बाजार समिति की दुकानों के किराए में प्रस्तावित वृद्धि पर रोक लगे – अनिल मोदी
सिंहभूम चैंबर ने लिखा सरकार को पत्र

बाजार समिति की दुकानों के किराए में प्रस्तावित वृद्धि पर रोक लगे – अनिल मोदी
सिंहभूम चैंबर ने लिखा सरकार को पत्र।
जमशेदपुर- झारखंड राज्य कृषि विपणन परिषद के निदेशक मंडल द्वारा कृषि उत्पादन बाजार समितियों की दुकानों के किराए में वृद्धि किए जाने की खबरों के प्रकाशन के बाद प्रदेशभर के व्यापारियों में रोष व्याप्त है। व्यापारियों की इस चिंता एवं आक्रोश को स्वर देते हुए सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के उपाध्यक्ष (ट्रेड एंड कॉमर्स) अनिल मोदी ने झारखंड के कृषि मंत्री एवं कृषि विपणन परिषद के प्रबंध निदेशक को पत्र लिखकर प्रस्तावित किराया वृद्धि पर अविलंब रोक लगाने की मांग की है।
अनिल मोदी ने कहा कि राज्य की अधिकांश कृषि उत्पादन बाजार समितियों में व्यापारियों को आज भी बिजली, पानी, सड़क, साफ-सफाई एवं सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं हैं। ऐसी स्थिति में सुविधाओं में सुधार किए बिना किराए में बड़ी वृद्धि करना व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाला निर्णय होगा।
उन्होंने कहा कि समाचारों के अनुसार दुकानों का किराया 4 रुपये प्रति वर्गफुट से बढ़ाकर 9 रुपये प्रति वर्गफुट किए जाने की बात सामने आई है। वर्तमान व्यापारिक परिस्थितियों में यह वृद्धि व्यापारियों के लिए गंभीर चुनौती उत्पन्न करेगी। पहले बाजार समितियों में मूलभूत सुविधाएं बहाल एवं विकसित की जानी चाहिए, उसके बाद ही किराए के पुनर्निर्धारण पर विचार किया जाना उचित होगा।
अनिल मोदी ने यह भी कहा कि बाजार समिति के किराए में वृद्धि से संबंधित मामला झारखंड हाईकोर्ट में लंबित होने की जानकारी है। ऐसी स्थिति में न्यायालय के निर्णय की प्रतीक्षा किए बिना किराया वृद्धि को आगे बढ़ाना उचित नहीं होगा।
उन्होंने कृषि मंत्री एवं परिषद के प्रबंध निदेशक से आग्रह किया कि बाजार समितियों के संबंध में कोई भी बड़ा निर्णय लेने से पूर्व व्यापारियों, बाजार समिति के पदाधिकारियों एवं अन्य सभी संबंधित हितधारकों के साथ व्यापक बैठक आयोजित कर उनके सुझाव एवं आपत्तियां सुनी जाएं।
उन्होंने कहा कि सरकार और व्यापार जगत के बीच संवाद एवं समन्वय से ही ऐसा रास्ता निकाला जा सकता है, जिससे बाजार समितियों का विकास भी हो और व्यापारियों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ भी न पड़े। इससे प्रदेश में एक स्वस्थ, सकारात्मक एवं व्यापार के अनुकूल वातावरण कायम करने में मदद मिलेगी।




