ADSL सनशाइन कदमा स्कूल में ‘रक्षाबंधन प्रतियोगिता’ की तैयारियों को लेकर विशेष बैठक
भारतीय डाक विभाग (जमशेदपुर एवं बिष्टुपुर पोस्ट ऑफिस) द्वारा बच्चों को हमारी समृद्ध संस्कृति और पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक सराहनीय पहल की शुरुआत की गई है। इसी क्रम में आज ADSL सनशाइन स्कूल, कदमा के रिलेशनशिप मैनेजर श्री उमा शंकर प्रसाद तथा श्री उज्जवल दास गुप्ता ने स्कूल की माननीय प्रिंसिपल श्रीमती मंजू सिंह जी से शिष्टाचार मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने आगामी 'रक्षाबंधन प्रतियोगिता' के संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की और प्रतियोगिता से संबंधित आधिकारिक पत्र भी सौंपा

ADSL सनशाइन कदमा स्कूल में ‘रक्षाबंधन प्रतियोगिता’ की तैयारियों को लेकर विशेष बैठक
जमशेदपुर- भारतीय डाक विभाग (जमशेदपुर एवं बिष्टुपुर पोस्ट ऑफिस) द्वारा बच्चों को हमारी समृद्ध संस्कृति और पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक सराहनीय पहल की शुरुआत की गई है।
इसी क्रम में आज ADSL सनशाइन स्कूल, कदमा के रिलेशनशिप मैनेजर श्री उमा शंकर प्रसाद तथा श्री उज्जवल दास गुप्ता ने स्कूल की माननीय प्रिंसिपल श्रीमती मंजू सिंह जी से शिष्टाचार मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने आगामी ‘रक्षाबंधन प्रतियोगिता’ के संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की और प्रतियोगिता से संबंधित आधिकारिक पत्र भी सौंपा।
पर्यावरण और भावनाओं का अनूठा संगम
वीडियो संदेश के माध्यम से स्कूल की प्रिंसिपल मंजू सिंह ने डाक विभाग के इस इनिशिएटिव (पहल) की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि मुझे बेहद खुशी है कि जमशेदपुर और बिष्टुपुर पोस्ट ऑफिस ने यह बेहतरीन पहल की है। बच्चे, जो कि हमारे देश का भविष्य हैं, उन्हें पर्यावरण और राखी से जुड़ी पवित्र भावनाओं से जोड़ने का यह प्रयास बेहद सराहनीय है। हमारे ADSL सनशाइन स्कूल के बच्चे इस प्रतियोगिता में पूरे उत्साह के साथ भाग लेंगे। इस बार बच्चे ऑनलाइन या रेडीमेड राखी भेजने के बजाय अपने हाथों से ईको-फ्रेंडली राखी बनाएंगे, जिससे भाई-बहन के इस भावनात्मक और पवित्र संबंध को और अधिक मजबूती मिलेगी।
मख्य उद्देश्य:
हस्तनिर्मित (Handmade) राखियों को बढ़ावा: बच्चे स्वयं अपने हाथों से राखी बनाकर इस त्योहार के महत्व को और गहराई से समझेंगे।
पर्यावरण के प्रति जागरूकता: प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों को ईको-फ्रेंडली सामग्री का उपयोग करने की प्रेरणा दी जाएगी।
संस्कृति से जुड़ाव: डिजिटल दौर में डाक विभाग के माध्यम से पारंपरिक तरीके से त्योहार मनाने की भावना को जीवित रखना।
स्कूल प्रशासन ने डाक विभाग के अधिकारियों को इस रचनात्मक प्रतियोगिता के सफल संचालन के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है।


