भारतीय धातु संस्थान, जमशेदपुर चैप्टर द्वारा परमाणु अनुप्रयोगों में सामग्रियों की स्थिति एवं रुझानों पर विशेषज्ञ तकनीकी व्याख्यान
भारतीय धातु संस्थान (IIM), जमशेदपुर चैप्टर ने CSIR–राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (CSIR-NML), जमशेदपुर के सहयोग से “Status and Trends in Materials for Nuclear Applications” (परमाणु अनुप्रयोगों में सामग्रियों की स्थिति एवं रुझान) विषय पर एक विशेषज्ञ तकनीकी व्याख्यान का आयोजन 17 अगस्त 2026 को CSIR-NML सभागार, बर्मामाइंस, जमशेदपुर में किया। व्याख्यान डॉ. कोमल कपूर, अध्यक्ष, भारतीय धातु संस्थान (IIM) तथा अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी, न्यूक्लियर फ्यूल कॉम्प्लेक्स (NFC) द्वारा दिया गया

भारतीय धातु संस्थान, जमशेदपुर चैप्टर द्वारा परमाणु अनुप्रयोगों में सामग्रियों की स्थिति एवं रुझानों पर विशेषज्ञ तकनीकी व्याख्यान

भारतीय धातु संस्थान (IIM), जमशेदपुर चैप्टर ने CSIR–राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (CSIR-NML), जमशेदपुर के सहयोग से “Status and Trends in Materials for Nuclear Applications” (परमाणु अनुप्रयोगों में सामग्रियों की स्थिति एवं रुझान) विषय पर एक विशेषज्ञ तकनीकी व्याख्यान का आयोजन 17 अगस्त 2026 को CSIR-NML सभागार, बर्मामाइंस, जमशेदपुर में किया। व्याख्यान डॉ. कोमल कपूर, अध्यक्ष, भारतीय धातु संस्थान (IIM) तथा अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी, न्यूक्लियर फ्यूल कॉम्प्लेक्स (NFC) द्वारा दिया गया।
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कार्यक्रम में डॉ. संदीप घोष चौधरी, निदेशक, CSIR-NML; डॉ. अतनु रंजन पाल, चेयरपर्सन, IIM जमशेदपुर चैप्टर; डॉ. एस. शिव प्रसाद, मुख्य वैज्ञानिक, CSIR-NML; डॉ. रघुवीर सिंह, मुख्य वैज्ञानिक, CSIR-NML; डॉ. ए. एन. भगत, पूर्व चेयरपर्सन, IIM जमशेदपुर चैप्टर; डॉ. टी. भास्कर, मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी; तथा श्री तन्मय भट्टाचार्य, चीफ, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट एवं इम्प्लीमेंटेशन, रिसर्च एंड डेवलपमेंट, टाटा स्टील लिमिटेड सहित CSIR-NML, टाटा स्टील, NIT जमशेदपुर एवं अन्य संस्थानों के अनेक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक, धातुकर्मी, अभियंता, शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

डॉ. अतनु रंजन पाल, चेयरपर्सन, IIM जमशेदपुर चैप्टर ने स्वागत भाषण दिया तथा चैप्टर के उद्देश्यों, पहलों और विभिन्न तकनीकी एवं व्यावसायिक गतिविधियों की जानकारी साझा की। डॉ. संदीप घोष चौधरी, निदेशक, CSIR-NML ने विशिष्ट वक्ता का परिचय कराया और ज्ञान के आदान-प्रदान तथा अनुसंधान संस्थानों, अकादमिक जगत और उद्योग के बीच मजबूत संबंध स्थापित करने के लिए प्रतिष्ठित विशेषज्ञों द्वारा नियमित रूप से विशेष तकनीकी व्याख्यान आयोजित करने के महत्व पर जोर दिया।
अपने विशेषज्ञ व्याख्यान में डॉ. कोमल कपूर ने परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में अपने व्यापक अनुभव एवं विशेषज्ञता के आधार पर “परमाणु अनुप्रयोगों में सामग्रियों की स्थिति एवं रुझान” विषय का विस्तृत अवलोकन प्रस्तुत किया। व्याख्यान में परमाणु अनुप्रयोगों के लिए सामग्रियों से संबंधित मौलिक एवं अनुप्रयोग-आधारित दोनों पहलुओं पर चर्चा की गई। उन्होंने परमाणु प्रणालियों की सुरक्षा, विश्वसनीयता, टिकाऊपन तथा दीर्घकालिक कार्य-प्रदर्शन सुनिश्चित करने में उन्नत सामग्रियों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।
डॉ. कपूर ने अत्यंत चुनौतीपूर्ण परमाणु वातावरण में सामग्रियों से जुड़ी विभिन्न चुनौतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला, जिनमें अत्यधिक परिचालन परिस्थितियां, संरचनात्मक अखंडता, विकिरण का प्रभाव, संक्षारण, उच्च तापमान पर प्रदर्शन तथा लंबे समय तक सेवा-विश्वसनीयता प्रमुख हैं। उन्होंने परमाणु सामग्रियों के क्षेत्र में उभरते रुझानों एवं तकनीकी विकास की भी जानकारी दी तथा भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम की भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए निरंतर अनुसंधान, नवाचार और स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं के विकास के महत्व पर बल दिया।
इस विशेषज्ञ व्याख्यान से परमाणु अनुप्रयोगों के लिए विकसित हो रहे सामग्रियों के परिदृश्य की महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई। साथ ही, सुरक्षित, विश्वसनीय एवं सतत परमाणु प्रौद्योगिकियों के विकास में सामग्री विज्ञान एवं अभियांत्रिकी के महत्वपूर्ण योगदान को भी रेखांकित किया गया। व्याख्यान अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं विचारोत्तेजक रहा, जिसने विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों एवं उद्योग जगत के पेशेवरों के बीच विशेष रुचि उत्पन्न की।
कार्यक्रम में 200 से अधिक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इनमें CSIR-NML एवं टाटा स्टील के वैज्ञानिक एवं पेशेवर, विभिन्न संस्थानों के शिक्षक एवं विद्यार्थी तथा व्यापक धातुकर्म एवं सामग्री अभियांत्रिकी समुदाय से जुड़े शोधकर्ता एवं विशेषज्ञ शामिल थे। व्याख्यान के पश्चात एक इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने डॉ. कपूर से परमाणु सामग्रियों, तकनीकी विकास तथा परमाणु ऊर्जा के भविष्य से संबंधित विभिन्न विषयों पर संवाद किया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. गोपी किशोर मंडल, सचिव, IIM जमशेदपुर चैप्टर ने किया तथा उन्होंने धन्यवाद ज्ञापन भी प्रस्तुत किया। उन्होंने डॉ. कोमल कपूर के प्रति उनके बहुमूल्य ज्ञान, अनुभव एवं विचारों को प्रतिभागियों के साथ साझा करने के लिए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. संदीप घोष चौधरी, डॉ. अतनु रंजन पाल, डॉ. चिरदीप घोष एवं डॉ. ललित मीणा के बहुमूल्य सहयोग एवं योगदान के लिए विशेष आभार व्यक्त किया गया। डॉ. मंडल ने सभी विशिष्ट अतिथियों, प्रतिभागियों एवं उपस्थितजनों को उनकी उत्साहपूर्ण सहभागिता एवं कार्यक्रम की सफलता में योगदान के लिए धन्यवाद दिया।
यह विशेषज्ञ व्याख्यान ज्ञान-विनिमय, तकनीकी संवाद एवं व्यावसायिक नेटवर्किंग के लिए एक महत्वपूर्ण मंच सिद्ध हुआ। कार्यक्रम ने धातुकर्म एवं सामग्री अभियांत्रिकी के क्षेत्र में निरंतर सीखने, तकनीकी उत्कृष्टता तथा अकादमिक जगत, अनुसंधान संस्थानों और उद्योग के बीच सार्थक सहयोग को बढ़ावा देने के प्रति IIM जमशेदपुर चैप्टर की प्रतिबद्धता को और मजबूत किया।



