ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा ‘मिशन स्पंदन’ के तहत झारखंड में 2-वर्षीय राज्यव्यापी ‘नशा मुक्ति’ बस यात्रा का होगा शुभारंभ कोल्हान क्षेत्र प्रभारी बीके अंजू दीदी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड के राज्यपाल से शिष्टाचार भेंट कर दिया आमंत्रण
नशा मुक्त भारत अभियान एवं मिशन स्पंदन विकसित भारत की ओर एक सशक्त कदम के तहत ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान द्वारा पूरे झारखंड में एक व्यापक नशा मुक्ति जागरूकता अभियान शुरू किया जा रहा है। दादी प्रकाशमणि जी की पावन स्मृति में समर्पित इस मुहिम के अंतर्गत "10 करोड़ नशा मुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान" का आयोजन किया जा रहा है। इस महाअभियान के मुख्य अंग के रूप में आगामी 4 अगस्त 2026 से एक विशेष बस यात्रा की शुरुआत होने जा रही है

ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा ‘मिशन स्पंदन’ के तहत झारखंड में 2-वर्षीय राज्यव्यापी ‘नशा मुक्ति’ बस यात्रा का होगा शुभारंभ
कोल्हान क्षेत्र प्रभारी बीके अंजू दीदी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड के राज्यपाल से शिष्टाचार भेंट कर दिया आमंत्रण

रांची — नशा मुक्त भारत अभियान एवं मिशन स्पंदन विकसित भारत की ओर एक सशक्त कदम के तहत ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान द्वारा पूरे झारखंड में एक व्यापक नशा मुक्ति जागरूकता अभियान शुरू किया जा रहा है। दादी प्रकाशमणि जी की पावन स्मृति में समर्पित इस मुहिम के अंतर्गत “10 करोड़ नशा मुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान” का आयोजन किया जा रहा है।
इस महाअभियान के मुख्य अंग के रूप में आगामी 4 अगस्त 2026 से एक विशेष बस यात्रा की शुरुआत होने जा रही है यह बस यात्रा आगामी 2 वर्षों तक निरंतर पूरे झारखंड का दौरा करेगी और जन-जन में नशा मुक्ति, आध्यात्मिक चेतना तथा नैतिक उत्थान का संदेश फैलाएगी।
इस विशाल मिशन की विस्तृत रूपरेखा साझा करने और उद्घाटन समारोह का औपचारिक निमंत्रण देने के लिए ब्रह्माकुमारीज़ के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने माननीय राज्यपाल (झारखंड) और राज्यपाल के प्रधान सचिव से मुलाकात की। इस मुलाकात का नेतृत्व ब्रह्माकुमारीज़ कोल्हान क्षेत्र की प्रभारी बीके अंजू दीदी ने किया। उनके साथ संस्थान के वरिष्ठ सदस्य बीके लक्ष्मी दीदी, बीके प्रीति दीदी और बीके अरुण भाई भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
अभियान की मुख्य विशेषताएं:
महाअभियान की अवधि : राष्ट्रीय स्तर पर 10 करोड़ नशा मुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान मुख्य रूप से 6 से 20 अगस्त 2026 तक आयोजित किया जाएगा।
प्रथम चरण का लक्ष्य : 2 वर्ष तक चलने वाली इस झारखंड बस यात्रा के पहले चरण में विशेष रूप से शैक्षणिक संस्थानों जैसे—स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को कवर किया जाएगा, ताकि युवा पीढ़ी को नशे के जाल से बचाया जा सके।
मूल उद्देश्य : लोगों को केवल नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक ही नहीं करना, बल्कि आध्यात्मिक और नैतिक मूल्यों के माध्यम से मानसिक रूप से सशक्त बनाना है ताकि वे आंतरिक रूप से सशक्त होकर नशे को त्याग सकें।
माननीय राज्यपाल महोदय ने संस्थान के इस पुनीत कार्य की भूरि-भूरि प्रशंसा की और पूरे राज्य में इस मिशन की सफलता के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं।



