छात्रों पर लाठीचार्ज कर हेमंत सरकार ने लोकतंत्र के मंदिर को किया शर्मसार – कन्हैया सिंह
जेपीएससी - जेएसएससी अभ्यर्थियों के विधानसभा घेराव को रोकने के लिए पुलिस की बर्बर कार्रवाई पर आजसू ने जताया आक्रोश

छात्रों पर लाठीचार्ज कर हेमंत सरकार ने लोकतंत्र के मंदिर को किया शर्मसार – कन्हैया सिंह
जेपीएससी – जेएसएससी अभ्यर्थियों के विधानसभा घेराव को रोकने के लिए पुलिस की बर्बर कार्रवाई पर आजसू ने जताया आक्रोश
जमशेदपुर- जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ लंबे समय से आंदोलनरत छात्रों द्वारा रांची में विधानसभा घेराव के घोषित कार्यक्रम को रोकने के लिए पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज पर आजसू पार्टी ने कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। आजसू के जिला अध्यक्ष कन्हैया सिंह ने इसे छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचलने वाली कार्रवाई बताते हुए हेमंत सरकार पर जमकर निशाना साधा।
कन्हैया सिंह ने कहा कि अपने हक, रोजगार और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग कर रहे झारखंड के नौजवानों को जवाब देने के बजाय सरकार उनके ऊपर लाठियां बरसा रही है। यह सरकार की संवेदनहीनता और विफलता का सबसे बड़ा प्रमाण है। छात्रों के सवालों का समाधान बातचीत की मेज पर होना चाहिए, न कि पुलिस की लाठियों से।
रांची में सोमवार को हजारों जेपीएससी- जेएसएससी अभ्यर्थियों के विधानसभा की ओर मार्च के दौरान पुलिस ने बैरिकेडिंग के बाद वाटर कैनन, आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया।
कन्हैया सिंह ने कहा कि “हेमंत सरकार को याद रखना चाहिए कि जिन हाथों में आज किताब और कलम होनी चाहिए, उन हाथों में अगर सरकार लाठी के डर का अहसास कराएगी तो इसका जवाब झारखंड का युवा लोकतांत्रिक तरीके से जरूर देगा।
उन्होंने कहा कि जेपीएससी- जेएसएससी जैसी संस्थाओं की भर्ती प्रक्रिया को लेकर युवाओं के मन में गंभीर सवाल हैं। युवा लगातार धरना दे रहे हैं, अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं और अपनी मांगों के समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं। ऐसे में सरकार को छात्रों के प्रतिनिधियों से तत्काल वार्ता करनी चाहिए थी।
आजसू जिला अध्यक्ष ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या रोजगार मांगना अपराध है? क्या परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग करना अपराध है? क्या सरकार से सवाल पूछना अपराध है? अगर नहीं, तो फिर छात्रों के शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन का जवाब लाठी से क्यों दिया जा रहा है?
उन्होंने कहा कि यह केवल छात्रों पर लाठीचार्ज नहीं है, बल्कि झारखंड के उस हर युवा के सपने पर प्रहार है जो प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर सरकारी नौकरी के माध्यम से अपना भविष्य बनाने का सपना देख रहा है।
कन्हैया सिंह ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि लाठी के बल पर युवाओं की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। सरकार को तत्काल अहंकार छोड़कर छात्रों से संवाद करना चाहिए और उनकी जायज मांगों पर स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज झारखंड का युवा पूछ रहा है कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता कब आएगी, दोषियों पर कार्रवाई कब होगी और मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को न्याय कब मिलेगा? सरकार इन सवालों से भागने के बजाय जनता और युवाओं को जवाब दे।
कन्हैया सिंह ने कहा कि आजसू पार्टी झारखंड के छात्रों और युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है। युवाओं के अधिकार, रोजगार और पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया की लड़ाई को किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार जितनी ताकत लाठी और बैरिकेडिंग लगाने में लगा रही है, उतनी ताकत अगर युवाओं की समस्याओं के समाधान में लगाए तो झारखंड के छात्रों को सड़क पर उतरने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।
आजसू ने मांग की कि छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से तत्काल वार्ता कर उनकी मांगों का समाधान निकाला जाए तथा आज की पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष समीक्षा की जाए।



