साकची रामलीला मैदान में हो रहा है रामलीला का प्रदर्शन वृंदावन के 17 सदस्यों की टीम कर रहे हैं मंचन
श्री श्री रामलीला उत्सव समिति द्वारा प्रतिवर्ष के भांति इस वर्ष भी साकची रामलीला मैदान में रामलीला का आयोजन किया गया है। रामलीला उत्सव समिति के अध्यक्ष मनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि 104 वर्षों से यहां रामलीला का आयोजन किया जा रहा है
साकची रामलीला मैदान में हो रहा है रामलीला का प्रदर्शन
वृंदावन के 17 सदस्यों की टीम कर रहे हैं मंचन
जमशेदपुर- श्री श्री रामलीला उत्सव समिति द्वारा प्रतिवर्ष के भांति इस वर्ष भी साकची रामलीला मैदान में रामलीला का आयोजन किया गया है।
रामलीला उत्सव समिति के अध्यक्ष मनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि 104 वर्षों से यहां रामलीला का आयोजन किया जा रहा है।
1922 में राम स्नेही मिश्रा ने इसकी स्थापना की थी। तब से लेकर आज तक रामलीला काफी भव्य रूप में आयोजित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस बार वृंदावन से 17 सदस्यों की रामलीला टीम अपना प्रदर्शन कर रही है। विशेष रूप से इस बार की सजा- सज्जा, वेशभूषा काफी आकर्षक और मनोरम है।
उन्होंने बताया कि रामलीला हमें संदेश देता है कि भाई से भाई का संबंध कैसा होना चाहिए। पिता और पुत्र का संबंध कैसा होना चाहिए। राजा और प्रजा का संबंध कैसा होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भरत का त्याग भाई के प्रति यह हमें संदेश देता है की भाई-भाई का प्रेम अटूट है।
उन्होंने कहा कि इस बार हमारा जो थीम है वह है *ग्रीन कलर* उन्होंने कहा की हरियाली के नाम पर सभी लोगों से हमने अपील की है कि आप पेड़ लगाए। सैनिकों के नाम पर पेड़ लगाए, पिता और पुत्र के नाम पर, परिवार के सदस्यों के नाम पर पेड़ लगाए।
रामलीला कलाकारों द्वारा मंथरा और केकैय संवाद का दृश्य काफी हृदय स्पर्शी और संवेदनाओं से भरपूर था। राम का राजतिलक होने वाला था, प्रजा में उत्साह था, लेकिन मंथरा, भरत को राजा बनना चाहती थी।
इस अवसर पर पूर्व सैनिक परिषद के सदस्यों ने प्रभु सीता एवं राम के आरती में भी भाग लिया।

