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अपने-अपने घरों में बेटी, पत्नी और मां को सम्मान करेंगे और आगे बढ़ने में सहयोग करेंगे तभी मां दुर्गा की सच्ची पूजा होगी – श्रेयसी सिंह

मां दुर्गा की सच्ची आराधना तभी, जब बेटियों को मिले सम्मान - श्रेयशी सिंह उदघाटन समारोह को संबोधित करते हुए श्रेयशी सिंह ने महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया।उन्होंने कहा कि नवरात्रि के नौ दिनों तक लोग मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करते हैं, व्रत रखते हैं और सात्विक जीवन अपनाते हैं। लेकिन देवी की सच्ची आराधना तभी सार्थक होगी, जब समाज में बेटियों, माताओं और बहनों को उचित सम्मान और आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।उन्होंने कहा कि यदि बेटियां घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर समाज के लिए कुछ करना चाहती हैं, तो परिवार और समाज को उनका पूरा सहयोग करना चाहिए।बेटियों को अवसर, सम्मान और प्रोत्साहन मिलेगा तो वे हर क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना सकती हैं

अपने-अपने घरों में बेटी, पत्नी और मां को सम्मान करेंगे और आगे बढ़ने में सहयोग करेंगे तभी मां दुर्गा की सच्ची पूजा होगी – श्रेयसी सिंह

हिमाचली शिव मंदिर की स्थापत्य कला में सजा प्रवीण सिंह सेवा संस्थान का पंडाल

बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने किया उदघाटन बोलीं: दुर्गोत्सव भारतीय संस्कृति, शक्ति और सामाजिक एकता का प्रतीक

सरायकेला खरसावां- आदित्यपुर- हिमाचल प्रदेश के प्राचीन शिव मंदिर की स्थापत्य शैली और पश्चिम बंगाल के कारीगरों की कलात्मक दक्षता, इन दोनों के संगम से आदित्यपुर में दुर्गापूजा का भव्य पंडाल तैयार किया गया है। प्रवीण सिंह सेवा संस्थान की ओर से निर्मित इस आकर्षक पंडाल का बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में विधिवत उदघाटन किया। उदघाटन के साथ ही क्षेत्र में दुर्गोत्सव की रौनक और बढ़ गई।


पंडाल को हिमाचल प्रदेश के प्राचीन शिव मंदिर की वास्तुशैली पर आधारित स्वरूप दिया गया है। पश्चिम बंगाल से आए कुशल कारीगरों ने अपनी मेहनत, हुनर और रचनात्मकता से इसे आकर्षक रूप प्रदान किया है। पंडाल की थीम भारतीय स्थापत्य परंपरा और शिल्पकला की समृद्ध विरासत को सामने लाती है।

उदघाटन समारोह में श्रेयसी सिंह ने कहा कि दुर्गापूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, शक्ति और सामाजिक एकता का प्रतीक है। ऐसे आयोजन समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाकर आपसी सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करते हैं। उन्होंने मां दुर्गा से क्षेत्र की सुख-समृद्धि, प्रगति और खुशहाली की कामना की।

खेल मंत्री ने युवाओं को खेलकूद के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पूजा पंडालों में दिखाई देने वाली कलाकारी कारीगरों की मेहनत और रचनात्मकता के साथ देश की सांस्कृतिक विरासत की झलक प्रस्तुत करती है।

बिहार सरकार की खेल एवं उद्योग मंत्री और उदघाटन समारोह के मुख्य अतिथि श्रेयसी सिंह ने रविवार को श्री श्री दुर्गापूजा कमिटी, प्रवीण सिंह सेवा संस्थान की ओर से आदित्यपुर-1 एम-टाइप मैदान में निर्मित भव्य और कलात्मक दुर्गापूजा पंडाल का फीता काटकर उदघाटन किया। इस अवसर पर श्रेयसी सिंह ने कहा कि मां दुर्गा की आराधना या सच्ची पूजा तभी होगी जब यहां उपस्थित लोग अपने-अपने घर में बेटी ,पत्नी और मां को सम्मान करेंगे और उसे आगे बढ़ने में सहयोग करेंगे।
इस अवसर पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा की पत्नी मीरा मुंडा, जिला परिषद के सदस्य डॉक्टर कविता परमार, जिला परिषद के अध्यक्ष बारी मुर्मू सहित अन्य वक्ताओं ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।

उदघाटन समारोह में खुबसूरत संस्कृति कार्यक्रम और आतिशबाजी का आयोजन

उदघाटन समारोह में बाल कलाकारों से लेकर अन्य कलाकारों ने एक से बढ़कर एक संस्कृति कार्यक्रम प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया। उदघाटन समारोह में भालू नृत्य आकर्षण का केंद्र रहा। वहीं, जमकर आतिशबाजी भी की गई।
इस अवसर पर पूजा कमिटी के मुख्य संरक्षक एवं पूर्व विधायक अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि इस वर्ष श्रद्धालुओं के लिए पंडाल को एक विशिष्ट और धार्मिक स्वरूप प्रदान किया गया है. पश्चिम बंगाल से आए कुशल कारीगरों द्वारा पहाड़ी गुफा में प्राचीन एवं ऐतिहासिक शिव मंदिर के प्रारूप पर इस पूरे पंडाल का निर्माण कराया गया है। उन्होंने बताया कि पंडाल की बनावट, बाहरी नक्काशी और आंतरिक कलात्मक प्रस्तुति इस बार पूजा का मुख्य केंद्र रहेगी। दूर-दराज से आने वाले भक्तों और दर्शकों को आकर्षित करने के लिए विद्युत सज्जा और कलाकृतियों का विशेष संयोजन किया गया है, जो श्रद्धालुओं को एक अनूठा आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करेगा।

26 साल बाद उसी मंच पर पहुंचीं श्रेयशी सिंह जहां पिता दिग्विजय सिंह ने किया था दुर्गापूजा पंडाल का उदघाटन बोलीं- बेटियों को आगे बढ़ने दें
आदित्यपुर सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर स्थित एम टाइप मैदान में प्रवीण सेवा संस्थान के दुर्गापूजा पंडाल का उदघाटन इस बार भावनात्मक और यादगार बन गया। बिहार की खेल मंत्री एवं अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज श्रेयशी सिंह ने फीता काटकर भव्य पंडाल का उदघाटन किया। इस दौरान उन्होंने 26 साल पुरानी स्मृतियों को साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2000 में उनके पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री दिवंगत दिग्विजय सिंह भी इसी मंच पर आए थे और पूजा पंडाल का उदघाटन किया था

पिता की यादों को साझा करते हुए श्रेयशी सिंह भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि खेल और राजनीति के क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए वह अपने पिता की सोच, ईमानदारी और जनसेवा की भावना को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही हैं।

पंडाल खुलते ही श्रद्धालुओं और दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भीड़ को नियंत्रित करने में पूजा समिति के सदस्यों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।

मां दुर्गा की सच्ची आराधना तभी, जब बेटियों को मिले सम्मान – श्रेयशी सिंह
उदघाटन समारोह को संबोधित करते हुए श्रेयशी सिंह ने महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया।उन्होंने कहा कि नवरात्रि के नौ दिनों तक लोग मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करते हैं, व्रत रखते हैं और सात्विक जीवन अपनाते हैं। लेकिन देवी की सच्ची आराधना तभी सार्थक होगी, जब समाज में बेटियों, माताओं और बहनों को उचित सम्मान और आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।उन्होंने कहा कि यदि बेटियां घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर समाज के लिए कुछ करना चाहती हैं, तो परिवार और समाज को उनका पूरा सहयोग करना चाहिए।बेटियों को अवसर, सम्मान और प्रोत्साहन मिलेगा तो वे हर क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना सकती हैं।

पिता की यादों से जुड़ा आदित्यपुर का मंच, 26 साल बाद बेटी ने किया उदघाटन
श्रेयशी सिंह ने अपने संबोधन में बताया कि 2 अक्टूबर 2000 को उनके पिता दिग्विजय सिंह इसी पूजा आयोजन में शामिल हुए थे।उन्होंने कहा कि आदित्यपुर और जमशेदपुर के लोगों से उनके परिवार का पुराना आत्मीय संबंध रहा है। इसी लगाव के कारण व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद वह दिल्ली से सीधे जमशेदपुर पहुंचीं।उन्होंने बताया कि अगले दिन सुबह मुजफ्फरपुर में कार्यक्रम होने के कारण उन्हें रात में ही पटना के लिए रवाना होना था।श्रेयशी सिंह ने अपने पिता और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के बीच पुराने आत्मीय संबंधों का भी उल्लेख किया।

जमुई की जनता ने दोबारा दिया सेवा का अवसर
श्रेयशी सिंह ने अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में जमुई की जनता ने उन्हें करीब 41 हजार मतों के अंतर से विजयी बनाया था।उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 के चुनाव में जनता ने एक बार फिर विश्वास जताया और लगभग 54 हजार मतों की बढ़त के साथ उन्हें दोबारा सेवा करने का अवसर दिया।उन्होंने कहा कि राजनीति और खेल, दोनों क्षेत्रों में उनका उद्देश्य अपने पिता के आदर्शों को आगे बढ़ाना और समाज के लिए सकारात्मक कार्य करना है।

हिमाचल के प्राचीन शिव मंदिर की थीम पर बना भव्य पंडाल
पूजा समिति के मुख्य संरक्षक एवं पूर्व विधायक अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि इस वर्ष पंडाल को हिमाचल प्रदेश के प्राचीन एवं भव्य शिव मंदिर की थीम पर तैयार किया गया है।पश्चिम बंगाल के मेचेदा से आए कारीगरों ने पंडाल को आकर्षक स्वरूप दिया है। वहीं, कोलकाता के मूर्तिकारों ने मां दुर्गा सहित अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं तैयार की हैं।प्रतिमाओं और सजावट में हिमाचल प्रदेश की सांस्कृतिक परंपराओं तथा पारंपरिक पहनावे की झलक देखने को मिल रही है।पंडाल की विशेष विद्युत सजावट की जिम्मेदारी कोलकाता के बीजू दा लाइट सिस्टम को सौंपी गई है। समिति को उम्मीद है कि आकर्षक रोशनी और कलात्मक प्रस्तुति श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बनेगी।

अपनी संस्कृति और परंपराओं को सहेजना जरूरी
श्रेयशी सिंह ने कहा कि डिजिटल युग और पाश्चात्य संस्कृति के बढ़ते प्रभाव के बीच अपनी सांस्कृतिक जड़ों और विरासत को सहेजकर रखना आवश्यक है।उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सांस्कृतिक स्वाभिमान और विकास के समन्वय का भी उल्लेख कियाअपने संबोधन के अंत में उन्होंने ‘जय हिंद, जय बिहार, जय भारत’, ‘दुर्गा मैया की जय’ और ‘हर हर महादेव’ के जयकारे लगाए।

उदघाटन समारोह में कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
कार्यक्रम में विधायक मंगल कालिंदी, मीरा मुंडा, पूजा समिति के संरक्षक ए.के. श्रीवास्तव, अध्यक्ष अंकुर सिंह, पूर्व उप महापौर अमित सिंह, झारखंड क्षत्रिय संघ के अध्यक्ष शंभूनाथ सिंह, कांग्रेस नेता ऋषि मिश्रा, बारी मुर्मू, वीरेंद्र सिंह, शंकर सिंह, राजीव रंजन मुन्ना, सरयू पासवान, मजदूर नेता भगवान सिंह, समरेंद्र नाथ तिवारी, अरुण सिंह और बसंत प्रसाद सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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