जनहित में भ्रष्टाचार के विरुद्ध व्यापारी समाज एवं सामाजिक संगठनों की संयुक्त संघर्ष के तहत संवाददाता सम्मेलन आयोजित
होटल गंगा रीजेंसी में बिजनेस समुदाय सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं ब्रजवंदना फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण संवाददाता सम्मेलन आयोजित की गई। इस संवाददाता सम्मेलन का उद्देश्य ईएसआईसी से जुड़े विभिन्न प्रतिष्ठानों, नियोक्ताओं, श्रमिकों एवं लाभार्थियों द्वारा कथित रूप से झेली गई समस्याओं एवं शिकायतों को सार्वजनिक मंच पर रखना था। संवाददाता सम्मेलन में उपस्थित लोगों ने आरोप लगाया कि सचित कुमार (पूर्व शाखा प्रबंधक, ईएसआईसी गोलमुरी शाखा) एवं रवि शंकर (सोशल सिक्योरिटी ऑफिसर) द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कथित रूप से रिश्वत, अवैध धन उगाही, सर्वे के नाम पर धन की मांग, मेडिकल बिलों के शीघ्र भुगतान, परिवार विवरण अपडेट, ईएसआईसी कवरेज एवं अन्य प्रशासनिक कार्यों के बदले धन की मांग जैसी गतिविधियाँ की गईं। संवाददाता सम्मेलन में यह भी बताया गया कि इन मामलों की शिकायतें वर्ष 2025 से जुलाई 2026 के बीच विभिन्न संवैधानिक एवं सरकारी संस्थाओं के समक्ष की गई है

जनहित में भ्रष्टाचार के विरुद्ध व्यापारी समाज एवं सामाजिक संगठनों की संयुक्त संघर्ष के तहत संवाददाता सम्मेलन आयोजित
जामशेदपुर – होटल गंगा रीजेंसी में बिजनेस समुदाय सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं ब्रजवंदना फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण संवाददाता सम्मेलन आयोजित की गई। इस संवाददाता सम्मेलन का उद्देश्य ईएसआईसी से जुड़े विभिन्न प्रतिष्ठानों, नियोक्ताओं, श्रमिकों एवं लाभार्थियों द्वारा कथित रूप से झेली गई समस्याओं एवं शिकायतों को सार्वजनिक मंच पर रखना था। संवाददाता सम्मेलन में उपस्थित लोगों ने आरोप लगाया कि सचित कुमार (पूर्व शाखा प्रबंधक, ईएसआईसी गोलमुरी शाखा) एवं रवि शंकर (सोशल सिक्योरिटी ऑफिसर) द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कथित रूप से रिश्वत, अवैध धन उगाही, सर्वे के नाम पर धन की मांग, मेडिकल बिलों के शीघ्र भुगतान, परिवार विवरण अपडेट, ईएसआईसी कवरेज एवं अन्य प्रशासनिक कार्यों के बदले धन की मांग जैसी गतिविधियाँ की गईं। संवाददाता सम्मेलन में यह भी बताया गया कि इन मामलों की शिकायतें वर्ष 2025 से जुलाई 2026 के बीच विभिन्न संवैधानिक एवं सरकारी संस्थाओं के समक्ष की गई हैं, जिनमें ईएसआईसी मुख्यालय, महानिदेशक ईएसआईसी, क्षेत्रीय निदेशक, केंद्रीय सतर्कता आयोग , प्रधानमंत्री कार्यालय , राष्ट्रपति सचिवालय, राज्यपाल झारखंड, लोकपाल, लोकायुक्त, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, राष्ट्रीय महिला आयोग, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, मुख्य सचिव झारखंड, उपायुक्त पूर्वी सिंहभूम, सीबीआई, राज्य सतर्कता विभाग, जन शिकायत प्रकोष्ठ सहित अन्य सक्षम प्राधिकरण शामिल हैं। शिकायतकर्ताओं के अनुसार कई स्तरों पर शिकायतों का संज्ञान लिया गया तथा विधिसम्मत जांच का आश्वासन भी दिया गया। संवाददाता सम्मेलन में विभिन्न प्रतिष्ठानों एवं व्यक्तियों ने अपने-अपने अनुभव साझा किए। इनमें ऑटो प्रोफाइल लिमिटेड, मोहिंदर पेट्रोलियम, होटल करनैल रेस्टोरेंट, शू बाजार, ओम प्रकाश राव, श्रीमती कस्तूरी बनिक, उत्कर्ष कंस्ट्रक्शन, जी.डी. एंड कंपनी, नारायण एंटरप्राइज, केवीसी, माया साड़ी एम्पोरियम, वी एंटरप्राइजेज, ऑटोटेक प्लस, विधायक प्रतिनिधि नीरज सिंह, तथा ब्रजवंदना फाउंडेशन के सदस्य एवं विश्व हिन्दू परिषद के जिला संयोजक विवेक सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों एवं व्यापारिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों ने अपना समर्थन एवं सहभागिता दर्ज कराई, सहित अनेक प्रतिष्ठानों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कथित रूप से रिश्वत मांगने एवं प्रशासनिक उत्पीड़न के आरोपों का उल्लेख किया।
ब्रजवंदना फाउंडेशन के अध्यक्ष भास्कर कुमार ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उनके एवं उनके परिवार के विरुद्ध लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार, तथ्यहीन एवं दुर्भावनापूर्ण हैं उन्होंने दावा किया कि उनके परिवार अथवा उनके किसी प्रतिष्ठान द्वारा ईएसआईसी का कोई भी लाभ नियमों के विरुद्ध प्राप्त नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि उनके पिता को मिलने वाला वैधानिक मेडिकल बोर्ड एवं सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के बाद प्रदान किया गया है तथा उनके कर्मचारियों से संबंधित सभी दावे विधिसम्मत प्रक्रिया के अनुसार स्वीकृत हुए हैं। भास्कर कुमार ने आरोप लगाया कि उनके विरुद्ध प्रकाशित समाचार उनकी सामाजिक एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने तथा भ्रष्टाचार के विरुद्ध उठाई जा रही आवाज़ को दबाने के उद्देश्य से प्रकाशित किए गए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आरोपों से उनके परिवार को मानसिक एवं सामाजिक आघात पहुंचा है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी अधिकारी के विरुद्ध शिकायतें दर्ज होने एवं विभागीय कार्रवाई प्रारंभ होने के बाद शिकायतकर्ता के विरुद्ध सार्वजनिक आरोप लगाए जाते हैं, तो ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। संवाददाता सम्मेलन में यह भी मांग की गई कि यदि किसी अधिकारी का स्थानांतरण आदेश जारी हो चुका है तो उसके अनुपालन एवं स्थानांतरण के बाद उसकी गतिविधियों की भी सक्षम एजेंसी द्वारा जांच कराई जाए, ताकि किसी प्रकार की शंका या विवाद की स्थिति समाप्त हो सके। संवाददाता सम्मेलन के दौरान कुछ शिकायतकर्ताओं ने दावा किया कि उन्हें ऐसी जानकारी प्राप्त हुई है कि ईएसआईसी, गोलमुरी शाखा के पूर्व शाखा प्रबंधक सचित कुमार अपने स्थानांतरण को रुकवाने के लिए क्षेत्रीय कार्यालय एवं मुख्यालय स्तर पर प्रभाव डालने का प्रयास कर रहे हैं। शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि इस संबंध में अनुचित साधनों का उपयोग किए जाने की चर्चाएं हैं। उन्होंने मांग की कि इन आरोपों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि जांच में किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार, अनुचित प्रभाव अथवा अवैध लेन-देन का प्रयास सिद्ध होता है, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए। संवाददाता सम्मेलन के दौरान ब्रजवंदना फाउंडेशन के अध्यक्ष भास्कर कुमार ने आरोप लगाया कि उन्हें पूर्व श्रम अधीक्षक, एलएस-2, सत्येन्द्र कुमार सिंह (एस. के. सिंह) द्वारा लंबे समय तक कथित रूप से प्रशासनिक रूप से प्रताड़ित किया गया। उन्होंने दावा किया कि उनके विरुद्ध सीतारामडेरा थाना में सरकारी कार्य में बाधा सहित अन्य आरोपों के आधार पर शिकायत दर्ज कराई गई, जबकि उनके अनुसार यह शिकायत तथ्यहीन थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 25 जून 2026 को ईएसआईसी गोलमुरी शाखा में सचित कुमार, सत्येन्द्र कुमार सिंह एवं रवि शंकर के बीच उनके विरुद्ध कार्रवाई की योजना बनाई गई तथा उनके ईएसआईसी अभिलेखों से पता निकालकर उसका कथित दुरुपयोग किया गया, जिसके आधार पर 29 जून 2026 को शिकायत दर्ज कराई गई। उन्होंने इन आरोपों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग की। भास्कर कुमार ने सीतारामडेरा थाना के प्रभारी पदाधिकारी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिकायत प्राप्त होने के बाद उपलब्ध तथ्यों का तत्काल सत्यापन किया गया और उनके अनुसार लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं होने पर उचित कार्रवाई की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सचित कुमार एवं रवि शंकर द्वारा केंद्रीय सिविल सेवा (आचरण) नियमों के संभावित उल्लंघन के संबंध में भी सक्षम प्राधिकारी द्वारा जांच कराई जानी चाहिए। संवाददाता सम्मेलन में यह भी कहा गया कि प्रभात कुमार के दुर्घटना मामले को क्षेत्रीय कार्यालय एवं मुख्यालय द्वारा विधिसम्मत जांच एवं अनुमोदन के बाद स्वीकृति प्रदान की गई थी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया
कि किसी प्रोपराइटर का अन्य संस्था में वेतनभोगी कर्मचारी के रूप में कार्य करना अपने आप में अवैध नहीं है, यदि वह लागू कानूनों एवं ईएसआईसी के प्रावधानों का पालन करता हो करेलाइफ प्रोजेक्ट के संबंध में यह भी कहा गया कि निरीक्षण अधिकारी द्वारा निरीक्षण, ऑनलाइन अद्यतन , क्षेत्रीय कार्यालय एवं मुख्यालय के सत्यापन के उपरांत ही अंतिम प्रक्रिया पूरी की गई थी। इसलिए किसी भी प्रकार के आरोपों की जांच करते समय संपूर्ण आधिकारिक अभिलेखों एवं अनुमोदनों पर विचार किया जाना चाहिए। संवाददाता सम्मेलन में सरयू राय के विधायक प्रतिनिधि नीरज सिंह सहित अनेक व्यापारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं विभिन्न प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी उपस्थित लोगों ने एक स्वर में निष्पक्ष, स्वतंत्र एवं समयबद्ध जांच की मांग करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज़ उठाने वालों को प्रताड़ित नहीं किया जाना चाहिए तथा शिकायतकर्ताओं एवं गवाहों को विधिसम्मत सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए।
प्रमुख मांगेंः
सभी शिकायतों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए। शिकायतकर्ताओं एवं गवाहों को किसी भी प्रकार के प्रतिशोध से सुरक्षा प्रदान की जाए। ईएसआईसी में भ्रष्टाचार मुक्त एवं पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
श्रमिकों, नियोक्ताओं एवं बीमित व्यक्तियों को बिना किसी अवैध मांग के समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। संवाददाता सम्मेलन में उपस्थित सभी सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं व्यापारिक प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि यह किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध अभियान नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध जनहित की लड़ाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी आरोप की जांच में सत्यता नहीं पाई जाती है तो वे विधि के शासन का सम्मान करेंगे, परंतु यदि आरोप सही सिद्ध होते हैं तो दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। भ्रष्टाचार राष्ट्र के विकास में सबसे बड़ी बाधा है। श्रमिक, नियोक्ता और आम नागरिक का सम्मान एवं अधिकार सर्वोपरि है। जनहित की इस लड़ाई को लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा


