झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमतताओं को लेकर विरोध जता रहे हैं
छात्रों द्वारा पुतला दहन किए जाने के दौरान मुख्य रूप से रांची, गिरिडीह और हजारीबाग जिलों में झड़प और तनाव की स्थिति पैदा हुई है प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ जेपीएससी- जेएसएससी रिफार्मस मंच के तले छात्र राज्य के सभी चौबीस जिलों में मुख्य मंत्री हेमंत सोरेन और अन्य नेताओं का पुतला दहन कर रहे हैं भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह ने कहा कि पुतला दहन के दौरान मुख्य रूप से निम्न लिखित जिलों में छात्रों और पुलिस कर्मियों या सत्ताधारी दल के कार्यकर्ताओं के बीच टकराव हुआ है

रांची- झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमतताओं को लेकर विरोध जता रहे हैं छात्रों द्वारा पुतला दहन किए जाने के दौरान मुख्य रूप से रांची, गिरिडीह और हजारीबाग जिलों में झड़प और तनाव की स्थिति पैदा हुई है प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ जेपीएससी- जेएसएससी रिफार्मस मंच के तले छात्र राज्य के सभी चौबीस जिलों में मुख्य मंत्री हेमंत सोरेन और अन्य नेताओं का पुतला दहन कर रहे हैं
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह ने कहा कि पुतला दहन के दौरान मुख्य रूप से निम्न लिखित जिलों में छात्रों और पुलिस कर्मियों या सत्ताधारी दल के कार्यकर्ताओं के बीच टकराव हुआ है
राजधानी के अल्बर्ट चौक पर जब बड़ी संख्या में छात्र मुख्य मंत्री और अन्य नेताओं का पुतला फूंकने वाले को पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की इस दौरान पुलिस और प्रदर्शन कारी छात्रों के बीच तिखी नोक झोंक और धक्का मुक्की हुई विपक्ष और छात्र संगठनों ने पुलिस की मौजूदगी में झामुमो कार्यकर्ताओं द्वारा छात्रों और महिला अभ्यर्थियों से बदसलूकी और मारपीट के आरोप भी लगाएं है
गिरीडीह के झंडा मैदान में जब छात्र जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर पुतला दहन करने पहुंचे तो वहां झामुमो कार्यकर्ताओं और छात्रों के बीच सीधी भिडंत हो गई दोनों पक्षों में जमकर धक्का मुक्की और मारपीट की स्थिति बनी हजारीबाग जिले में भी पुतला दहन दहन कार्यक्रम के दौरान तनाव देखा गया यहाँ भी पुतला दहन जलाने का प्रयास कर रहे छात्रों और झामुमो कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प हुई
लातेहार समाहरणालय में गेट के पास छात्रों ने पैदल मार्च निकाला और मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया यहाँ पुलिस बल की तैनाती के कारण स्थिति नियंत्रण में रही
श्री सिंह ने कहा कि छात्र संगठनों का आरोप है कि परीक्षाओं में हो रही गडबडियों के खिलाफ शांति पूर्ण आंदोलन करने के बावजूद सरकार और पुलिस बल का उपयोग करके उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है
छात्र आंदोलन में सीबीआई जांच की मांग का मुख्य उद्देश्य भर्ती परीक्षाओं में हुए पेपर लीक भ्रष्टाचार और धांधली के असली मास्टरमाइंडों को बेनकाब करना और पूरी प्रक्रिया में पारर्दाशिता लाना होता है हाल ही में अगस्त 2026 में झारखण्ड में हुए
जेपीएससी, जेएसएससी छात्र आंदोलन के दौरान यह मांग देश भर में सबसे प्रमुख चर्चा का विषय बनी रही जहां छात्रों ने परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर विसंगतियों का आरोप लगाया
छात्रों द्वारा राज्य की स्थानीय पुलिस सीआईडी के बजाय केन्द्रीय अन्वेषण व्यूरो सीबीआई से जांच कराने की प्रमुख वजहें और उनकी मुख्य मांगे निम्नलिखित हैं
श्री सिंह ने कहा कि छात्रों द्वारा सीबीआई जांच की मांग करने के मुख्य कारण हैं छात्रों का मानना है कि राज्य सरकार की एजेंसियां जैसे राज्य पुलिस या सीआईडी स्थानीय नेताओं मंत्रियों या बडे अधिकारियों के दबाव में काम कर सकती है चूंकि सीबीआई एक केन्द्रीय स्वायत्त एजेंसी है इसलिए उससे बिना किसी राजनीतिक दबाव के निष्पक्ष जांच की उम्मीद की जाती है अंतर राज्यीय नेटवर्क पेपर लीक और परीक्षाओं में होने वाले घोटालों के तार अक्सर कई राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश , बिहार, दिल्ली और झारखंड से जुड़े होते हैं राज्य की पुलिस को दूसरे राज्यों में जाकर जांच करने में में कानूनी और प्रशासनिक बाधाएं आती हैं जबकि सीबीआई के पास पूरे प्रदेश में जांच करने का व्यापक अधिकार होता है
बड़ी ब्लैक लिस्टेड कंपनियों की कई बार परीक्षाएं कराने का जिम्मा बाहरी निजी एजेसियों को दिया जाता है जैसे झारखण्ड मामले के लखनऊ की टी एस आर डेटा प्रोसेसिंग प्राईवेट लिमिटेड कंपनी इन कंपनियों के वित्तीय लेन देन और राष्ट्रीय स्तर के भ्रष्टाचार के कडियों को केवल सीबीआई जैसे बडी़ केन्द्रीय एजेंसी ही खंगाल सकती है
श्री सिंह ने कहा कि आंदोलन में छात्रों की मुख्य मांगे भ्रष्टाचार और दागी परीक्षाओं को रद्द करना पेपर लीक के पुख्ता सबूत मिलने पर पुरी परीक्षा के तुरंत रद्द किया जाए और नए सिरे से परीक्षा आयोजित हो दोषियों पर सख्त कारवाई और जेल परीक्षा प्रणाली में शामिल जो भी अधिकारी दलाल या सोल्वर गैंग के सदस्य दोषी पाए जाएं उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर कड़ी सजा दी जाए भविष्य में डिजिटल और फिजिकल सुरक्षा के कड़े इंतजाम ताकि omr शीट से छेड़छाड़ या प्रशन लीक जैसी घटनाएं दोबारा न हो
परीक्षा के बाद कार्बन कापी आंसर की और कट- आफ लिस्ट समय पर जारी की जाए
दिल्ली विशेष पुलिस की स्थापना (DSPE) अधिनियम की धारा 6 के तहत सीबीआई किसी राज्य में जांच शुरू नहीं कर सकती इसके लिए या तो राज्य सरकार को खुद सीबीआई जांच की सिफारिश करनी होती है या फिर हाईकोर्ट /सुप्रीमकोर्ट को इस संबंध में आदेश देना पड़ता है
अक्सर राज्य सरकारों जैसे झारखंड के हेमंत सोरेन सरकार सीबीआई जांच देने से बचती है उनका तर्क होता है कि सीबीआई जांच बहुत लंबी खिंच सकती है जिससे नियुक्तियों में और अधिक देरी होगी इसके बजाय सरकारें अपनी स्थानीय राज्य सीआईडी से जांच कराना बेहतर समझती है
झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी विवाद को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पुतला दहन करने के दौरान छात्रों पर हुए लाठी चार्ज और बबाल के भारतीय जनता पार्टी भाजपा मुख्य विपक्षी दल के रूप में छात्रों के समर्थन में खडी है और सत्ताधारी दल झामुमो पर निशाना साध रही है
श्री सिंह ने कहा कि भाजपा पुतला दहन के दौरान छात्रों पर हुए बल प्रयोग और झामुमो कार्यकर्ताओं के साथ हुई हिंसक झड़प को लोकतंत्र की हत्या और तानाशाही का माडल करार दिया है
श्री सिंह ने कहा कि राज्य के युवा अपनी जायज मागों भर्ती परीक्षा विवाद और सीबीआई जांच को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे लेकिन सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए उन पर लाठियां बरसा रही है श्री सिंह ने झामुमो के गुंडों के द्वारा छात्रों के द्वारा पुतला दहन के दौरान मारपीट और उनके कारनामे की घोर निंदा की है उक्त प्रेस विज्ञप्ति अभय सिंह प्रदेश प्रवक्ता भाजपा ने दी है


