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टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन के जोगा पूर्ति और दीपु मल्लेश ने एशियन गेम्स 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व किया

टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन क्लाइम्बिंग अकादमी के खिलाड़ियों का राष्ट्रीय टीम में चयन, भारत की क्लाइम्बिंग प्रतिभाओं को निखारने में TSAF की बढ़ती भूमिका का प्रमाण

टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन के जोगा पूर्ति और दीपु मल्लेश ने एशियन गेम्स 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व किया

टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन क्लाइम्बिंग अकादमी के खिलाड़ियों का राष्ट्रीय टीम में चयन, भारत की क्लाइम्बिंग प्रतिभाओं को निखारने में TSAF की बढ़ती भूमिका का प्रमाण

जमशेदपुर- टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन क्लाइम्बिंग अकादमी टीम के दो खिलाड़ी, जोगा पूर्ति और दीपु मल्लेश, जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में स्पोर्ट क्लाइम्बिंग में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। यह महाद्वीपीय बहु-खेल आयोजन 19 सितंबर, 2026 को शुरू हुआ और 4 अक्टूबर, 2026 को समाप्त होगा।

इन खिलाड़ियों की भागीदारी उनके व्यक्तिगत खेल सफर में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और भारत में प्रतिस्पर्धी क्लाइम्बिंग प्रतिभाओं को विकसित करने में टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन (TSAF) के बढ़ते योगदान को दर्शाती है।

19 वर्षीय जमशेदपुर की जोगा पूर्ति ने देश की प्रमुख युवा स्पीड क्लाइम्बर्स में अपनी पहचान बना ली है। क्लाइम्बिंग से उनका परिचय 2019 में हुआ, जब वह अपने दोस्तों और भाइयों के साथ जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स गई थीं और वहां मौजूद क्लाइम्बिंग वॉल को देखा। एक नई गतिविधि के तौर पर शुरू हुआ यह प्रयास जल्द ही उनके खेल जीवन का हिस्सा बन गया।

जोगा ने 2021 में टीएसएएफ क्लाइंबिंग अकादमी से जुड़कर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी पहचान बनाई है। वह स्पीड क्लाइंबिंग में राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक हैं, जिनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय 7.37 सेकंड है। उन्होंने राष्ट्रीय क्लाइंबिंग चैंपियनशिप में स्पीड, लीड और बोल्डर जैसी विभिन्न स्पर्धाओं में कई पदक जीते हैं।

उनका प्रतिस्पर्धी सफर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक भी पहुंचा है। उन्होंने वर्ल्ड क्लाइंबिंग यूथ वर्ल्ड चैंपियनशिप, वर्ल्ड क्लाइंबिंग यूथ एशियन चैंपियनशिप और वर्ल्ड क्लाइंबिंग एशिया चैंपियनशिप जैसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया है। इन प्रतियोगिताओं में उन्हें इस खेल के कुछ प्रमुख क्लाइंबर्स के साथ प्रतिस्पर्धा करने का अनुभव मिला। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन के आधार पर उन्हें एशियन गेम्स 2026 के लिए भारत की क्लाइंबिंग टीम में चुना गया।

28 वर्षीय दीपु मल्लेश के लिए एशियन गेम्स तक का सफर वर्षों के प्रतिस्पर्धी अनुभव और निरंतर प्रयास से बना है। स्कूली दिनों में वे कई खेलों में रुचि रखते थे। किशोरावस्था में बेंगलुरु में उनका परिचय क्लाइंबिंग से हुआ और धीरे-धीरे उन्होंने मनोरंजन के लिए क्लाइंबिंग करने से प्रतिस्पर्धी क्लाइंबिंग की ओर कदम बढ़ाया।

आज दीपु भारत के प्रमुख स्पीड क्लाइंबर्स में से एक हैं। 5.39 सेकंड के समय के साथ उनके नाम भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड है। वे स्पीड क्लाइंबिंग में भारत में नंबर 1 रैंक पर हैं और 2025 में राष्ट्रीय चैंपियन रहे हैं। अपने करियर के दौरान उन्होंने कई राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बनाए हैं। दीपु ने कोरिया, इंडोनेशिया, फ्रांस और शैमोनिक्स में आयोजित प्रतियोगिताओं सहित कई वर्ल्ड क्लाइंबिंग वर्ल्ड कप प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। उनके अंतरराष्ट्रीय अनुभव और लगातार अच्छे प्रदर्शन का परिणाम अब एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए उनके चयन के रूप में सामने आया है।

दोनों खिलाड़ी अब टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन क्लाइंबिंग अकादमी टीम का हिस्सा हैं। उनकी यह यात्रा जमीनी स्तर पर प्रतिभा की पहचान और शुरुआती प्रशिक्षण से लेकर अकादमी के अनुशासित प्रशिक्षण तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं तक, एक खिलाड़ी के विकास के विभिन्न पड़ावों को दर्शाती है।

टीएसएएफ क्लाइंबिंग अकादमी की औपचारिक स्थापना 2020 में हुई थी और 2021 में इसके रेजिडेंशियल प्रोग्राम की शुरुआत हुई। तब से अकादमी क्लाइंबिंग के खिलाड़ियों के लिए एक मजबूत और निरंतर विकास का मार्ग तैयार करने की दिशा में काम कर रही है। अकादमी युवा क्लाइंबर्स को विशेषज्ञ प्रशिक्षण, पेशेवर कोचिंग, रेजिडेंशियल सपोर्ट, पोषण और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर उपलब्ध कराती है।

जोगा जैसे खिलाड़ियों के लिए अकादमी ने एक व्यवस्थित माहौल उपलब्ध कराया है, जहां एक उभरती हुई युवा क्लाइंबर के रूप में शुरुआत करने से लेकर राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी बनने तक उन्हें लगातार प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिला। वहीं, दीपु जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के लिए अकादमी के साथ जुड़ाव उन्हें उच्चतम स्तर पर प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के साथ-साथ भारत में क्लाइंबिंग के बढ़ते प्रतिस्पर्धी माहौल को मजबूत करने में योगदान देने का मंच प्रदान करता है।

टीएसएएफ में क्लाइंबिंग का विकास टाटा स्टील की खेल प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें निखारने की व्यापक प्रतिबद्धता का भी हिस्सा है। वर्षों से टाटा स्टील अपनी स्पोर्ट्स अकादमियों और विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से अलग-अलग खेल विधाओं के खिलाड़ियों को सहयोग देता रहा है। इसका उद्देश्य युवा प्रतिभाओं को खेल को गंभीरता से अपनाने और पेशेवर प्रशिक्षण एवं प्रतियोगिताओं का अनुभव हासिल करने के अवसर उपलब्ध कराना है।

जमशेदपुर धीरे-धीरे स्पोर्ट क्लाइंबिंग के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरा है, जिसमें टीएसएएफ क्लाइंबिंग अकादमी ने इस विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। अकादमी ने विभिन्न पृष्ठभूमियों से आने वाले युवा खिलाड़ियों को एक मंच पर लाकर ऐसा माहौल तैयार किया है, जहां कम उम्र से ही क्लाइंबिंग को एक प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में अपनाने और उसमें आगे बढ़ने के अवसर मिलते हैं।

जोगा और दीपु की एशियन गेम्स में भागीदारी इस सफर में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ती है। जोगा भारत की उभरती हुई स्पीड क्लाइंबिंग प्रतिभाओं में शामिल होकर एशियाई मंच पर अपनी पहचान बना रही हैं, वहीं दीपु अपने वर्षों के अंतरराष्ट्रीय अनुभव के साथ भारतीय दल का हिस्सा हैं। दोनों की उपलब्धि भारत में स्पोर्ट क्लाइंबिंग के बदलते स्वरूप और इस खेल को पेशेवर रूप से अपनाने वाले खिलाड़ियों के लिए बढ़ते अवसरों को भी दर्शाती हैं।

टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन क्लाइंबिंग अकादमी टीम के ये दोनों खिलाड़ी आइची-नागोया में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रतिस्पर्धा करेंगे। एशियन गेम्स में उनकी भागीदारी केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि भारत में क्लाइंबिंग के लिए एक मजबूत और सतत खेल परिवेश तैयार करने की दिशा में टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन की निरंतर यात्रा का एक और महत्वपूर्ण कदम है।

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