एनआईटी जमशेदपुर ने सीएसआईआर–राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला के साथ अनुसंधान सहयोग हेतु समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर किए हस्ताक्षर
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर एवं सीएसआईआर–राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (सीएसआईआर–एनएमएल), जमशेदपुर के बीच अनुसंधान, नवाचार, ज्ञान-विनिमय तथा शैक्षणिक-वैज्ञानिक सहयोग को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से बुधवार को एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य दोनों प्रतिष्ठित संस्थानों की विशेषज्ञता का समन्वय कर उच्चस्तरीय अनुसंधान, अंतःविषय सहयोग तथा तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देना है

एनआईटी जमशेदपुर ने सीएसआईआर–राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला के साथ अनुसंधान सहयोग हेतु समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर किए हस्ताक्षर

जमशेदपुर- राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर एवं सीएसआईआर–राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (सीएसआईआर–एनएमएल), जमशेदपुर के बीच अनुसंधान, नवाचार, ज्ञान-विनिमय तथा शैक्षणिक-वैज्ञानिक सहयोग को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से बुधवार को एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य दोनों प्रतिष्ठित संस्थानों की विशेषज्ञता का समन्वय कर उच्चस्तरीय अनुसंधान, अंतःविषय सहयोग तथा तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देना है।
समझौता ज्ञापन पर प्रो. (डॉ.) सतीश कुमार, अधिष्ठाता (अनुसंधान एवं परामर्श), एनआईटी जमशेदपुर तथा डॉ. शीतल कुमार पाल, वैज्ञानिक एवं प्रमुख, आरपीडी, सीएसआईआर–एनएमएल ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर डॉ. संदीप घोष चौधरी, निदेशक, सीएसआईआर–एनएमएल, डॉ. तुषार बनर्जी, एसोसिएट डीन (अनुसंधान), प्रो. एन. के. साहू, प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस तथा प्रो. सितेंदु मंडल, प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस सहित दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी एवं संकाय सदस्य उपस्थित रहे।
अपने संदेश में प्रो. गौतम सूत्रधार, निदेशक, एनआईटी जमशेदपुर ने कहा कि सीएसआईआर–एनएमएल जैसे अग्रणी राष्ट्रीय अनुसंधान संस्थान के साथ यह सहयोग संस्थान की अनुसंधान क्षमता को नई दिशा प्रदान करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह साझेदारी संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, नवाचार, बौद्धिक संपदा सृजन तथा उद्योग एवं समाज की आवश्यकताओं के अनुरूप समाधान विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। साथ ही, यह सहयोग विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं संकाय सदस्यों के लिए उन्नत अनुसंधान सुविधाओं, इंटर्नशिप तथा विशेषज्ञों के साथ कार्य करने के नए अवसर उपलब्ध कराएगा।
यह समझौता दोनों संस्थानों के बीच संयुक्त अनुसंधान, ज्ञान-साझाकरण, कार्यशालाओं, संगोष्ठियों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा वैज्ञानिक सहयोग को नई गति प्रदान करेगा। यह पहल एनआईटी जमशेदपुर की राष्ट्रीय स्तर के अग्रणी अनुसंधान संस्थानों के साथ रणनीतिक साझेदारी स्थापित करने की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करते हुए “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।

