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जमशेदपुर बंदी के दौरान टेल्को, घोड़ाबांधा मंडल अध्यक्ष एवं जिला महामंत्री समेत दर्जनों भाजपा कार्यकर्ताओं पर दर्ज प्राथमिकी को जिलाध्यक्ष संजीव सिन्हा ने बताया राजनीतिक विद्वेष और पूर्वाग्रह का परिणाम

भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा ने जमशेदपुर बंद के दौरान टेल्को थाना में टेल्को मंडल अध्यक्ष विकास शर्मा, घोड़ाबांधा मंडल अध्यक्ष नीरज शर्मा, जिला महामंत्री जितेंद्र राय समेत कई वरिष्ठ भाजपा नेताओं एवं दर्जनों कार्यकर्ताओं के विरुद्ध दर्ज प्राथमिकी को राजनीतिक विद्वेष, पूर्वाग्रह और लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का प्रयास बताया है

जमशेदपुर बंदी के दौरान टेल्को, घोड़ाबांधा मंडल अध्यक्ष एवं जिला महामंत्री समेत दर्जनों भाजपा कार्यकर्ताओं पर दर्ज प्राथमिकी को जिलाध्यक्ष संजीव सिन्हा ने बताया राजनीतिक विद्वेष और पूर्वाग्रह का परिणाम

जमशेदपुर- भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा ने जमशेदपुर बंद के दौरान टेल्को थाना में टेल्को मंडल अध्यक्ष विकास शर्मा, घोड़ाबांधा मंडल अध्यक्ष नीरज शर्मा, जिला महामंत्री जितेंद्र राय समेत कई वरिष्ठ भाजपा नेताओं एवं दर्जनों कार्यकर्ताओं के विरुद्ध दर्ज प्राथमिकी को राजनीतिक विद्वेष, पूर्वाग्रह और लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का प्रयास बताया है। उन्होंने कहा कि बीते शुक्रवार को भाजपा द्वारा आहूत जमशेदपुर बंद पूर्णतः शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और जनसमर्थन आधारित था। शुक्रवार शाम तक शहर के किसी भी क्षेत्र से तोड़फोड़, आगजनी, जबरन बंद कराने अथवा हिंसा की एक भी शिकायत सामने नहीं आई। किसी समाचार पत्र, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया या प्रशासनिक माध्यम से भी ऐसी कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई। ऐसे में देर रात अचानक भाजपा कार्यकर्ताओं पर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का मामला दर्ज किया जाना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।

संजीव सिन्हा ने कहा कि आखिर स्वतःस्फूर्त बंद के दौरान वह कौन सा सरकारी कार्य था, जिसमें भाजपा कार्यकर्ताओं ने बाधा उत्पन्न की? यदि कोई घटना हुई थी तो उसकी शिकायत तत्काल क्यों नहीं हुई और पूरे दिन शांत रहने के बाद देर रात प्राथमिकी दर्ज करने की ऐसी कौन सी मजबूरी उत्पन्न हो गई? यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि भाजपा कार्यकर्ताओं को अनावश्यक रूप से प्रताड़ित करने और लोकतांत्रिक आंदोलनों को कुचलने की मंशा से कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने हमेशा अन्याय, भ्रष्टाचार और अपराध के विरुद्ध सड़क से सदन तक संघर्ष किया है। क्या अब शहर में बढ़ती हत्या, लूट, चाकूबाजी, नशे के कारोबार और ध्वस्त होती कानून व्यवस्था के खिलाफ जनता का समर्थन जुटाना भी अपराध माना जाएगा? क्या जनभावनाओं के साथ खड़ा होना और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराना अब गुनाह हो गया है?

संजीव सिन्हा ने जमशेदपुर अक्षेस के अधिकारियों से कहा कि वे भाजपा कार्यकर्ताओं को डराने, धमकाने और उनकी लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का प्रयास न करें। इस समय प्रशासनिक पदों पर बैठे अधिकारियों का दायित्व भाजपा कार्यकर्ताओं पर मुकदमे दर्ज करने की नहीं है, बल्कि बेलगाम अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की है, जो प्रतिदिन कानून को चुनौती दे रहे हैं।

उन्होंने टेल्को थाना प्रभारी से भी इस मामले में निष्पक्षता, विवेकपूर्ण और तथ्यों के आधार पर निर्णय लेने की अपील करते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन को किसी राजनीतिक दबाव या पूर्वाग्रह से ऊपर उठकर न्यायोचित कार्रवाई करनी चाहिए। भाजपा कार्यकर्ता लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखते हैं और किसी भी परिस्थिति में जनहित एवं जनसरोकार के मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे।

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