सोना देवी विश्वविद्यालय का चौथा इंडक्शन कम ओरिएंटेशन कार्यक्रम दिनांक 13 अगस्त को विश्वविद्यालय के घाटशिला, किताडीह स्थित परिसर में आयोजित किया गया
सोना देवी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने इंडक्शन प्रोग्राम में विद्यार्थियों का उत्साह बढाने के लिए सभी गणमान्य विशिष्ट मेहमानों का स्वागत किया और उनके सहृदयता के लिए दिल से आभार प्रकट किया। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने कई महत्वपूर्ण बातों को रेखांकित किया। उन्होंने कई उदाहरण देते हुए छात्र छात्राओं के चरित्र निर्माण पर बल दिया। साथ ही कहा कि सोना देवी विश्विद्यालय के कैंपस को विश्वस्तरीय बनाना है ताकि यहां के विद्यार्थी उद्योग जगत के साथ कदम से कदम मिलाकर चल सकें

घाटशिला- सोना देवी विश्वविद्यालय का चौथा इंडक्शन कम ओरिएंटेशन कार्यक्रम दिनांक 13 अगस्त को विश्वविद्यालय के घाटशिला, किताडीह स्थित परिसर में आयोजित किया गया।


इस कार्यक्रम को लेकर नव नामांकित विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखा गया। इस कार्यक्रम की एक विशेषता यह रही कि घाटशिला अनुमंडल के किताडीह स्थित विश्वविद्यालय परिसर में पहली बार ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया


राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। सोना देवी विश्वविद्यालय के इंडक्शन प्रोग्राम में के रवि कुमार ने विद्यार्थियों से कहा कि मोबाइल फोन का सदुपयोग करें। आपका जीवन आपके हाथों में है। समय का ध्यान रखने से ही सफलता मिलती हैं।


उन्होंने कहा कि परिश्रम और लगन के साथ कार्य करेंगे तभी सफलता प्राप्त होगी। उन्होंने विद्यार्थियों को विषय के अनुसार भाषा का चुनाव करने की सलाह दी साथ ही अभिभावकों से कहा कि विद्यार्थी के सकारात्मक विकास पर ध्यान दें और उनका सही मार्ग दर्शन करें


इस मौके पर सोना देवी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने इंडक्शन प्रोग्राम में विद्यार्थियों का उत्साह बढाने के लिए सभी गणमान्य विशिष्ट मेहमानों का स्वागत किया और उनके सहृदयता के लिए दिल से आभार प्रकट किया। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने कई महत्वपूर्ण बातों को रेखांकित किया।


उन्होंने कई उदाहरण देते हुए छात्र छात्राओं के चरित्र निर्माण पर बल दिया। साथ ही कहा कि सोना देवी विश्विद्यालय के कैंपस को विश्वस्तरीय बनाना है ताकि यहां के विद्यार्थी उद्योग जगत के साथ कदम से कदम मिलाकर चल सकें। उन्होंने कहा कि ज्ञान वह नहीं जो केवल किताबों के पन्नों में कैद रहकर मौन हो जाए, ज्ञान वह है जो विचारों में अग्नि बनकर नवाचार का सृजन कर दे।


श्री सिंह ने विद्यार्थियों को अपनी सोच की परिधि को सीमाओं से बाहर निकालकर समस्याओं का समाधान ढूंढने वाली दृष्टि विकसित करने की सलाह दी। कुलाधिपति ने कहा कि विद्यार्थी सिर्फ रोजगार की तलाश करने वाले न बनें। सोना देवी विश्वविद्यालय के विद्यार्थी कुछ ऐसा काम करें कि उनके ज्ञान का लाभ समाज को मिले, उस काम में अपनी रूचि हो और वो आपकी जीविका का साधन भी बने। इससे आप जाॅब क्रिएटर बनेंगे न कि नौकरी ढुंढने वाले।


उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी सोच में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने का आह्वान किया। साथ ही कहा कि जो युवा तकनीक को अपना सेवक बनाकर उसका विवेकपूर्ण उपयोग करेगा, वही आने वाले समय में दुनिया का नेतृत्व करेगा। इसलिए विद्यार्थी अपनी स्वतंत्र पहचान बनाने के लिए प्रयास करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने कार्यों में नैतिकता, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा का पालन अवश्य करें।


सोना देवी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने घाटशिला की इस ऐतिहासिक और वीरों की भूमि से युवा वर्ग से आह्वान किया कि वे नकारात्मकता, निराशा और शॉर्टकट के रास्ते हमेशा के लिए छोड़ कर अपनी असीम ऊर्जा, रचनात्मकता और तकनीकी ज्ञान को एक सूत्र में पिरोकर एक समृद्ध झारखंड तथा एक सशक्त, आत्मनिर्भर अभिनव भारत के निर्माण में अपना ऐतिहासिक योगदान दर्ज कराएं।

सोना देवी विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ ब्रज मोहन पाट पिंगुआ ने इंडक्शन प्रोग्राम में शामिल सभी गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया। अभिभावकों और विद्यार्थियों को धन्यवाद प्रेषित करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन से हमारे सभी विद्यार्थियों में नई प्रेरणा का संचार होता है तथा नव नामांकित विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय परिसर तथा यहां के शैक्षणिक माहौल से परिचित होने का अवसर प्राप्त होता है। कुलपति ने विशेष बल देते हुए कहा कि किसी भी संस्थान की असली ताकत उसके विचार और उसके मार्ग दर्शक होते हैं।

सोना देवी विश्वविद्यालय की कुलसचिव डाॅ नित नयना ने विश्वविद्यालय का वार्षिक रिपोर्ट पेश करते हुए कहा कि हमने देश के कई बड़े तकनीकी शिक्षण संस्थानों के साथ एमओयू किया है ताकि हमारे विद्यार्थियों का इंटर्नशिप कराया जा सके। सोना देवी विश्वविद्यिालय झारखंड की पहली यूनिवर्सिटी जिसने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए इंटेल के साथ एमओयू पर साइन किया है। इसके साथ ही, हमने अपना स्कूल ऑफ एआई एंड कंप्यूटिंगश् भी शुरू किया है जिससे नई टेक्नोलॉजी पर हमारा एकेडमिक फोकस और मजबूत हुआ है। हमने एनआईटी जमशेदपुर और जैसे संस्थानों के साथ मजबूत एकेडमिक पार्टनरशिप बनाई है।

श्री सिंह ने कहा कि हमारे छात्र केवल झारखंड से ही नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार, उत्तर प्रदेश और अन्य जगहों से भी आते हैं। यह विविधता केवल एक आंकड़ा नहीं हैय यह हमारी ताकत है। आप एक-दूसरे की संस्कृतियों और दृष्टिकोणों से उतना ही सीखेंगे जितना कि अपनी पाठ्य पुस्तकों से।

हम आपसे नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित होने, आवश्यक उपस्थिति बनाए रखने और शैक्षणिक शिष्टाचार का पालन करने का अनुरोध करते हैं।
हमारा परिसर एक सुसज्जित पुस्तकालय, आधुनिक प्रयोगशालाएँ, करियर और प्लेसमेंट सेल, परामर्श और मेंटरशिप सहायता प्रदान करता है। हमारे कैंपस में एक अच्छी लाइब्रेरी, मॉडर्न लैबोरेटरी, करियर और प्लेसमेंट सेल, काउंसलिंग और मेंटरशिप सपोर्ट, और कई क्लब और सोसाइटीज हैं, जहाँ आप पढ़ाई-लिखाई के अलावा भी बहुत कुछ कर सकते हैं।

इस कार्यक्रम में कई विशिष्ट अतिथियों ने विद्यार्थियों का उत्साह बढाया और उन्हें अच्छे भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।
घाटशिला विद्यायक सोमेश चंद्र सोरेन ने कहा कि विद्यार्थी अपने भविष्य निर्माण पर ध्यान दें। सिर्फ नामांकन लेने से भविष्य नहीं बनता है बल्कि कक्षा में उपस्थिति से भविष्य तय होता हैं। श्री सोरेन ने विद्यार्थियों का उत्साह बढाते हुए कहा कि वे स्वयं इंजीनियरिंग के छात्र रहे हैं इसलिए विद्यार्थियों के मनोभाव को अच्छी तरह समझते हैं। उनके पिता स्वर्गीय रामदास सोरेन का सपना था घाटशिला को शिक्षा का केंद्र बनाने का। वे उनकी इच्छा को पूरा करने का हरसंभव प्रयास करेंगे
बहरागोड़ा के विधायक समीर मोहंती ने अपनी सरलता से उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया। उन्होंने कहा कि जब तक जिएंगे तब तक सीखेंगे। साथ ही कहा कि मातृभाषा में पढ़ाई करने से विद्यार्थियों की उपलब्धि बढ़ जाती है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के पांच विचारों से विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि धैर्य और जिज्ञासा के साथ काम करें। उन्होंने समय के साथ शिक्षा में बदलाव की बात कही और मौलिकता पर ध्यान देने की वकालत की।
बहरागोड़ा के पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में प्रवेश विद्यार्थियों के लिए एक नई शुरुआत है। जीवन कई बार नई चीज सिखा देती है। तकनीकी चीज तेजी से बदल रही है। माहौल से फर्क पड़ता है एसडीयू को धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा कि घाटशिला जैसे क्षेत्र में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय की स्थापना करना पुण्य का काम हैं। विद्यार्थी अपनी सीमाओं से बाहर निकले कंफर्ट जोर से बाहर निकले और बाजार की जरूरत के अनुसार स्वयं को अपग्रेड करें।
इस मौके पर क्षेत्र के कई गणमान्य लोग उपस्थित हुए। प्रो मितेश्वर, पिरिणीत शुक्ला, क्षेत्र के कई शिक्षाविद्, शिक्षकगण और शौर्य चक्र विजेता कैप्टन जावेद ने भी कार्यक्रम में शिरकत की। ब्लाॅक प्रमुख सुशीला टुडू ने भी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। इस मौके पर सोना देवी विश्वविद्यालय के सीनियर छात्र छात्राओं ने नव नामांकित विद्यार्थियों के स्वागत में कई सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया और कोलकाता की बैंड ने विद्यार्थियों को अपनी प्रस्तुति से झुमने के लिए मजबुर कर दिया। कार्यक्रम की शुरूआत दीप प्रज्जवलन कर की गई। संस्कृत विभाग की सहायक प्राध्यापक कुमारी निकिता ने मंत्रोचार किया और संगीत विभाग की सहायक प्राध्यापक डाॅ संगीता चौधरी ने कुलगीत प्रस्तुत किया।



