डिमना में कचरे पर जनता की नजर, हर वाहन और गतिविधि का रिकॉर्ड रखेंगे स्थानीय लोग
सौरभ विष्णु अध्यक्ष जन विकास मंच एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी, के नेतृत्व में डिमना–पारडीह चौक विकास समिति ने शनिवार को डिमना में प्रस्तावित अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल की जमीन की टूटी चहारदीवारी के सामने “डिमना जनता का पहरा” शुरू किया। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा तय निरीक्षण की समय-सीमा बीत जाने के बाद निवासियों ने तय किया है कि अब इस जमीन पर होने वाली हर गतिविधि पर वे स्वयं नजर रखेंगे और उसे दर्ज करेंगे। पहरे के शुभारंभ पर धरना-स्थल पर ही संवाददाता सम्मेलन हुई। इस दौरान पंकज तिवारी, बिनोद सिंह, दीपक, बाबलू सिंह, बप्पी दत्ता, चंदन चौहान, दीपक तिवारी, विजय तिवारी, बिट्टू, सुमन शर्मा, दुलाल, पवन, किसिला देवी, सोनी देवी, चंदन, सोमू एवं गीता देवी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे

डिमना में कचरे पर जनता की नजर, हर वाहन और गतिविधि का रिकॉर्ड रखेंगे स्थानीय लोग

जमशेदपुर- सौरभ विष्णु अध्यक्ष जन विकास मंच एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी, के नेतृत्व में डिमना–पारडीह चौक विकास समिति ने शनिवार को डिमना में प्रस्तावित अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल की जमीन की टूटी चहारदीवारी के सामने “डिमना जनता का पहरा” शुरू किया। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा तय निरीक्षण की समय-सीमा बीत जाने के बाद निवासियों ने तय किया है कि अब इस जमीन पर होने वाली हर गतिविधि पर वे स्वयं नजर रखेंगे और उसे दर्ज करेंगे। पहरे के शुभारंभ पर धरना-स्थल पर ही संवाददाता सम्मेलन हुई।
इस दौरान पंकज तिवारी, बिनोद सिंह, दीपक, बाबलू सिंह, बप्पी दत्ता, चंदन चौहान, दीपक तिवारी, विजय तिवारी, बिट्टू, सुमन शर्मा, दुलाल, पवन, किसिला देवी, सोनी देवी, चंदन, सोमू एवं गीता देवी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
पहरे में वसुंधरा एस्टेट, डिमना बस्ती, हिल विहार कॉलोनी एवं रीबिट कॉलोनी के निवासी शामिल हुए। रीबिट कॉलोनी की महिलाओं की टीम पहली बार इस आंदोलन में उतरी और अग्रिम पंक्ति में बैठी। निवासी बारी-बारी से प्रतिदिन स्थल पर बैठेंगे और आने-जाने वाले हर वाहन तथा हर कार्य को तिथि और समय के साथ पंजी, फोटो और वीडियो में दर्ज करेंगे।
सौरभ विष्णु ने बताया कि अधिकरण की पूर्वी क्षेत्र पीठ, कोलकाता ने 23 सितंबर 2026 को मूल आवेदन संख्या 202/2026/EZ में संयुक्त समिति को दो सप्ताह के भीतर स्थल निरीक्षण का निर्देश दिया था। यह अवधि 7 अक्टूबर को समाप्त हो गई, पर कोई जांच दल नहीं आया। निवासियों ने 3 और 5 अक्टूबर को संबंधित विभागों को पत्र देकर जांच की तारीख मांगी थी, जिसका उत्तर अब तक नहीं मिला है।
उन्होंने टूटी दीवार की ओर इशारा करते हुए कहा कि जांच से पहले यहां दीवार तोड़ी गई, मशीनें अंदर गईं, और निवासियों के अनुसार कचरा हटाने के बजाय इसी जमीन में दबाकर ऊपर मिट्टी डाल दी गई। ऊपर से जमीन साफ दिखती है, पर नीचे कचरा है। इसलिए हमारी मांग है कि इस जमीन की खुदाई कर जांच हो, ताकि जो दबाया गया है वह सबके सामने आए।
सौरभ विष्णु ने कहा कि “शहर में किसी भी मोहल्ले की सफाई हो, हम उसका स्वागत करते हैं। पर एक मोहल्ला साफ करके उसका कचरा दूसरे मोहल्ले पर नहीं डाला जा सकता। डिमना शहर का डंपिंग ग्राउंड नहीं है। समिति ने इस जमीन पर या राष्ट्रीय राजमार्ग-33 के किनारे कचरे का शेड या कॉम्पैक्टर लगाने पर अपनी लिखित आपत्ति नगर निगम को स्पीड पोस्ट से भेजी है, जो 9 अक्टूबर को प्राप्त हो चुकी है।
समिति ने पहरे के साथ अपनी चार मांगें रखीं:
1. जांच पूरी होने तक इस जमीन पर हर काम बंद हो;
2. यहां कोई कचरा शेड, कॉम्पैक्टर या प्लांट न लगे;
3. कचरा जमीन में दबाया न जाए, नियमों के अनुसार वैज्ञानिक तरीके से हटाया जाए;
4. तोड़ी गई चहारदीवारी फिर से बनाई जाए।
सौरभ विष्णु ने कहा कि “अधिकरण में यह लड़ाई कानून से लड़ी जाएगी, और यहां जमीन पर निवासियों के साथ मिलकर। पहरे का हर दिन का रिकॉर्ड अधिकरण तक जाएगा। यह किसी एक व्यक्ति की नहीं, डिमना से पारडीह चौक तक हर घर की लड़ाई है।




