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23 मई से 27 मई तक आयोजित 5 दिवसीय दिव्य समर कैंप में बच्चों ने सीखे संस्कार, सेवा और प्रकृति प्रेम के अनमोल पाठ

ब्रहमा कुमारीज के बिष्टुपुर सेवा केन्द्र में ब्रह्माकुमारी अंजू दीदी के सानिध्य में आयोजित 23 मई से 27 मई तक चल रहे पांच दिवसीय दिव्य समर कैंप का आज तीसरा दिन अत्यंत उमंग, उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ सम्पन्न हुआ। इस विशेष समर कैंप में प्रतिदिन लगभग 40 से 45 बच्चों ने आनंदपूर्वक भाग लेकर अपने जीवन को संस्कारवान एवं शक्तिशाली बनाने की प्रेरणा प्राप्त की

23 मई से 27 मई तक आयोजित 5 दिवसीय दिव्य समर कैंप में बच्चों ने सीखे संस्कार, सेवा और प्रकृति प्रेम के अनमोल पाठ


जमशेदपुर- ब्रहमा कुमारीज के बिष्टुपुर सेवा केन्द्र में ब्रह्माकुमारी अंजू दीदी के सानिध्य में आयोजित 23 मई से 27 मई तक चल रहे पांच दिवसीय दिव्य समर कैंप का आज तीसरा दिन अत्यंत उमंग, उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ सम्पन्न हुआ। इस विशेष समर कैंप में प्रतिदिन लगभग 40 से 45 बच्चों ने आनंदपूर्वक भाग लेकर अपने जीवन को संस्कारवान एवं शक्तिशाली बनाने की प्रेरणा प्राप्त की।
प्रतिदिन आयोजित तीन घंटे के इस दिव्य समर कैंप में बच्चों के लिए अनेक रचनात्मक एवं आध्यात्मिक गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनके माध्यम से बच्चों में दिव्य संस्कार, आत्मविश्वास, अनुशासन तथा सकारात्मक शक्तियों का संचार किया गया।

आज के कार्यक्रम की सबसे विशेष एवं प्रेरणादायक गतिविधि “पौधारोपण” रही। बच्चों ने उत्साहपूर्वक पौधे लगाकर “Save Plant”, “Plant More Trees”, “More Plants More Oxygen” तथा “Plant Tree Save Earth” जैसे महत्वपूर्ण संदेश समाज को दिए। इस अवसर पर बच्चों को प्रकृति संरक्षण एवं पर्यावरण सुरक्षा का महत्व भी समझाया गया।

ब्रह्माकुमारी अंजू दीदी ने अपने प्रेरणादायी उदबोधन में कहा कि
“बच्चे भगवान का स्वरूप होते हैं। उनका जीवन कच्ची मिट्टी के समान होता है, उनमें जो भी श्रेष्ठ ज्ञान और संस्कार डाले जाते हैं, वे उन्हें सहज रूप से ग्रहण कर लेते हैं। इसलिए बचपन से ही बच्चों में आध्यात्मिकता, नैतिकता और मानवता के संस्कार भरना अत्यंत आवश्यक है।

समर कैंप में बच्चों के लिए एरोबिक्स, क्राफ्ट प्रतियोगिता, मेडिटेशन अभ्यास तथा एक सुंदर नाटक का भी आयोजन किया गया। बच्चों द्वारा प्रस्तुत नाटक में प्रकृति प्रेम, पर्यावरण संरक्षण एवं धरती को बचाने का अत्यंत भावपूर्ण संदेश दिया गया, जिसे सभी ने खूब सराहा।
इसके साथ ही बच्चों को स्वादिष्ट एवं सात्विक भोजन भी कराया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान बच्चों के चेहरे पर खुशी, उत्साह और आत्मीयता की झलक स्पष्ट दिखाई दी।
कार्यक्रम के अंत में बच्चों के माता-पिता ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि समर कैंप तो हमने बहुत देखे हैं, लेकिन ऐसा दिव्य, संस्कारयुक्त और आध्यात्मिक समर कैंप पहली बार अनुभव किया है। यह कैंप बच्चों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाला है।
इस प्रकार यह दिव्य समर कैंप बच्चों के सर्वांगीण विकास, संस्कार निर्माण और प्रकृति प्रेम की भावना को जागृत करने का एक अदभुत माध्यम बन रहा है।

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