धति पर विस्तृत जानकारी दी गई।
2.आपदा प्रबंधन: विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक एवं मानव-निर्मित आपदाओं, उनसे बचने के उपायों और सटीक आपदा प्रबंधन के तरीकों पर गहन चर्चा की गई।
3.जीवन-रक्षक कौशल (Life-Saving Skills): आपातकालीन स्थितियों में जान बचाने के लिए प्राथमिक चिकित्सा (First Aid), और CPR (Cardiopulmonary Resuscitation) प्रणाली का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य नवनियुक्त अधिकारियों को आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए तैयार करना था। साथ ही, उन्हें इस बात के प्रति जागरूक करना था कि आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों में सिविल डिफेंस और इसके स्वयंसेवक किस प्रकार जिला प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अहम भूमिका निभाते हैं।
मास्टर ट्रेनर्स ने इस बात पर जोर दिया कि प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए समाज के हर वर्ग के लिए इस प्रकार के जीवन-रक्षक कौशल को सीखना अत्यंत आवश्यक है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में झारखंड प्रशासनिक सेवा के लगभग 10 प्रशिक्षु अधिकारियों ने भाग लिया। सभी अधिकारियों ने इस व्यावहारिक और ज्ञानवर्धक सत्र में गहरी रुचि दिखाई और प्रशिक्षण से लाभान्वित हुए।

