राइट टू सर्विस – सेवा का अधिकार पर कार्यशाला संपन्न
हमर अधिकार मंच के इस आरटीएस कार्यशाला में झारखंड के 14 जिलों से आए प्रतिभागियों ने भाग लिया 15 वर्ष हो गए झारखंड राज्य सेवा देने की गारंटी अधिनियम, 2011 को बने हुए, लेकिन व्यापक प्रचार-प्रसार नहीं होने के कारण इस अधिनियम के तहत सूचीबद्ध 363 टाइम बाउंड सेवाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं नागरिक - दीपेश निराला

राइट टू सर्विस – सेवा का अधिकार पर कार्यशाला संपन्न

हमर अधिकार मंच के इस आरटीएस कार्यशाला में झारखंड के 14 जिलों से आए प्रतिभागियों ने भाग लिया

15 वर्ष हो गए झारखंड राज्य सेवा देने की गारंटी अधिनियम, 2011 को बने हुए, लेकिन व्यापक प्रचार-प्रसार नहीं होने के कारण इस अधिनियम के तहत सूचीबद्ध 363 टाइम बाउंड सेवाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं नागरिक – दीपेश निराला

द्वितीय अपीलीय प्राधिकार को है दंड लगाने का अधिकार और आवेदक को क्षतिपूर्ति दिलवाने का अधिकार

सेवा का अधिकार के तहत प्रथम अपील और द्वितीय अपील के लिए कोई भी शुल्क नहीं जमा करना है
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रांची- हमर अधिकार मंच के बैनर तले अध्यक्ष दीपेश निराला ने सेवा का अधिकार अर्थात राइट टू सर्विस – झारखंड राज्य सेवा देने की गारंटी अधिनियम, 2011, झारखंड राज्य सेवा देने की गारंटी नियमावली, 2011, झारखंड राज्य सेवा देने की गारंटी (संशोधन) नियमावली, 2015, झारखंड राज्य सेवा देने की गारंटी अधिनियम, 2011 मार्गदर्शिका और कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग द्वारा सेवा अधिकार पर निर्गत विभिन्न पत्रों, इत्यादि पर एक विस्तृत कार्यशाला का आयोजन रांची प्रेस क्लब में किया गया, जिसमें जानकारी दी गई कि कैसे सेवा का अधिकार आवेदन लगाना है और कैसे उस पर प्रथम अपील तथा द्वितीय अपील करनी है और यह अपील कहां-कहां होगा।
राइट टू सर्विस मतलब सेवा का अधिकार और इसके लिए झारखंड सरकार द्वारा वर्तमान में 363 से अधिक सरकारी सेवाओं को सूचीबद्ध किया गया है, जिसके लिए समय निर्धारित कर दिया गया है कि यह काम कितने दिन में होना है और अगर वह काम निर्धारित समय अवधि में नहीं होता है तो इसके लिए संबंधित दोषी पदाधिकारी के विरुद्ध जुर्माना और अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रावधान किया गया है, जिसके तहत सेवा का अधिकार आवेदन, प्रथम अपील और द्वितीय अपील जैसे प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई और सभी उपस्थित प्रतिभागियों को इस पर एक किताब, मटेरियल किट और पार्टिसिपेशन सर्टिफिकेट प्रदान किया गया।
इस कार्यशाला में अध्यक्ष दीपेश निराला, उपाध्यक्ष रेणुका तिवारी, राजकुमार, कोषाध्यक्ष विनोद जैन बागवानी के अलावा कार्यकारिणी सदस्य सुजीत कुमार पांडेय, रांची, प्रमोद कुमार, रांची, कुमार अभिषेक दुबे, रांची, अखिल कुमार, गिरिडीह, विकास निरंजन, कोडरमा, मनोज सिंह, पलामू, अरुणाभा कर, पूर्वी सिंहभूम, अमिताभ कुमार, गिरिडीह, विजय कुमार, पूर्वी सिंहभूम, रश्मि भेंगरा, सरायकेला खरसावां, प्रिय ब्रत प्रसाद, पलामू, नेम चंद महतो, बोकारो, चंद्रदेव वर्णवाल, चंदू गिरिडीह, प्रो. मीनाक्षी कुजूर, रांची, विवेक सिंह, रांची, डॉ. स्मृतिकाना घोष, रांची, मीना कुमारी, रांची, बीरेंद्र नगड़ूवार, रांची, अंकित कुमार लाल, पलामू, शालू कुमारी, रांची,अमरावती देवी, रांची, रीतलाल मंडल, गिरिडीह, जय नारायण महतो, धनबाद, राजकिशोर महतो, गिरिडीह, दिलीप कुमार, रांची, जूही चौधरी, रांची, ओम प्रकाश उपाध्याय, रांची, सूर्य प्रकाश, धनबाद, देशबंधु शास्त्री, सिमडेगा, दीनबंधु कुमार, रांची, रामधन महतो, गिरिडीह, मनीष बक्शी, रांची, संतोष कुमार दसौंधी, बोकारो, राहुल कुमार, रांची, सूरज महातो, खूंटी, प्रदीप कुमार, खूंटी, शमीम आलम अंसारी, रांची, वसीम आलम अंसारी, रांची, अजय कुमार, रांची, संजीव कुमार, रांची, शिवानंद कांशी, रांची, अरुण कुमार तिवारी, रांची, मार्शल बारला, खूंटी, अनिरुद्ध कुमार, रांची, नवल किशोर लाल, रांची, धनुर्जय सिंह, सिमडेगा, श्याम सुंदर यादव, रांची, डॉ सुमन्यू, गिरिडीह, सुनीता सिंह, रांची, रामाज्ञा सिंह, रांची, बृज मोहन ओझा, रांची, सुधीर कुमार, बोकारो, मनोज कुमार, बोकारो, नवीन कुमार, खूंटी, विनोद कुमार बेगवानी, रांची, सूरज कुमार सिन्हा, सरायकेला-खरसावां, पवन कुमार केशरी, गढ़वा, नवीन निश्चल, रांची, बैजनाथ महतो, गिरिडीह, बृजराज सिंह, पूर्वी सिंहभूम, आफरीन अजीम, पूर्वी सिंहभूम, अजय कुमार, गिरिडीह, पप्पू कुमार, रांची, गोदेनसियुस कंडुलना, खूंटी, नसीम आलम अंसारी, रांची, सीमा प्रवीण, रांची, आशीष कुमार जयसवाल, रांची, भुनेशवर सिंह, खूंटी, अमित राज, रांची, अमान्नूर भेंगरा, लातेहार, बिमला तिरू, खूंटी, विवेक जायसवाल, गिरिडीह, विवेक कुमार सिंह, पूर्वी सिंहभूम, संजय सोनी, बोकारो, राजकुमार गुप्ता, बोकारो, पंकज कुमार गुप्ता, रांची, इत्यादि उपस्थित हुए।
मंच संचालन संतोष मृदुला ने किया और धन्यवाद ज्ञापन रेणुका तिवारी ने दिया।




